Sunday, June 24, 2018

"Time to Time Update & Upgrade"

1998 में Kodak में 1,70,000 कर्मचारी काम करते थे और वो दुनिया का 85% फ़ोटो पेपर बेचते थे..चंद सालों में ही Digital photography ने उनको बाज़ार से बाहर कर दिया.. Kodak दिवालिया हो गयी और उनके सब कर्मचारी सड़क पे आ गए।
HMT (घडी)
BAJAJ (स्कूटर)
DYNORA (टीवी)
MURPHY (रेडियो)
NOKIA (मोबाइल)
RAJDOOT (बाईक)
AMBASDOR (कार)
मित्रों,
इन सभी की गुणवक्ता में कोई कमी नहीं थी फिर भी बाजार से बाहर हो गए!!
कारण???
उन्होंने समय के साथ बदलाव नहीं किया.!!
आपको अंदाजा है कि आने वाले 10 सालों में दुनिया पूरी तरह बदल जायेगी और आज चलने वाले 70 से 90% उद्योग बंद हो जायेंगे।
चौथी औद्योगिक क्रान्ति में आपका स्वागत है...
Uber सिर्फ एक software है। उनकी अपनी खुद की एक भी Car नहीं इसके बावजूद वो दुनिया की सबसे बड़ी Taxi Company है।
Airbnb दुनिया की सबसे बड़ी Hotel Company है, जब कि उनके पास अपना खुद का एक भी होटल नहीं है।
Paytm, ola cabs , oyo rooms जैसे अनेक उदाहरण हैं।
US में अब युवा वकीलों के लिए कोई काम नहीं बचा है, क्यों कि IBM Watson नामक Software पल भर में ज़्यादा बेहतर Legal Advice दे देता है। अगले 10 साल में US के 90% वकील बेरोजगार हो जायेंगे... जो 10% बचेंगे... वो Super Specialists होंगे।
Watson नामक Software मनुष्य की तुलना में Cancer का Diagnosis 4 गुना ज़्यादा Accuracy से करता है। 2030 तक Computer मनुष्य से ज़्यादा Intelligent हो जाएगा।
2018 तक Driverless Cars सड़कों पे उतरने लगेंगी। 2020 तक ये एक अकेला आविष्कार पूरी दुनिया को बदलने की शुरुआत कर देगा।
अगले 10 सालों में दुनिया भर की सड़कों से 90% cars गायब हो जायेंगी... जो बचेंगी वो या तो Electric Cars होंगी या फिर Hybrid...सडकें खाली होंगी,Petrol की खपत 90% घट जायेगी,सारे अरब देश दिवालिया हो जायेंगे।
आप Uber जैसे एक Software से Car मंगाएंगे और कुछ ही क्षणों में एक Driverless कार आपके दरवाज़े पे खड़ी होगी...उसे यदि आप किसी के साथ शेयर कर लेंगे तो वो ride आपकी Bike से भी सस्ती पड़ेगी।
Cars के Driverless होने के कारण 99% Accidents होने बंद हो जायेंगे.. इस से Car Insurance नामक धन्धा बंद हो जाएगा।
ड्राईवर जैसा कोई रोज़गार धरती पे नहीं बचेगा। जब शहरों और सड़कों से 90% Cars गायब हो जायेंगी, तो Traffic और Parking जैसी समस्याएं स्वतः समाप्त हो जायेंगी... क्योंकि एक कार आज की 20 Cars के बराबर होगी।
आज से 5 या 10 साल पहले ऐसी कोई ऐसी जगह नहीं होती थी जहां PCO न हो। फिर जब सब की जेब में मोबाइल फोन आ गया, तो PCO बंद होने लगे.. फिर उन सब PCO वालों ने फोन का recharge बेचना शुरू कर दिया। अब तो रिचार्ज भी ऑन लाइन होने लगा है।
आपने कभी ध्यान दिया है..?
आजकल बाज़ार में हर तीसरी दुकान आजकल मोबाइल फोन की है।
sale, service, recharge , accessories, repair, maintenance की।
अब सब Paytm से हो जाता है.. अब तो लोग रेल का टिकट भी अपने फोन से ही बुक कराने लगे हैं.. अब पैसे का लेनदेन भी बदल रहा है.. Currency Note की जगह पहले Plastic Money ने ली और अब Digital हो गया है लेनदेन।
दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है.. आँख कान नाक खुले रखिये वरना आप पीछे छूट जायेंगे..।
समय के साथ बदलने की तैयारी करें।
इसलिए...
व्यक्ति को समयानुसार अपने व्यापार एवं अपने स्वभाव में भी बदलाव करते रहना चाहिये।
"Time to Time Update & Upgrade"

Saturday, June 23, 2018

मोहनदास करमचंद गांधी की कथित सेक्स लाइफ

मोहनदास करमचंद गांधी की कथित सेक्स लाइफ पर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है. लंदन के प्रतिष्ठित अख़बार “द टाइम्स” के मुताबिक गांधी को कभी भगवान की तरह पूजने वाली 82 वर्षीया गांधीवादी इतिहासकार कुसुम वदगामा ने कहा है कि गांधी को सेक्स की बुरी लत थी, वह आश्रम की कई महिलाओं के साथ निर्वस्त्र सोते थे, वह इतने ज़्यादा कामुक थे कि ब्रम्हचर्य के प्रयोग और संयम परखने के बहाने चाचा अमृतलाल तुलसीदास गांधी की पोती और जयसुखलाल की बेटी मनुबेन गांधी के साथ सोने लगे थे. ये आरोप बेहद सनसनीख़ेज हैं क्योंकि किशोरावस्था में कुसुम भी गांधी की अनुयायी रही हैं. कुसुम, दरअसल, लंदन में पार्लियामेंट स्क्वॉयर पर गांधी की प्रतिमा लगाने का विरोध कर रही हैं. बहरहाल, दुनिया भर में कुसुम के इंटरव्यू छप रहे हैं.
वैसे तो महात्मा गांधी की सेक्स लाइफ पर अब तक अनेक किताबें लिखी जा चुकी हैं. जो ख़ासी चर्चित भी हुई हैं. मशहूर ब्रिटिश इतिहासकार जेड ऐडम्स ने पंद्रह साल के गहन अध्ययन और शोध के बाद 2010 में “गांधी नैकेड ऐंबिशन” लिखकर सनसनी फैला दी थी. किताब में गांधी को असामान्य सेक्स बीहैवियर वाला अर्द्ध-दमित सेक्स-मैनियॉक कहा गया है. किताब राष्ट्रपिता के जीवन में आई लड़कियों के साथ उनके आत्मीय और मधुर रिश्तों पर ख़ास प्रकाश डालती है. मसलन, गांधी नग्न होकर लड़कियों और महिलाओं के साथ सोते थे और नग्न स्नान भी करते थे.
देश के सबसे प्रतिष्ठित लाइब्रेरियन गिरिजा कुमार ने गहन अध्ययन और गांधी से जुड़े दस्तावेज़ों के रिसर्च के बाद 2006 में “ब्रम्हचर्य गांधी ऐंड हिज़ वीमेन असोसिएट्स” में डेढ़ दर्जन महिलाओं का ब्यौरा दिया है जो ब्रम्हचर्य में सहयोगी थीं और गांधी के साथ निर्वस्त्र सोती-नहाती और उन्हें मसाज़ करती थीं. इनमें मनु, आभा गांधी, आभा की बहन बीना पटेल, सुशीला नायर, प्रभावती (जयप्रकाश नारायण की पत्नी), राजकुमारी अमृतकौर, बीवी अमुतुसलाम, लीलावती आसर, प्रेमाबहन कंटक, मिली ग्राहम पोलक, कंचन शाह, रेहाना तैयबजी शामिल हैं. प्रभावती ने तो आश्रम में रहने के लिए पति जेपी को ही छोड़ दिया था. इससे जेपी का गांधी से ख़ासा विवाद हो गया था.
तक़रीबन दो दशक तक महात्मा गांधी के व्यक्तिगत सहयोगी रहे निर्मल कुमार बोस ने अपनी बेहद चर्चित किताब “माई डेज़ विद गांधी” में राष्ट्रपिता का अपना संयम परखने के लिए आश्रम की महिलाओं के साथ निर्वस्त्र होकर सोने और मसाज़ करवाने का ज़िक्र किया है. निर्मल बोस ने नोआखली की एक ख़ास घटना का उल्लेख करते हुए लिखा है, “एक दिन सुबह-सुबह जब मैं गांधी के शयन कक्ष में पहुंचा तो देख रहा हूं, सुशीला नायर रो रही हैं और महात्मा दीवार में अपना सिर पटक रहे हैं.” उसके बाद बोस गांधी के ब्रम्हचर्य के प्रयोग का खुला विरोध करने लगे. जब गांधी ने उनकी बात नहीं मानी तो बोस ने अपने आप को उनसे अलग कर लिया.
ऐडम्स का दावा है कि लंदन में क़ानून पढ़े गांधी की इमैज ऐसा नेता की थी जो सहजता से महिला अनुयायियों को वशीभूत कर लेता था. आमतौर पर लोगों के लिए ऐसा आचरण असहज हो सकता है पर गांधी के लिए सामान्य था. आश्रमों में इतना कठोर अनुशासन था कि गांधी की इमैज 20 वीं सदी के धर्मवादी नेता जैम्स वॉरेन जोन्स और डेविड कोरेश जैसी बन गई जो अपनी सम्मोहक सेक्स-अपील से अनुयायियों को वश में कर लेते थे. ब्रिटिश हिस्टोरियन के मुताबिक गांधी सेक्स के बारे लिखना या बातें करना बेहद पसंद करते थे. इतिहास के तमाम अन्य उच्चाकाक्षी पुरुषों की तरह गांधी कामुक भी थे और अपनी इच्छा दमित करने के लिए ही कठोर परिश्रम का अनोखा तरीक़ा अपनाया. ऐडम्स के मुताबिक जब बंगाल के नोआखली में दंगे हो रहे थे तक गांधी ने मनु को बुलाया और कहा “अगर तुम मेरे साथ नहीं होती तो मुस्लिम चरमपंथी हमारा क़त्ल कर देते. आओ आज से हम दोनों निर्वस्त्र होकर एक दूसरे के साथ सोएं और अपने शुद्ध होने और ब्रह्मचर्य का परीक्षण करें.”
किताब में महाराष्ट्र के पंचगनी में ब्रह्मचर्य के प्रयोग का भी वर्णन है, जहां गांधी के साथ सुशीला नायर नहाती और सोती थीं. ऐडम्स के मुताबिक गांधी ने ख़ुद लिखा है, “नहाते समय जब सुशीला मेरे सामने निर्वस्त्र होती है तो मेरी आंखें कसकर बंद हो जाती हैं. मुझे कुछ भी नज़र नहीं आता. मुझे बस केवल साबुन लगाने की आहट सुनाई देती है. मुझे कतई पता नहीं चलता कि कब वह पूरी तरह से नग्न हो गई है और कब वह सिर्फ़ अंतःवस्त्र पहनी होती है.” दरअसल, जब पंचगनी में गांधी के महिलाओं के साथ नंगे सोने की बात फैलने लगी तो नथुराम गोड्से के नेतृत्व में वहां विरोध प्रदर्शन होने लगा. इससे गांधी को प्रयोग बंद कर वहां से बोरिया-बिस्तर समेटना पड़ा. बाद में गांधी हत्याकांड की सुनवाई के दौरान गोड्से के विरोध प्रदर्शन को गांधी की हत्या की कई कोशिशों में से एक माना गया.
ऐडम्स का दावा है कि गांधी के साथ सोने वाली सुशीला, मनु, आभा और अन्य महिलाएं गांधी के साथ शारीरिक संबंधों के बारे हमेशा गोल-मटोल और अस्पष्ट बाते करती रहीं. उनसे जब भी पूछा गया तब केवल यही कहा कि वह सब ब्रम्हचर्य के प्रयोग के सिद्धांतों का अभिन्न अंग था. गांधी की हत्या के बाद लंबे समय तक सेक्स को लेकर उनके प्रयोगों पर भी लीपापोती की जाती रही. उन्हें महिमामंडित करने और राष्ट्रपिता बनाने के लिए उन दस्तावेजों, तथ्यों और सबूतों को नष्ट कर दिया गया, जिनसे साबित किया जा सकता था कि संत गांधी, दरअसल, सेक्स-मैनियॉक थे. कांग्रेस भी स्वार्थों के लिए अब तक गांधी के सेक्स-एक्सपेरिमेंट से जुड़े सच छुपाती रही है. गांधी की हत्या के बाद मनु को मुंह बंद रखने की सख़्त हिदायत दी गई. उसे गुजरात में एक बेहद रिमोट इलाक़े में भेज दिया गया. सुशीला भी इस मसले पर हमेशा चुप्पी साधे रही. सबसे दुखद बात यह है कि गांधी के ब्रम्हचर्य के प्रयोग में शामिल क़रीब-क़रीब सभी महिलाओं का वैवाहिक जीवन नष्ट हो गया..
साभार

