Sunday, February 10, 2019

शहतूत की नर्सरी

सभी किसान भाइयों को नमस्कार यह जो मेरा वीडियो है यह शहतूत के टहनियां हैं कटर से काटी जा रही है उसके दो या तीन आंख रखकर काटी जाती है इसका इस्तेमाल शहतूत की नर्सरी बनाने के लिए किया जाता है 3 महीने की नर्सरी होने के बाद इसे उखाड़कर खेत में 5 फुट की दूरी और कतार से कतार की दूरी 3 फीट और पौधे से पौधे की दूरी 2 फीट रखकर लगाया जाता है और इसका इस्तेमाल रेशीम उद्योग की खेती में किया जाता है इसका पत्ता लगाने के 3 महीने के बाद तैयार हो जाता है जोकि रेशम के कीट अली को खिलाया जाता है रेशम के अली एक महीना पत्ता खाकर कोष यानी रेशम तैयार कर देती है फिर उसके बाद निकाल कर मार्केट में बेचा जाता है अभी हाल ही का रेट 30000 से लेकर 48000 प्रति क्विंटल चल रहा है और यह यह शहतूत की V1 prajati hai. इसमें सरकार की तरफ से अनुदान भी मिलता है जोकि पहले हमको खुद खर्च करना पड़ता है बाद में हमारा Resham जैसा भी मार्केट में बिकता है जो भी आपका खर्च आया वह आपको मिल जाता है और इस तरह से किसान की आर्थिक स्थिति सुधारी जाती है अभी मैं 1 एकड़ में लगा रहा हूं जहां पर मुझे 6000 पौधे लगेंगे और 1 एकड़ से तकरीबन पहले साल में 3 कुंटल रेशम उपज कर सकता हूं और रेशम बनाना October के बाद चालू हो जाएगा हर 45 दिन बाद एक फसल निकलेगी फिर अगले साल हर 15 दिन में एक फसल निकलेगी जैसे कि पौधे बढ़ जाएंगे और एक बार पौधा लगाने के बाद 15 साल तक लगाने की जरूरत नहीं है वही पौधे बार-बार कटाई करके रेशम के कीड़ों को खिलाया जाता है हर कटाई के बाद सिंचाई की आवश्यकता होती है जिसे भी इसके बारे में जानकारी चाहिए मेरा मोबाइल नंबर है 94218 50264

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