सप्तपर्णी के से प्राप्त दूधनुमा द्रव को तेल के साथ मिलाकर कान में ड़ालने से कान दर्द में आराम मिल जाता है।

अक्सर उद्यानों, सड़कों और घरों के आसपास सुंदर सफेद फूलों वाले मध्यम आकार के सप्तपर्णी के पेड़ देखे जा सकते हैं। यह एक ऐसा पेड़ है जिसकी पत्तियाँ चक्राकार समूह में सात – सात के क्रम में लगी होती है और इसी कारण इसे सप्तपर्णी कहा जाता है। इसका वानस्पतिक नाम एल्सटोनिया स्कोलारिस है। सुंदर फ़ूलों और उनकी मादक गंध की वजह से इसे उद्यानों में भी लगाया जाता है और फूलों को अक्सर मंदिरों और पूजा घरों में भगवान को अर्पित भी किया जाता है। आदिवासियों के बीच इस पेड़ की छाल, पत्तियों आदि को अनेक हर्बल नुस्खों के तौर पर अपनाया जाता है। चलिए आज जानते हैं सप्तपर्णी के औषधीय महत्व के बारे में।
आधुनिक विज्ञान इसकी छाल से प्राप्त डीटेइन और डीटेमिन जैसे रसायनों को क्विनाईन से बेहतर मानता है। आदिवासियों के अनुसार इस पेड़ की छाल को सुखाकर चूर्ण बनाया जाए और 2-6 ग्राम मात्रा का सेवन किया जाए, इसका असर मलेरिया के बुखार में तेजी से करता है। मजे की बात है इसका असर कुछ इस तरह होता है कि शरीर से पसीना नहीं आता जबकि क्विनाईन के उपयोग के बाद काफी पसीना आता है।
पेड़ से प्राप्त दूधनुमा द्रव को तेल के साथ मिलाकर कान में ड़ालने से कान दर्द में आराम मिल जाता है। डाँगी आदिवासियों की मानी जाए तो रात सोने से पहले २ बूंद द्रव की कान में ड़ाल दी जाए तो कान दर्द में राहत मिलती है।
पातालकोट के आदिवासियों का मानना है कि प्रसव के बाद माता को यदि छाल का रस पिलाया जाता है तो माता के स्तनों से दुध स्त्रावण की मात्रा बढ जाती है।
जुकाम और बुखार होने पर सप्तपर्णी की छाल, गिलोय का तना और नीम की आंतरिक छाल की समान मात्रा को कुचलकर काढा बनाया जाए और रोगी को दिया जाए तो अतिशीघ्र आराम मिलता है।
दाद, खाज और खुजली में भी आराम देने के लिए सप्तपर्णी की छाल के रस का उपयोग किया जाता है। छाल के रस के अलावा इसकी पत्तियों का रस भी खुजली, दाद, खाज आदि मिटाने के लिए काफी कारगर होता है। आधुनिक विज्ञान भी इन दावों से काफी सहमत है।
पेड़ से प्राप्त होने वाले दूधनुमा द्रव को घावों, अल्सर आदि पर लगाने से आराम मिल जाता है। दूधनुमा द्रव को घावों पर उंगली से लगाया जाए तो जल्दी घाव सूखने लगते हैं। घावों पर द्रव को प्रतिदिन रात सोने से पहले लगाना चाहिए।
डाँग-गुजरात के आदिवासियों के अनुसार किसी भी तरह केदस्त की शिकायत होने पर सप्तपर्णी की छाल का काढा रोगी को पिलाया जाए, दस्त तुरंत रुक जाते हैं। काढे की मात्रा ३ से ६ मिली तक होनी चाहिए तथा इसे कम से कम तीन बार प्रत्येक चार घंटे के अंतराल से दिया जाना चाहिए।
सप्तपर्णी की छाल का काढा पिलाने से बदन दर्द और बुखार में आराम मिलता है। डाँग- गुजरात के आदिवासियों के अनुसार इसकी छाल को सुखा लिया जाए और चूर्ण तैयार किया जाए। चूर्ण को पानी के साथ उबालकर काढा तैयार किया जाता है और रोगी को दिया जाता है।कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें व पुण्य कमाएँ आपका अपना डॉ जितेंद्र गिल सदस्य भारतीय चिकित्सा परिषद् हरियाणा!

Friday, June 22, 2018

cow milk

fine art classes

सिवान में अराध्या की प्रदर्शनी (

No automatic alt text available.


सिवान में अराध्या की प्रदर्शनी ( 7-8 /7 /) लग रही है है । इसमें cooking ka stall भी लगेगा। जो लोग इंटरेस्टिंग है वह अपना काउंटर लगा कर अपने खाने के आइटम बनाकर डेमो और सेल कर सकते हैं जो इच्छुक है वह सम्पर्क करें अति शीघ्र । मेहदी का लगाने का अपना काउंटर. लगा सकते है
Art items का भी काउंटर लगा सकते है सेल के लिए


PG Accommodation available near Prabhat road for females Hello,

PG Accommodation available near Prabhat road for females
Hello,
We have a 4 room-2 bedroom flat in a very safe neighborhood, close to Kamla Nehru Park. Rent is 6000 or 8000 per person for a month. You have to pay 6 months rent in advance, 1 month's deposit and sign a 1-year contract. Electricity is included in the rent.
A total of 9 girls stay here and we provide study tables, chairs, beds and cupboards. We provide a kitchen stove for making tea and coffee (Cooking is not allowed though).
This place is a steal and is a 12 min walk to FC road and lots of restaurants. Let me know if you are interested.
Thanks!

एसडीओ को हटाने कांग्रेस रेवोलुएशन ने सौंपा ज्ञापन

एसडीओ को हटाने कांग्रेस रेवोलुएशन ने सौंपा ज्ञापन

मण्डला दर्पण। इंडियन नेशनल कांग्रेस रेवोलुशन टीम जिला ईकाई मण्डला ने मुख्यमंत्री के नाम गुरूवार को ज्ञापन सौंपा है। मांग है कि संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग परियोजना क्रियान्वयन ईकाई-29 में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी राजेश बाबू सोनी का स्थानांतरण करते हुए संपत्ति की जांच की जावे। जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश बरमैया ने बताया कि उक्त अधिकारी के पास अनुविभाग मण्डला, नैनपुर, नारायणगंज, बीजाडांडी, निवास क्षेत्र का प्रभार है, जो नियम-विरूद्ध है। इन सभी क्षेत्रों की दूरी मुख्यालय से काफी दूर है, जहां तक पहुंच पाना हर दिन संभव नहीं है। वहीं इन सभी क्षेत्रों में करोड़ों रूपये की लागत से छात्रावास, आश्रम, विद्यालय सहित अन्य निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। मिलीभगत के चलते इन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का अभाव देखा जा रहा है। वहीं घटिया निर्माण हो रहा है। भवनों के निर्माण में मानक स्तर का लोहा नहीं लगाया जा रहा है, वहीं मापदंडों को दरकिनार कर मिलीभगत से घटिया निर्माण किया जा रहा है। ग्राम चटुआमार, सेमरखापा, टिकरिया, निवारी-नैनपुर, बीजाडांडी, कुड़ामैली, डालाखापा जैसे अनेक स्थानों में भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। ठेकेदारों से तालमेल कर घटिया निर्माण को अंजाम दिया जा रहा है, साथ ही अमानक स्तर की टाइल्स पत्थर व सेनेटरी आइटम में गुणवत्ता का अभाव दिखाई दे रहा है। लंबे समय से पदस्थ अधिकारी के स्थानांतरण के साथ गैर-आनुपातिक संपत्ति की जांच किये जाने मांग की गई है। जिले में शिक्षा की गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करोड़ों की लागत से छात्रावास, स्कूल भवन, कन्या आश्रम बनाये जा रहे हैं। इनकी उपयोगिता और स्थल चयन को लेकर अक्सर विवाद दिखाई दिया है। कुछ निर्माण तो ऐसे स्थानों में करा दिये गये हैं, जहां तक सहजता से पहुंच पाना कठिन है। आवागमन के लिये कहीं मेढ़ तो कहीं पगडंडी से जाना पड़ता है। बड़े-बड़े ठेकेदार और उनके मातहत ऐसे काम कर रहे हैं जिसकी कल्पना किया जाना संभव नहीं है। स्टीमेट, मानचित्र ड्राइंग के साथ निर्माण की गुणवत्ता पर अमानक स्तर का मटेरियल लगाया जा रहा है। जिस लागत के भवन तैयार कराये जा रहे हैं उस हिसाब से इन भवनों की उम्र 100 वर्ष होनी चाहिए, लेकिन देखने में आया कि अधिकांश भवन 5 साल के अंदर ही जर्जर हो रहे हैं। दिवालों में बड़ी-बड़ी दरारें तो कहीं नींव बैठने की जानकारी सामने आयी है। जिस विभाग को लेकर यह ज्ञापन सौंपा गया है उस विभाग की जानकारी कम ही लोगों को होगी। हर वर्ष यहां अरबों रूपये के काम करा दिये जाते हैं। काम करने वाले ठेकेदारों के पास न लैब है और ना ही उनके साइड इंजीनियर। करोड़ों के टेन्डर लेने के बाद भी इनके मटेरियल की जांच न होना लापरवाही को इंगित् करता है। वर्ष 2016-17 में बाजाबोरिया, बढ़ार, पटपर सिंगारपुर, ग्वारी, मेढ़ाताल, धनगाँव, डोंगर मण्डला, डालाखापा, बिलगढ़ा, तवलपानी, छापा, देवहारा, पाठा, बिसौरा, अतरिया, कुम्हली, उमरडीह जैसे तमाम स्थानों में बालिका छात्रावास, मॉडल स्कूल, हाईस्कूल भवन, कन्या आश्रम का निर्माण कराया जा रहा है। इस दौरान जिला प्रभारी दीपक बैरागी, निवास विधानसभा अध्यक्ष कमलकांत सैयाम, संगठन मंत्री मुकेश मार्को, शहजाद खान, निक्की कछवाहा, मण्डला विधानसभा अध्यक्ष पंचम कुर्राम, राजेन्द्र यादव, राजेश यादव, सुरेन्द्र श्रीवास, कुंवर सिंह, पंकज पटैल, सचिन माधवी, कमलेश मर्सकोले, संतोष रजक सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अमेरिका की होमलैंड सिक्योरिटी का ईमेल ID

To,
The Honorable Kirstjen M. Nielsen
Secretary of Homeland Security

Dear Madam ,

I come to know from news papers that in India, one individual "Shadiya Siddique" has obtained passport with different name "Tanvi Seth" in order to apply US H1 B visa ,
Which was suggested to rejected with her earlier name .

She is also known as "Shadiya Anas" or "Shadiya Anas Siddique".

While I dont know the individual and i dont have any prejudice, however as an Indian citizen, I want to ensure safety and security of your country who is always friendly to India.

This was widely published in Indian news papers. while I can not guarantee the accuracy of these news , hence you may probe through finger prints and photographs.

Kindly uphold your law

----------/--------
यह अमेरिका की ताकतवर होमलैंड सिक्योरिटी का ईमेल ID और ऑफिस का पता है

आप इन्हें मेल भी करिए और सादिया अनस सिद्दीकी के बारे में चिट्ठी भी लिखिए अमेरिका की होमलैंड सिक्योरिटी अपने देश के प्रति काफी सतर्क रहती है और छोटे से छोटे संदेह पर भी किसी को डिपोर्ट कर देती है

DHSSecretary@hq.dhs.gov

By Mail:
The Honorable Kirstjen M. Nielsen
Secretary of Homeland Security
Washington, D.C. 20528

Monday, June 18, 2018

मद्रास हाईकोर्ट ने देश भर के स्कूलों में पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों के होमवर्क पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया;

मद्रास हाईकोर्ट ने देश भर के स्कूलों में पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों के होमवर्क पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया;
मद्रास हाईकोर्ट द्वारा केंद्र और राज्यों को निर्देश दिया कि वे सीबीएसई सहित देश भर के स्कूलों में कक्षा एक और दो के छात्रों के होमवर्क पर प्रतिबंध लगाएं।
कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वे वह सभी राज्य सरकारों को अविलंब यह बताए कि एनसीईआरटी के अनुरूप कक्षा एक और दो के छात्रों को भाषा और गणित तथा तीसरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों को भाषा, ईवीएस और गणित के अलावा कोई अन्य विषय नहीं पढाएं।
कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को अविलंब निर्देश दे कि वे तेलंगाना और महाराष्ट्र सरकारों की नीतियों के अनुरूप ‘बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने के बारे में दिशानिर्देश निर्धारित करें।
न्यायमूर्ति एन किरुबरन ने एडवोकेट एम पुरुषोत्तमन की याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिए। इस याचिका में 29 जुलाई 2017 को सीबीएसई द्वारा जारी सर्कुलर को चुनौती दी गयी है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद भारत सरकार के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग और मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार; राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) को निर्देश दिया कि वह सीबीएसई स्कूलों को एनसीईआरटी की किताबें ही खरीदने का आदेश जारी करें न कि निजी प्रकाशकों की।
कोर्ट ने इस क्रम में निम्नलिखित निर्देश जारी किए –
(a) प्रतिवादी, खासकर प्रतिवादी नंबर 3, 4 और 5 को निर्देश दिया जाता है कि वे सीबीएसई स्कूलों को कक्षा एक और दो के छात्रों को होमवर्क देने से रोकें।
(b) प्रतिवादी 3 और 4 को निर्देश दिया जाता है कि वे यह पता करने के लिए उड़न दस्ते बनाएं कि कक्षा एक और दो के बच्चों को कोई होमवर्क तो नहीं दिया जाता है।
(c) प्रथम प्रतिवादी/केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाता है कि वह सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को अविलंब निर्देश जारी कर उन्हें राज्य बोर्डों/मैट्रिकुलेशन/एंग्लो-इंडियन स्कूलों के कक्षा एक और दो के छात्रों को कोई होमवर्क नहीं देने को कहें।
(d) प्रथम प्रतिवादी/केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाता है कि वह राज्य सरकारों को यह अविलंब बताए कि वह एनसीईआरटी के निर्देशों के अनुरूप कक्षा एक और दो के छात्रों को भाषा और गणित तथा कक्षा तीन से पांच के छात्रों को भाषा, ईवीएस और गणित के अलावा कोई अन्य विषय नहीं पढाएं।
(e) प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि अगर कोई स्कूल कक्षा एक और दो के छात्रों को होमवर्क देता है और कक्षा तीन से पांच के छात्रों को निर्धारित विषयों से अतिरिक्त विषय पढ़ने को कहता है तो उसकी मान्यता समाप्त कर दें।
(f) प्रतिवादी नंबर तीन और पांच को विशेष रूप से यह निर्देश दिया जाता है कि वे 9 अगस्त 2017 को जारी सीबीएसई के सर्कुलर के अनुरूप सिर्फ एनसीईआरटी की पुस्तकें ही सुझाएं और उसका प्रयोग करें।
(g) केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाता है कि वह बच्चों के स्कूली बस्ते (बोझ की सीमा) विधेयक, 2006 के अनुरूप नीति का अविलंब निर्धारण करे।
स्कूली बस्ते
कोर्ट ने कहा कि स्कूली बस्तों को इतना भारी बना दिया गया है कि ये बच्चों के स्वास्थ्य के लिए ख़तरा बन गए हैं। बच्चों को अनावश्यक रूप से किताबों और अभ्यास पुस्तिकाओं को लादने को बाध्य किया जाता है। इस मामले से जुड़ा कोई भी पक्ष इस मुद्दे पर गौर करने को इच्छुक नहीं है। सिर्फ तेलंगाना और महाराष्ट्र सरकार ने ही इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और बस्ते के बोझ को कम करने के लिए उचित दिशानिर्देश जारी किए हैं।
कोर्ट ने और क्या कहा
(i) बच्चों को बिना किसी तनाव के अपने बचपन का स्वाभाविक आनंद उठाने का मौलिक और आधारभूत मानवीय अधिकार हासिल है;
(ii) बच्चों पर कई विषयों का बोझ नहीं लादा जाना चाहिए;
(iii) बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप सोने के लिए न्यूनतम अवधि जरूरी है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत यह मौलिक अधिकार है;
(iv) पर्याप्त नींद नहीं होने से बच्चों की मानसिक और शारीरिक स्थिति प्रभावित होगी और उन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा;
(v) जब तक बच्चे पांच साल के नहीं हो जाते तब तक उनको पेंसिल पकड़ने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए;
(vi) बच्चों को सीखने के लिए उचित माहौल दिया जाए;
(vii) उन्हें बिना किसी तनाव और आतंक के अध्ययन का मौक़ा दिया जाए;
(viii) अगर कक्षा एक और दो के छात्रों को होमवर्क दिया जाता है तो इससे उन पर दबाव बनेगा और उनके सोने का समय प्रभावित होगा;
(ix) ऐसी पुस्तकों का उनके कोमल मष्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव होगा जो उनके उम्र के हिसाब से उनके लिए निर्धारित नहीं हैं;
(x) बच्चों को उनकी स्वास्थ्य की कीमत पर भारी बस्ता ढोने को नहीं कहा जा सकता; उन्हें हल्का बस्ता दिया जाना चाहिए;
संबंद्धित निर्देशो का पालन ना किये जाने पर पालकगण जिला प्रशासन को शिकायत प्रेषित करें ।
- अ. भा. ग्राहक पंचायत
मालवा प्रान्त ( म.प्र. )

ये नमक नपुंसकता और लकवा (paralysis ) का बहुत बड़ा कारण है समुद्री नमक से सिर्फ शरीर को 4 पोषक तत्व मिलते है ! और बीमारिया जरूर साथ मे मिल जाती है !

सेंधा नमक : भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए Best Alkalizer है :-
आप सोच रहे होंगे की ये सेंधा नमक बनता कैसे है ?? आइये आज हम आपको बताते हैं कि नमक मुख्य कितने प्रकार होते हैं। एक होता है समुद्री नमक दूसरा होता है सेंधा नमक (rock salt) । सेंधा नमक बनता नहीं है पहले से ही बना बनाया है। पूरे उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में खनिज पत्थर के नमक को ‘सेंधा नमक’ या ‘सैन्धव नमक’, लाहोरी नमक आदि आदि नाम से जाना जाता है । जिसका मतलब है ‘सिंध या सिन्धु के इलाक़े से आया हुआ’। वहाँ नमक के बड़े बड़े पहाड़ है सुरंगे है । वहाँ से ये नमक आता है। मोटे मोटे टुकड़ो मे होता है आजकल पीसा हुआ भी आने लगा है यह ह्रदय के लिये उत्तम, दीपन और पाचन मे मदद रूप, त्रिदोष शामक, शीतवीर्य अर्थात ठंडी तासीर वाला, पचने मे हल्का है । इससे पाचक रस बढ़्ते हैं। तों अंत आप ये समुद्री नमक के चक्कर से बाहर निकले। काला नमक ,सेंधा नमक प्रयोग करे, क्यूंकि ये प्रकर्ति का बनाया है ईश्वर का बनाया हुआ है। और सदैव याद रखे इंसान जरूर शैतान हो सकता है लेकिन भगवान कभी शैतान नहीं होता।
भारत मे 1930 से पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था विदेशी कंपनीया भारत मे नमक के व्यापार मे आज़ादी के पहले से उतरी हुई है , उनके कहने पर ही भारत के अँग्रेजी प्रशासन द्वारा भारत की भोली भली जनता को आयोडिन मिलाकर समुद्री नमक खिलाया जा रहा है,
हुआ ये कि जब ग्लोबलाईसेशन के बाद बहुत सी विदेशी कंपनियो (अनपूर्णा,कैपटन कुक ) ने नमक बेचना शुरू किया तब ये सारा खेल शुरू हुआ ! अब समझिए खेल क्या था ?? खेल ये था कि विदेशी कंपनियो को नमक बेचना है और बहुत मोटा लाभ कमाना है और लूट मचानी है तो पूरे भारत मे एक नई बात फैलाई गई कि आओडीन युक्त नामक खाओ , आओडीन युक्त नमक खाओ ! आप सबको आओडीन की कमी हो गई है। ये सेहत के लिए बहुत अच्छा है आदि आदि बातें पूरे देश मे प्रायोजित ढंग से फैलाई गई । और जो नमक किसी जमाने मे 2 से 3 रूपये किलो मे बिकता था । उसकी जगह आओडीन नमक के नाम पर सीधा भाव पहुँच गया 8 रूपये प्रति किलो और आज तो 20 रूपये को भी पार कर गया है।
दुनिया के 56 देशों ने अतिरिक्त आओडीन युक्त नमक 40 साल पहले ban कर दिया अमेरिका मे नहीं है जर्मनी मे नहीं है फ्रांस मे नहीं ,डेन्मार्क मे नहीं , डेन्मार्क की सरकार ने 1956 मे आओडीन युक्त नमक बैन कर दिया क्यों ?? उनकी सरकार ने कहा हमने मे आओडीन युक्त नमक खिलाया !(1940 से 1956 तक ) अधिकांश लोग नपुंसक हो गए ! जनसंख्या इतनी कम हो गई कि देश के खत्म होने का खतरा हो गया ! उनके वैज्ञानिको ने कहा कि आओडीन युक्त नमक बंद करवाओ तो उन्होने बैन लगाया। और शुरू के दिनो मे जब हमारे देश मे ये आओडीन का खेल शुरू हुआ इस देश के बेशर्म नेताओ ने कानून बना दिया कि बिना आओडीन युक्त नमक भारत मे बिक नहीं सकता । वो कुछ समय पूर्व किसी ने कोर्ट मे मुकदमा दाखिल किया और ये बैन हटाया गया।
आज से कुछ वर्ष पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था सब सेंधा नमक ही खाते थे ।
सेंधा नमक के फ़ायदे:-
सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप और बहुत ही गंभीर बीमारियों पर नियन्त्रण रहता है । क्योंकि ये अम्लीय नहीं ये क्षारीय है (alkaline) क्षारीय चीज जब अमल मे मिलती है तो वो न्यूटल हो जाता है और रक्त अमलता खत्म होते ही शरीर के 48 रोग ठीक हो जाते हैं ।
ये नमक शरीर मे पूरी तरह से घुलनशील है । और सेंधा नमक की शुद्धता के कारण आप एक और बात से पहचान सकते हैं कि उपवास ,व्रत मे सब सेंधा नमक ही खाते है। तो आप सोचिए जो समुंदरी नमक आपके उपवास को अपवित्र कर सकता है वो आपके शरीर के लिए कैसे लाभकारी हो सकता है ??
सेंधा नमक शरीर मे 97 पोषक तत्वो की कमी को पूरा करता है ! इन पोषक तत्वो की कमी ना पूरी होने के कारण ही लकवे (paralysis) का अटैक आने का सबसे बढ़ा जोखिम होता है सेंधा नमक के बारे में आयुर्वेद में बोला गया है कि यह आपको इसलिये खाना चाहिए क्योंकि सेंधा नमक वात, पित्त और कफ को दूर करता है।
यह पाचन में सहायक होता है और साथ ही इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो हृदय के लिए लाभकारी होता है। यही नहीं आयुर्वेदिक औषधियों में जैसे लवण भाष्कर, पाचन चूर्ण आदि में भी प्रयोग किया जाता है।
समुद्री नमक के भयंकर नुकसान :-
ये जो समुद्री नमक है आयुर्वेद के अनुसार ये तो अपने आप मे ही बहुत खतरनाक है ! क्योंकि कंपनियाँ इसमे अतिरिक्त आओडीन डाल रही है। अब आओडीन भी दो तरह का होता है एक तो भगवान का बनाया हुआ जो पहले से नमक मे होता है । दूसरा होता है “industrial iodine” ये बहुत ही खतरनाक है। तो समुद्री नमक जो पहले से ही खतरनाक है उसमे कंपनिया अतिरिक्त industrial iodine डाल को पूरे देश को बेच रही है। जिससे बहुत सी गंभीर बीमरिया हम लोगो को आ रही है । ये नमक मानव द्वारा फ़ैक्टरियों मे निर्मित है।
आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप (high BP ) ,डाइबिटीज़, आदि गंभीर बीमारियो का भी कारण बनता है । इसका एक कारण ये है कि ये नमक अम्लीय (acidic) होता है । जिससे रक्त अम्लता बढ़ती है और रक्त अमलता बढ्ने से ये सब 48 रोग आते है । ये नमक पानी कभी पूरी तरह नहीं घुलता हीरे (diamond ) की तरह चमकता रहता है इसी प्रकार शरीर के अंदर जाकर भी नहीं घुलता और अंत इसी प्रकार किडनी से भी नहीं निकल पाता और पथरी का भी कारण बनता है ।
ये नमक नपुंसकता और लकवा (paralysis ) का बहुत बड़ा कारण है समुद्री नमक से सिर्फ शरीर को 4 पोषक तत्व मिलते है ! और बीमारिया जरूर साथ मे मिल जाती है !
रिफाइण्ड नमक में 98% सोडियम क्लोराइड ही है शरीर इसे विजातीय पदार्थ के रुप में रखता है। यह शरीर में घुलता नही है। इस नमक में आयोडीन को बनाये रखने के लिए Tricalcium Phosphate, Magnesium Carbonate, Sodium Alumino Silicate जैसे रसायन मिलाये जाते हैं जो सीमेंट बनाने में भी इस्तेमाल होते है। विज्ञान के अनुसार यह रसायन शरीर में रक्त वाहिनियों को कड़ा बनाते हैं, जिससे ब्लाक्स बनने की संभावना और आक्सीजन जाने मे परेशानी होती है। जोड़ो का दर्द और गढिया, प्रोस्टेट आदि होती है। आयोडीन नमक से पानी की जरुरत ज्यादा होती है। 1 ग्राम नमक अपने से 23 गुना अधिक पानी खींचता है। यह पानी कोशिकाओ के पानी को कम करता है। इसी कारण हमें प्यास ज्यादा लगती है।
निवेदन :पांच हजार साल पुरानी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में भी भोजन में सेंधा नमक के ही इस्तेमाल की सलाह दी गई है। भोजन में नमक व मसाले का प्रयोग भारत, नेपाल, चीन, बंगलादेश और पाकिस्तान में अधिक होता है। आजकल बाजार में ज्यादातर समुद्री जल से तैयार नमक ही मिलता है। जबकि 1960 के दशक में देश में लाहौरी नमक मिलता था। यहां तक कि राशन की दुकानों पर भी इसी नमक का वितरण किया जाता था। स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता था। समुद्री नमक के बजाय सेंधा नमक का प्रयोग होना चाहिए।
आप इस अतिरिक्त आओडीन युक्त समुद्री नमक खाना छोड़िए और उसकी जगह सेंधा नमक खाइये !! सिर्फ आयोडीन के चक्कर में समुद्री नमक खाना समझदारी नहीं है, क्योंकि जैसा हमने ऊपर बताया आओडीन हर नमक मे होता है सेंधा नमक मे भी आओडीन होता है बस फर्क इतना है इस सेंधा नमक मे प्राकृतिक के द्वारा भगवान द्वारा बनाया आओडीन होता है इसके इलावा आओडीन हमें आलू, अरवी के साथ-साथ हरी सब्जियों से भी मिल जाता है।
।।ॐ।।

Saturday, June 16, 2018

medical kidnapping

I want to share the story of my family that has experienced "medical kidnapping" where my mother was admitted in the hospital ICU for more than 100 days during which the two private hospitals namely Yashoda Hospital in Secunderabad,Telangana (Hyderabad) and BL Kapoor, New Delhi asked us to pay an average of around 1 lac per day with total bill running to more than 1.2 crores. My mother contracted multiple infections and ultimately succumbed to them.
At this point I have reached out to several news channels like Aaj Tak, Zee News, News 24 and the honorable CM and Health Minister of Delhi and the Indian PM, but I have not received any help or support in the matter. I have no other option now but to go public with this information so that appropriate action can be taken against these so called hospitals, established to help the ailing members of our society and no other family goes through the horror that we have experienced for over 4 months. Please find below the events that occurred over a period of 4 months:
January 02, 2018: My mother was admitted to BL Kapoor hospital, New Delhi after an ammonia attack and diagnosed with Liver Cirrhosis (end stage of Liver disease with non-functioning liver).
January 04, 2018: Doctors at BL Kapoor Hospital advised her to undergo a liver transplant. Total cost mentioned: Rs 18-19 lakh.
January 09, 2018: My mother was discharged.
January 12-13, 2018: a lady named Jyotsna Verma (link to her website: http://www.indialivertransplant.com/…/jyotsna-verma-liver-t…), claimed to make a liver available to us in a very short time. Total cost estimated: Rs 23 lakh.
January 16, 2018: Ms. Jyotsna called us to inform about a liver from deceased patient being available at Yashoda hospital, Secunderabad. She charged us Rs. 1 lakh for the information shared.
January 16, 2018: My parents flew to Hyderabad and were given a cost estimate of Rs. 27 lakh. The doctors at Yashoda Hospital would quote a fee from Rs. 24-29 lakh to the different patients for a liver transplant.
February 05, 2018: My mother underwent a successful liver transplant.
February 08, 2018: She was put on ventilator because of a lung infection. She was on ventilator for around the next 30 days and would be unconscious most of the time. During this period the hospital charged us an average of Rs 1 lakh every day in addition to the initial charge of Rs. 27 lakh.
Around March 10, 2018: After paying around Rs. 60 lakh to the hospital, my father said that all his savings were gone and he had acquired substantial debt. To our surprise, the next day my mother was conscious and started to recover.
Around March 13, 2018: When we had no money left, the doctors started asking us to discharge her as she only required nursing care. We decided to bring her back to Delhi, spoke to the doctors at BL Kapoor hospital who told us that they would only keep her for a day in the hospital to monitor her condition.
March 27, 2018: We moved our mother to New Delhi and admitted her to BL Kapoor Hospital. Since we were in debt, we had an arrangement that allowed us to buy cheaper medicine from outside. During all this time knowing we are out of money they kept harassing us. Mr. Praveen from accounting department at the Yashoda hospital threatened to stop my mother’s treatment if we don’t pay them.
April 05, 2018: In spite of my mother not having recovered, the doctors forced us to take her home straight from the ICU.
April 07, 2018: In the morning she had to be admitted again to BL Kapoor Hospital due to her having breathing issues. BL Kapoor hospital only admitted my mother on the condition that we would purchase the medicine from the hospital pharmacy at a premium price of 2-3 times the wholesale price. During this time the hospital forced us to pay around 1 lakh per day. The doctors were very rude, especially Dr. Sanjay Singh Negi, who is the head of the Liver transplant team.
April 20, 2018: My mother developed Jaundice on a Friday evening and doctors from Yashoda Hospital in Hyderabad recommended the doctors in Delhi to immediately install a stent in her liver to prevent the spread of jaundice in her body as she had a similar problem while she was in Hyderabad. But for the doctors in Delhi, their weekend was more important and they delayed the installation of the stent to Monday afternoon (April 23). During this delay the infection spread across her body, caused multiple organ failure.
April 24, 2018: When doctors realized that my mother's health deteriorated beyond cure, they forced us to pay for medicines and medical procedures before they would perform them. They kept on performing kidney dialysis almost every day on a person who was practically dead, in an attempt to make more money.
May 07, 2018: My mother died due to multiple organ failure, after spending more than 100 days in the ICU.
During the whole debacle which spanned over 4 months, my family spent close to Rs 1.2 crore to fill the pockets of these greedy hospitals and doctors who only cared about their leisure, ego and profits. Today my family has lost its core member at the age of 51, all our life's earnings have gone away and we are in tremendous debt, due to the greed that drives these so called establishments which have been setup to serve ailing members of our society.
As a citizen of our country whose family has gone through hell and has been victimized during the toughest time of our life, I feel that it is my duty to bring our story to your notice, to seek your support, to fight for justice so that no other family goes through such pain. I don’t request your pity but only request your support in my effort to make our society a little better than what it is today.

Friday, June 15, 2018

नेशनल फॅमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार शेहरी इलाको में 75.5 % महिलाए और ग्रामीण इलाको में 48.4% महिलाए ही सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करती है !

मोदी के विकास के कुछ मुद्दे जी जेरे बहस से खारिज रहते हैं। यह भी "हिंदुत्व" की ही चिंता है। और जिम्मेदारी भी है।
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नेशनल फॅमिली हेल्थ के एक सर्वे के अनुसार हर साल भारत में सर्वाइकल कैंसर के 1, 30,000 मामले सामने आते है और हर 8 मिनिट में एक महिला की मौत होती है जिसका सबसे बड़ा कारण महिलाओं को महावारी या मासिक धर्म के समय होने वाली इन्फेक्शनस है। जिसके बारे में महिलाए जागरूक नही है ! या फिर अभाव है। महावारी या मासिक धर्म महिलाओं की लाइफ का एक बड़ा पार्ट है जो १२ साल की आयु से शुरू होकर ४५ से ५० साल तक रहता है !
मासिक धर्म या महावरी के बारे में ज्यादातर महिलाए आज भी खुल कर बात नही कर पाती है और पिछड़े वर्ग या ग्रामीण इलाको में तो महिलाए इसे बहुत ही ज़्यादा निजी मानती है और इसी कारण इसमें होने वाली बिमारिओ के बारे में अनजान रहती है और किसी को बता नही पाती !
आज भी बहुतेरे ग्रामीण इलाको में महावारी के दौरान कपडे का इस्तेमाल किया जाता है जो कि सेहत के लिए बहुत हानिकारक है और भारत के गाँव वर्ग में गरीबी ज़्यादा होने के कारण वहां की महिलाए महंगे ब्रांड के सेनेटरी पैड्स नही खरीद सकती और सस्ते की लालच में वो जो पैड्स खरीद लेती है उससे लिकोरिया , कैंसर , यूरिन इन्फेक्शन , बाँझपन जैसी बीमारिया उन्हें धीरे धीरे अपनी चपेट में ले लेती है !
इन्ही सब चीजों को देखते हुए मोदी सरकार ने
"स्त्री स्वाभिमान" के तहत रवि शंकर परसाद के नेतृत्व में CSC (कॉमन सर्विस सेण्टर) में काम करने वाली महिलाओं को सनेट्री पैड्स बनाने का काम दिया है जिससे एक सेण्टर में कम से कम 6 महिलाओं को रोज़गार मिलेगा वो स्वतंत्र होकर अपनी पहचान बना पाने में कामयाब हो पायेगी और दुसरा महिलाओं को कम कीमत में अच्छे और स्वच्छ सेनेटरी पैड्स मिलेगे जो कि ख़ासकर महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बनेगे !
इसके लिए मोदी सरकार पिछड़े वर्ग और ग्रामीण इलाको कि महिलाओं को निशुल्क ये पैड्स उपलब्ध करवाएगी ! इसके लिए इस्तेमाल होने वाला सारा कच्चा माल मोदी सरकार ही महिला VLE तक पहुंचाएगी।जिसमे ऐसी कोई चीज इस्तेमाल नही होगी जो महिलाओं की सेहत के हानिकारक हो !
नेशनल फॅमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार शेहरी इलाको में 75.5 % महिलाए और ग्रामीण इलाको में 48.4% महिलाए ही सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करती है !
महिला यौन स्वास्थ्य और स्वछता की इस हालत में बदलाव के लिए देश की 3500 महिला vles ने इस क्षेत्र में कार्य करने का प्रण लिया है ! CSC SPV का स्वाभिमान अभियान महिलाओं के लिए सस्ते अच्छे और गुणवत्ता परख सेनेटरी पैड्स उपलब्ध करवाने का अभियान है !
“स्त्री स्वाभिमान मेरी अपनी पहचान “
कपूरथला से Salonika Gupta जी ने अपनी यह पाती मुझे इनबॉक्स की है। वो खुद इस अभियान का हिस्सा है।

प्रदेश के सभी 403 विधायक के मोबाइल नंबर

प्रदेश के सभी 403 विधायक के मोबाइल नंबर
एम.एल.ए. हृदय नारायण दीक्षित अध्यक्ष विधान सभा 8887150966
एम.एल.ए. राम गोविंद चौधरी नेता विपक्ष 9415275519
एम.एल.ए. लालजी वर्मा कटेहरी-1 8887151077
एम.एल.ए. लालजी वर्मा कटेहरी-2 9936890035
एम.एल.ए. संजू देवी टांडा-1 9453995060
एम.एल.ए. संजू देवी टांडा-2 8887151078
एम.एल.ए. अनीता आलापुर-1 7379716121
एम.एल.ए. अनीता आलापुर-2 8887151079
एम.एल.ए. रितेश पाण्डेय जलालपुर-1 9670055550
एम.एल.ए. रितेश पाण्डेय जलालपुर-2 8887151080
एम.एल.ए. राम अचल राजभर अकबरपुर-1 8887151081
एम.एल.ए. राम अचल राजभर अकबरपुर-2 9415007042
एम.एल.ए. अनूप खैर-1 8887150871
एम.एल.ए. अनूप खैर-2 9568787777
एम.एल.ए. दलवीर सिंह बरौली-1 8765954771
एम.एल.ए. दलवीर सिंह बरौली-2 9359503201
एम.एल.ए. संदीप कुमार सिंह अतरौली-1 9412444444
एम.एल.ए. रवेन्द्र पाल सिंह छर्रा-1 8887150874
एम.एल.ए. रवेन्द्र पाल सिंह छर्रा-2 8057437777
एम.एल.ए. अनिल पराशर कोल-1 8887150875
एम.एल.ए. अनिल पराशर कोल-2 9412275111
एम.एल.ए. संजीव राजा अलीगढ़-1 8887150876
एम.एल.ए. संजीव राजा अलीगढ़-2 9412273279
एम.एल.ए. राजवीर दिलेर-1 8887150877
एम.एल.ए. राजवीर दिलेर-2 9411803636
एम.एल.ए. राजीव कुमार धनौरा 8887150839
एम.एल.ए. चेतन चैहान नौगांवा सदात 9810223882
एम.एल.ए. महबूब अली अमरोहा 9415905508
एम.एल.ए. महेंद्र सिंह खड़गवंशी 8887150842
एम.एल.ए. सुरेश कुमार जगदीशपुर 7081222221
एम.एल.ए. राकेश प्रताप सिंह गौरीगंज-1 8765954884
एम.एल.ए. राकेश प्रताप सिंह गौरीगंज-2 9919051555
एम.एल.ए. गरिमा सिंह अमेठी-1 8887150986
एम.एल.ए. गरिमा सिंह अमेठी-2 9452264609
एम.एल.ए. मयंकेश्वर शरण सिंह तिलोई अमेठी 9554684345
एम.एल.ए. राम प्रताप सिंह एत्मादपुर आगरा-1 8887150886
एम.एल.ए. राम प्रताप सिंह एत्मादपुर आगरा-2 9412263999
एम.एल.ए. राम प्रताप सिंह एत्मादपुर आगरा-3 9415120511
एम.एल.ए. गिर्राज सिंह धर्मेश आगरा कैंट-1 8887150887
एम.एल.ए. गिर्राज सिंह धर्मेश आगरा कैंट-2 9760843130
एम.एल.ए. योगेन्द्र उपाध्याय आगरा द.-1 9412260666
एम.एल.ए. योगेन्द्र उपाध्याय आगरा द.-2 8765954781
एम.एल.ए. जगन प्रसाद गर्ग आगरा-1 8765954788
एम.एल.ए. जगन प्रसाद गर्ग आगरा-2 9412259181
एम.एल.ए. हेमलता दिवाकर आगरा उ.-1 8887150890
एम.एल.ए. हेमलता दिवाकर आगरा उ.-2 901616506
एम.एल.ए. चै. उदय भान सिंह फतेहपुर सी.-1 8887150890
एम.एल.ए. चै. उदय भान सिंह फतेहपुर सी.-2 94122265081
एम.एल.ए. महेश कुमार गोयल खैरागढ़ 8887150892
एम.एल.ए. जीतेंद्र वर्मा फतेहाबाद-1 975975001
एम.एल.ए. जीतेंद्र वर्मा फतेहाबाद-2 8887150893
एम.एल.ए. रानी पक्षालिका सिंह वाह-1 8887150894
एम.एल.ए. रानी पक्षालिका सिंह वाह-2 8937846000
एम.एल.ए. डाॅ. संग्राम यादव अतरौलिया-1 8768955042
एम.एल.ए. डाॅ. संग्राम यादव अतरौलिया-2 9415240222
एम.एल.ए. नफीस अहमद गोपालपुर-1 9721299990
एम.एल.ए. नफीस अहमद गोपालपुर-2 8887151144
एम.एल.ए. वंदना सिंह सगडी 9415747000
एम.एल.ए. शाहआलम मुबारकपुर-1 8765955045
एम.एल.ए. शाहआलम मुबारकपुर-2 9810065087
एम.एल.ए. दुर्गा प्रसाद यादव आजमगढ़-1 8887151147
एम.एल.ए. दुर्गा प्रसाद यादव आजमगढ़-2 9415905667
एम.एल.ए. आलम बदी निजामाबाद 8765955047
एम.एल.ए. अरूण कुमार यादव फूलपुर पवई-1 8887151149
एम.एल.ए. अरूण कुमार यादव फूलपुर पवई-2 7408003237
एम.एल.ए. सुखदेव राजभर दीदारगंज-1 9415607554
एम.एल.ए. सुखदेव राजभर दीदारगंज-2 8887151150
एम.एल.ए. आजाद अरिमर्दन लालगंज-1 9415370426
एम.एल.ए. आजाद अरिमर्दन लालगंज-2 8887151151
एम.एल.ए. कल्पनाथ पासवान मेहनगर-1 9451575160
एम.एल.ए. कल्पनाथ पासवान मेहनगर-2 8887151152
एम.एल.ए. शिवपाल सिंह यादव जसवंतनगर 9936744444
एम.एल.ए. सरिता भदौरिया इटावा 9412283092
एम.एल.ए. सावित्री कठेरिया भरथना-1 8887151001
एम.एल.ए. सावित्री कठेरिया भरथना-2 9457626030
एम.एल.ए. विक्रमाजीत मौर्य फाफामऊ-1 8887151054
एम.एल.ए. विक्रमाजीत मौर्य फाफामऊ-2 9415289835
एम.एल.ए. डाॅ. जमुना प्रसाद सरोज सोरांव-1 7388073073
एम.एल.ए. डाॅ. जमुना प्रसाद सरोज सोरांव-2 8887151055
एम.एल.ए. प्रवीण पटेल फुलपुर-1 8887151056
एम.एल.ए. प्रवीण पटेल फुलपुर-2 7317002025
एम.एल.ए. मो. मुजतवा सिद्दीकी प्रतापपुर-1 8887151057
एम.एल.ए. मो. मुजतवा सिद्दीकी प्रतापपुर-2 9415905719
एम.एल.ए. हाकिम लाल बिन्द हण्डिया-1 8887151058
एम.एल.ए. हाकिम लाल बिन्द हण्डिया-2 9415747617
एम.एल.ए. हाकिम लाल बिन्द हण्डिया-3 9935285280
एम.एल.ए. नीलम करवरिया मेजा-1 8887105059
एम.एल.ए. नीलम करवरिया मेजा-2 9415215457
एम.एल.ए. उज्जवल रमण सिंह करछना 9839076324
एम.एल.ए. सिद्धार्थ नाथ सिंह इलाहाबाद प. 9532802411
एम.एल.ए. हर्षवर्धन बाजपेयी इलाहाबाद उ.-1 9415235106
एम.एल.ए. हर्षवर्धन बाजपेयी इलाहाबाद उ.-2 9415215976
एम.एल.ए. नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी इलाहाबाद द.-1 9839609501
एम.एल.ए. नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी इलाहाबाद द.-2 9455073953
एम.एल.ए. डाॅ. अजय कुमार बारा-1 8765954963
एम.एल.ए. डाॅ. अजय कुमार बारा-2 9415283936
एम.एल.ए. डाॅ. राजमणि कोल कोरांव-1 887151065
एम.एल.ए. डाॅ. राजमणि कोल कोरांव-2 9473997367
एम.एल.ए. कुलदीप सिंह सेंगर बांगरमऊ-1 9415905570
एम.एल.ए. बंबा लाल सफीपुर-1 8887150963
एम.एल.ए. बंबा लाल सफीपुर-2 9810114999
एम.एल.ए. बृजेश कुमार मोहन-1 8887150964
एम.एल.ए. बृजेश कुमार मोहन-2 9450012828
एम.एल.ए. पंकज गुप्ता उन्नाव-1 8765954704
एम.एल.ए. पंकज गुप्ता उन्नाव-2 9838108077
एम.एल.ए. अनिल सिंह पुरवा-1 8887150967
एम.एल.ए. अनिल सिंह पुरवा-2 9415107689
एम.एल.ए. अनिल सिंह पुरवा-3 8887150967
एम.एल.ए. विपिन कुमार डेविड एटा-1 8887150904
एम.एल.ए. विपिन कुमार डेविड एटा-2 9837237917
एम.एल.ए. वीरेन्द्र भरहरा-1 9412490792
एम.एल.ए. वीरेन्द्र भरहरा-2 8887150905
एम.एल.ए. संजीव कुमार दिवाकर जलेसर-1 9412895303
एम.एल.ए. संजीव कुमार दिवाकर जलेसर-2 8887150906
एम.एल.ए. सत्यसिंह राठौर अलीगंज, एटा-1 8887150903
एम.एल.ए. सत्यसिंह राठौर अलीगंज, एटा-2 9412281827
एम.एल.ए. विनय शाक्य, विधूना, औरैया-1 9415902768
एम.एल.ए. विनय शाक्य, विधूना, औरैया-2 887151002
एम.एल.ए. लाखन सिंह, दिबियापुर, औरैया-1 8887151003
एम.एल.ए. लाखन सिंह, दिबियापुर, औरैया-2 9411989943
एम.एल.ए. रमेश चन्द्र दिवाकर, औरैया-1 887151004
एम.एल.ए. रमेश चन्द्र दिवाकर, औरैया-2 9997851799
एम.एल.ए. रमेश चन्द्र दिवाकर, औरैया-3 7248371954
एम.एल.ए. अर्चना पाण्डेय, छिबरामऊ, कन्नौज-1 9455074340
एम.एल.ए. अर्चना पाण्डेय, छिबरामऊ, कन्नौज-2 9720799000
एम.एल.ए. अर्चना पाण्डेय, छिबरामऊ, कन्नौज-3 9415026145
एम.एल.ए. कैलाश राजपूत, तिर्वा, कन्नौज-1 9455074340
एम.एल.ए. कैलाश राजपूत, तिर्वा, कन्नौज-2 8887150997
एम.एल.ए. अनिल कुमार दोहरे, कन्नौज-1 8765954897
एम.एल.ए. अनिल कुमार दोहरे, कन्नौज-2 9554779966
एम.एल.ए. भगवती प्रसाद सागर, बिल्हौर, कानपुर नगर-1 8887151009
एम.एल.ए. भगवती प्रसाद सागर, बिल्हौर, कानपुर नगर-2 9455094456
एम.एल.ए. भगवती प्रसाद सागर, बिल्हौर, कानपुर नगर-3 7388285626
एम.एल.ए. अभिजीत सिंह सांगा, बिठूर, कानपुर नगर 9918221386
एम.एल.ए. नीलम कटियार, कल्याणपुर, कानपुर नगर-1 8887151011
एम.एल.ए. नीलम कटियार, कल्याणपुर, कानपुर नगर-2 9935600377
एम.एल.ए. सत्यदेव पचैरी, गोविंद नगर, कानपुर नगर-1 9455073842
एम.एल.ए. सत्यदेव पचैरी, गोविंद नगर, कानपुर नगर-2 9415051777
एम.एल.ए. हाजी इरफान सोलंकी, सीसामऊ, कानपुर नगर 9415044813
एम.एल.ए. अमिताभ बाजपेई, आर्यनगर, कानपुर नगर-1 9839101111
एम.एल.ए. अमिताभ बाजपेई, आर्यनगर, कानपुर नगर-2 8887151014
एम.एल.ए. अमिताभ बाजपेई, आर्यनगर, कानपुर नगर-3 9889171111
एम.एल.ए. महेश चन्द्र, किदवई नगर, कानपुर नगर-1 887151015
एम.एल.ए. महेश चन्द्र, किदवई नगर, कानपुर नगर-2 9621151617
एम.एल.ए. सोहिल अख्तर अंसारी, कानपुर कैंट- 8887151016
एम.एल.ए. सतीश महाना, महाराजपुर, कानपुर नगर-8765951916
एम.एल.ए. सुश्री कमल रानी, घाटमपुर, कानपुर नगर-1 8887151018
एम.एल.ए. सुश्री कमल रानी, घाटमपुर, कानपुर नगर-2 9415477300
एम.एल.ए. निर्मला शंखवार, रसूलाबाद, कानपुर देहात-1 8887151005
एम.एल.ए. निर्मला शंखवार, रसूलाबाद, कानपुर देहात-2 9415727530
एम.एल.ए. निर्मला शंखवार, रसूलाबाद, कानपुर देहात-3 9839830421
एम.एल.ए. प्रतिभा शुक्ला, अकबरपुर रनिया, कानपुर देहात-1 8887151006
एम.एल.ए. प्रतिभा शुक्ला, अकबरपुर रनिया, कानपुर देहात-2 9935590475
एम.एल.ए. मथुरा प्रसाद पाल, सिकंदरा, कानपुर 9415126255
एम.एल.ए. विनोद कुमार कटियार कानपुर देहात-1 8887151008
एम.एल.ए. विनोद कुमार कटियार कानपुर देहात-2 9810550579
एम.एल.ए. देवेंद्र सिंह राजपूत, कासगंज देहात-1 9415734699
एम.एल.ए. देवेंद्र सिंह राजपूत, कासगंज देहात-2 887150900
एम.एल.ए. देवेंद्र प्रताप सिंह, अमापुर, कासगंज-1 9412734699
एम.एल.ए. देवेंद्र प्रताप सिंह, अमापुर, कासगंज-2 8887150901
एम.एल.ए. ममतेश शाक्य, पटियाली, कासगंज-1 9412282494
एम.एल.ए. ममतेश शाक्य, पटियाली, कासगंज-2 9415607515
एम.एल.ए. जटाशंकर, खड्डा, कुशीनगर-1 9838704111
एम.एल.ए. जटाशंकर, खड्डा, कुशीनगर-2 8887151129
एम.एल.ए. स्वामी प्रसाद मौर्य, पडरौना, कुशीनगर 8765955029
एम.एल.ए. अजय कुमार ‘लल्लू’, तमकुहीराज, कुशीनगर-1 876595030
एम.एल.ए. अजय कुमार ‘लल्लू’, तमकुहीराज, कुशीनगर-2 9415826419
एम.एल.ए. गंगा सिंह कुशवाहा, फाजिलनगर, कुशीनगर-1 9451370607
एम.एल.ए. गंगा सिंह कुशवाहा, फाजिलनगर, कुशीनगर-2 8765955031
एम.एल.ए. रजनीकांत मणि त्रिपाठी, कुशीनगर-1 9450475339
एम.एल.ए. रजनीकांत मणि त्रिपाठी, कुशीनगर-2 8887151133
एम.एल.ए. पवन कुमार, हाटा, कुशीनगर 9721855585
एम.एल.ए. रामानन्द बौद्ध, रामकोला, कुशीनगर-1 8953239194
एम.एल.ए. रामानन्द बौद्ध, रामकोला, कुशीनगर-2 8887151135
एम.एल.ए. शीतला प्रसाद, सिराथू, कौशाम्बी-1 8887151051
एम.एल.ए. शीतला प्रसाद, सिराथू, कौशाम्बी-2 9415360627
एम.एल.ए. लाल बहादुर, मंझनपुर, कौशाम्बी-1 8887151052
एम.एल.ए. लाल बहादुर, मंझनपुर, कौशाम्बी-2 9919244799
एम.एल.ए. संजय कुमार, चायल, कौशाम्बी-1 8887151053
एम.एल.ए. संजय कुमार, चायल, कौशाम्बी-1 9839324411
एम.एल.ए. नन्द किशोर, लोनी, गाजियाबाद 9718182818
एम.एल.ए. अजीत पाल त्यागी, मुरादनगर, गाजियाबाद 9871862288
एम.एल.ए. सुनील कुमार शर्मा, साहिबाबाद, गाजियाबाद 9312024862
एम.एल.ए. अतुल गर्ग, गाजियाबाद 9811037560
एम.एल.ए. डाॅ. मंजू शिवाच, मोदी नगर, गाजियाबाद-1 8887150857
एम.एल.ए. डाॅ. मंजू शिवाच, मोदी नगर, गाजियाबाद-2 9837072768
एम.एल.ए. त्रिवेणी राम, जखनिया, गाजीपुर-1 8887151173
एम.एल.ए. त्रिवेणी राम, जखनिया, गाजीपुर-2 7235984545
एम.एल.ए. सुभाष पासी, सैदपुर, गाजीपुर-1 9616428888
एम.एल.ए. सुभाष पासी, सैदपुर, गाजीपुर-2 8765955073
एम.एल.ए. संगीता, गाजीपुर-1 8887151175
एम.एल.ए. संगीता, गाजीपुर-2 9451589385
एम.एल.ए. विरेंद्र कुमार यादव, जंगीपुर, गाजीपुर-1 8885151176
एम.एल.ए. विरेंद्र कुमार यादव, जंगीपुर, गाजीपुर-2 9415345152
एम.एल.ए. ओमप्रकाश राजभर, जहूदराबाद, गाजीपुर 9415818184
एम.एल.ए. अलका राय, मेहम्मदाबाद, गाजीपुर-1 8887151178
एम.एल.ए. अलका राय, मेहम्मदाबाद, गाजीपुर-2 9415202600
एम.एल.ए. सुनीता, जमानियां, गाजीपुर-1 9450548722
एम.एल.ए. सुनीता, जमानियां, गाजीपुर-2 8885171179
एम.एल.ए. फतेह बहाुदर, कैम्यिरगंज, गोरखपुर-1 9415467501
एम.एल.ए. फतेह बहाुदर, कैम्यिरगंज, गोरखपुर-2 9415302202
एम.एल.ए. महेन्द्र पाल सिंह, पिपराइच, गोरखपुर-1 9005376200
एम.एल.ए. महेन्द्र पाल सिंह, पिपराइच, गोरखपुर-2 9415210536
एम.एल.ए. महेन्द्र पाल सिंह, पिपराइच, गोरखपुर-3 8887151121
एम.एल.ए. डाॅ. राधा मोहर दास अग्रवाल, गोरखपुर शहर 9415905646
एम.एल.ए. विपिन सिंह, गोरखपुर ग्रामीण-1 9455355555
एम.एल.ए. विपिन सिंह, गोरखपुर ग्रामीण-2 8887151123
एम.एल.ए. शीतल पाण्डेय, सहजनवा, गोरखपुर-1 9450868858
एम.एल.ए. शीतल पाण्डेय, सहजनवा, गोरखपुर-2 8887151124
एम.एल.ए. संत प्रसाद, खजनी, गोरखपुर-1 8765955024
एम.एल.ए. संत प्रसाद, खजनी, गोरखपुर-2 9452058356
एम.एल.ए. संगीता यादव, चैरी-चैरा, गोरखपुर-1 7080885848
एम.एल.ए. संगीता यादव, चैरी-चैरा, गोरखपुर-2 94525623628
एम.एल.ए. संगीता यादव, चैरी-चैरा, गोरखपुर-3 8887151126
एम.एल.ए. डाॅ. विमलेश पासवान, बांसगांव, गोरखपुर-1 8887151127
एम.एल.ए. डाॅ. विमलेश पासवान, बांसगांव, गोरखपुर-2 9839752077
एम.एल.ए. विनय शंकर तिवारी, चिल्लूपार, गोरखपुर-1 9417777777
एम.एल.ए. विनय शंकर तिवारी, चिल्लूपार, गोरखपुर-2 8887151128
एम.एल.ए. विनय कुमार द्विवेदी, मेहनान, गोण्डा-1 9670086000
एम.एल.ए. विनय कुमार द्विवेदी, मेहनान, गोण्डा-2 8887151095
एम.एल.ए. प्रतीक भूषण सिंह, गोण्डा 9415327999
एम.एल.ए. बावन सिंह, कटरा बाजार, गोण्डा-1 9935600060
एम.एल.ए. बावन सिंह, कटरा बाजार, गोण्डा-2 8765954996
एम.एल.ए. कुँ. अजय प्रताप सिंह करनैलगंज, गोण्डा-1 9454451010
एम.एल.ए. कुँ. अजय प्रताप सिंह करनैलगंज, गोण्डा-2 8887151098
एम.एल.ए. प्रेम नरायण पाण्डे, तारबगंज, गोण्डा-1 9451023000
एम.एल.ए. प्रेम नरायण पाण्डे, तारबगंज, गोण्डा-2 8887151099
एम.एल.ए. रमापति शास्त्री, मनकापुर, गोण्डा 9415120668
एम.एल.ए. प्रभात कुमार वर्मा, गौरा, गोण्डा-1 9452736915
एम.एल.ए. प्रभात कुमार वर्मा, गौरा, गोण्डा-2 8887151101
एम.एल.ए. पंकज सिंह, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर-1 9452052000
एम.एल.ए. पंकज सिंह, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर-2 9899955200
एम.एल.ए. तेजपाल सिंह नागर, दादरी, गौतमबुद्ध नगर-1 8887150862
एम.एल.ए. तेजपाल सिंह नागर, दादरी, गौतमबुद्ध नगर-2 9311011678
एम.एल.ए. धीरेन्द्र सिंह, जेवर, गौतमबुद्ध नगर-1 8887150863
एम.एल.ए. धीरेन्द्र सिंह, जेवर, गौतमबुद्ध नगर-2 9412225444
एम.एल.ए. साधना सिंह, मुगलसराय, चंदौली-1 9415374742
एम.एल.ए. साधना सिंह, मुगलसराय, चंदौली-2 8887151180
एम.एल.ए. प्रभु नारायण यादव, सकलडीहा, चंदौली-1 8887151181
एम.एल.ए. प्रभु नारायण यादव, सकलडीहा, चंदौली-2 9415336184
एम.एल.ए. सुशील सिंह, सैयद राजा, चंदौली-1 9415607447
एम.एल.ए. सुशील सिंह, सैयद राजा, चंदौली-2 7897900000
एम.एल.ए. शारदा प्रसाद, चकिया, चंदौली-1 8887151183
एम.एल.ए. शारदा प्रसाद, चकिया, चंदौली-2 9415905687
एम.एल.ए. चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय, चित्रकूट, 9415340450
एम.एल.ए. आर.के. सिंह पटेल, मानिकपुर, चित्रकूट-1 9838363864
एम.एल.ए. आर.के. सिंह पटेल, मानिकपुर, चित्रकूट-2 8887151037
एम.एल.ए. आर.के. सिंह पटेल, मानिकपुर, चित्रकूट-3 9415143993
एम.एल.ए. मूलचन्द्र सिंह, माधौगढ़, जालौन-1 8887151019
एम.एल.ए. मूलचन्द्र सिंह, माधौगढ़, जालौन-2 9415064357
एम.एल.ए. कुँवर नरेन्द्र पाल सिंह, कालपी, जालौन-1 8887151020
एम.एल.ए. कुँवर नरेन्द्र पाल सिंह, कालपी, जालौन-2 9415592790
एम.एल.ए. गौरी शंकर, उरई, जालौन-1 8887151021
एम.एल.ए. गौरी शंकर, उरई, जालौन-2 9936079372
एम.एल.ए. रमेश चन्द्र मिश्र, बदलापुर, जौनपुर-1 9415969452
एम.एल.ए. रमेश चन्द्र मिश्र, बदलापुर, जौनपुर-2 9670000606
एम.एल.ए. रमेश चन्द्र मिश्र, बदलापुर, जौनपुर-3 8887151164
एम.एल.ए. शैलेंद्र यादव ‘ललई’, शाहगंज, जौनपुर 8765955064
एम.एल.ए. गिरीश चन्द्र यादव, जौनपुर-1 7800302798
एम.एल.ए. गिरीश चन्द्र यादव, जौनपुर-2 9415287591
एम.एल.ए. पारस नाथ यादव, मल्हनी, जौनपुर-1 9415349797
एम.एल.ए. पारस नाथ यादव, मल्हनी, जौनपुर-2 8887151167
एम.एल.ए. सुषमा पटेल, मुंगराबाद शाहपुर, जौनपुर-1 8887151168
एम.एल.ए. सुषमा पटेल, मुंगराबाद शाहपुर, जौनपुर-2 7607068306
एम.एल.ए. जगदीश सोनकर, मछलीशहर, जौनपुर 8887151169
एम.एल.ए. लीना तिवारी, मडियांहू, जौनपुर-1 9984985555
एम.एल.ए. लीना तिवारी, मडियांहू, जौनपुर-2 8887151170
एम.एल.ए. डाॅ. हरेन्द्र प्रसाद सिंह, जफराबाद, जौनपुर-1 9838827999
एम.एल.ए. डाॅ. हरेन्द्र प्रसाद सिंह, जफराबाद, जौनपुर-2 8887151171
एम.एल.ए. दिनेश चैधरी, केराकत, जौनपुर-1 8887151172
एम.एल.ए. दिनेश चैधरी, केराकत, जौनपुर-2 9565825000
एम.एल.ए. राजीव सिंह ‘पारीछा’, बबीना, झांसी 9450927212
एम.एल.ए. रवि शर्मा, झांसी नगर-1 9415030340
एम.एल.ए. रवि शर्मा, झांसी नगर-2 8765954922
एम.एल.ए. बिहारी लाल आर्य, मउरानीपुर, झांसी-1 8887151024
एम.एल.ए. बिहारी लाल आर्य, मउरानीपुर, झांसी-2 9198966463
एम.एल.ए. जवाहर लाल राजपूत, गरौठा, झांसी-1 8887151025
एम.एल.ए. जवाहर लाल राजपूत, गरौठा, झांसी-2 9451334019
एम.एल.ए. जय प्रकाश निषाद, रुद्रपुर, देवरिया 9415213414
एम.एल.ए. जनमेजय सिंह, देवरिया-1 8765955036
एम.एल.ए. जनमेजय सिंह, देवरिया-2 8887151137
एम.एल.ए. सूर्यप्रताप शाही, पथरदेवा, देवरिया-1 962890777
एम.एल.ए. सूर्यप्रताप शाही, पथरदेवा, देवरिया-2 9415022598
एम.एल.ए. कमलेश शुक्ल, रामपुर कारखाना, देवरिया-1 9412088587
एम.एल.ए. कमलेश शुक्ल, रामपुर कारखाना, देवरिया-2 8887151139
एम.एल.ए. आशुतोष उपाध्याय, भाटपार रानी, देवरिया-1 8887151140
एम.एल.ए. आशुतोष उपाध्याय, भाटपार रानी, देवरिया-2 8765955039
एम.एल.ए. काली प्रसाद, सलेमपुर, देवरिया-1 9450483549
एम.एल.ए. काली प्रसाद, सलेमपुर, देवरिया-2 8887151141
एम.एल.ए. सुरेश तिवारी, बरहज, देवरिया-1 9415320607
एम.एल.ए. सुरेश तिवारी, बरहज, देवरिया-2 8887151142
एम.एल.ए. संजय सिंह गंगवार, पीलीभीत-1 8887150927
एम.एल.ए. संजय सिंह गंगवार, पीलीभीत-2 9412297133
एम.एल.ए. संजय सिंह गंगवार, पीलीभीत-3 8477820000
एम.एल.ए. किशन लाल राजपूत, बरखेड़ा, पीलीभीत-1 8887150928
एम.एल.ए. किशन लाल राजपूत, बरखेड़ा, पीलीभीत-2 9012882882
एम.एल.ए. किशन लाल राजपूत, बरखेड़ा, पीलीभीत-3 9412519253
एम.एल.ए. बाबूराम पासवान, पूरनपुर, पीलीभीत-1 8887150929
एम.एल.ए. बाबूराम पासवान, पूरनपुर, पीलीभीत-2 9412554606
एम.एल.ए. अगयश रामसरन वर्मा, बीसलपुर, पीलीभीत 8765954829
एम.एल.ए. आराधना मिश्रा (मोना), रामपुर खास, प्रतापगढ़-1 9415905590
एम.एल.ए. आराधना मिश्रा (मोना), रामपुर खास, प्रतापगढ़-2 9935170000
एम.एल.ए. विनोद सरोज, बाबागंज, प्रतापगढ़-1 9415607364
एम.एल.ए. विनोद सरोज, बाबागंज, प्रतापगढ़-2 9005147500
एम.एल.ए. रघुराज प्रताप सिंह, कुण्डा, प्रतापगढ़ 9415607363
एम.एल.ए. राकेश कुमार वर्मा विश्वनाथगंज, प्रतापगढ़ 8765954713
एम.एल.ए. संगम लाल गुप्ता, प्रतापगढ़-1 9821876739
एम.एल.ए. संगम लाल गुप्ता, प्रतापगढ़-2 9323619169
एम.एल.ए. संगम लाल गुप्ता, प्रतापगढ़-3 8887151048
एम.एल.ए. राजेन्द्र प्रताप सिंह पट्टी, प्रतापगढ़-1 9415905593
एम.एल.ए. राजेन्द्र प्रताप सिंह पट्टी, प्रतापगढ़-29839072727
एम.एल.ए. अभय कुमार ओझा, रानीगंज, प्रतापगढ़-1 8924925300
एम.एल.ए. अभय कुमार ओझा, रानीगंज, प्रतापगढ़-2 8887151050
एम.एल.ए. अभय कुमार रानीगंज, प्रतापगढ़-3 7317798032
एम.एल.ए. जय कुमार सिंह जैकी, जहानाबाद, फतेहपुर-1 9919195050
एम.एल.ए. जय कुमार सिंह जैकी, जहानाबाद, फतेहपुर-2 9792485050
एम.एल.ए. करण सिंह पटेल, बिन्दकी, फतेहपुर-1 8887151039
एम.एल.ए. करण सिंह पटेल, बिन्दकी, फतेहपुर-2 9415214886
एम.एल.ए. विक्रम सिंह, फतेहपुर-1 8765954719
एम.एल.ए. विक्रम सिंह, फतेहपुर-2 9554967777
एम.एल.ए. विकास गुप्ता, आयाहशाह, फतेहपुर-1 8887151041
एम.एल.ए. विकास गुप्ता, आयाहशाह, फतेहपुर-2 9415033262
एम.एल.ए. विकास गुप्ता, आयाहशाह, फतेहपुर-3 9918046999
एम.एल.ए. रणवेन्द्र प्रताप सिंहहु सैनगंज, फतेहपुर-1 9415064951
एम.एल.ए. रणवेन्द्र प्रताप सिंह हुसैनगंज, फतेहपुर-2 9936599436
एम.एल.ए. कृष्णा पासवान, खागा, फतेहपुर-1 8765954942
एम.एल.ए. कृष्णा पासवान, खागा, फतेहपुर-2 9651539000
एम.एल.ए. अमर सिंह, कायमगंज, फर्रूखाबाद-1 9450009425
एम.एल.ए. अमर सिंह, कायमगंज, फर्रूखाबाद-2 8887150992
एम.एल.ए. सुशील कुमार शाक्य, अमृतपुर, फर्रूखाबाद-1 8887150993
एम.एल.ए. सुशील कुमार शाक्य, अमृतपुर, फर्रूखाबाद-2 9415146245
एम.एल.ए. मे. सुनील दत्त द्विवेदी, फर्रूखाबाद-1 8887150994
एम.एल.ए. मे. सुनील दत्त द्विवेदी, फर्रूखाबाद-2 9415146477
एम.एल.ए. नागेन्द्र सिंह राठौर, भोजपुर, फर्रूखाबाद-1 8887150995
एम.एल.ए. नागेन्द्र सिंह राठौर, भोजपुर, फर्रूखाबाद-2 9838543508
एम.एल.ए. नागेन्द्र सिंह राठौर, भोजपुर, फर्रूखाबाद-3 8874695555
एम.एल.ए. सत्यपाल सिंह बघेल, टूण्डला, फिरोजाबाद 9412750555
एम.एल.ए. राम गोपाल पप्पू लोधी, जसराना, फिरोजाबाद-1 9837932222
एम.एल.ए. राम गोपाल पप्पू लोधी, जसराना, फिरोजाबाद-2 8887150896
एम.एल.ए. मनीष असीजा, फिरोजाबाद 9837035102
एम.एल.ए. डाॅ. मुकेश चन्द्र वर्मा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद-1 8887150898
एम.एल.ए. डाॅ. मुकेश चन्द्र वर्मा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद-2 8938974530
एम.एल.ए. हरि ओम यादव, सिरसागंज, फिरोजाबाद-1 8765954798
एम.एल.ए. हरि ओम यादव, सिरसागंज, फिरोजाबाद-2 9412492229
एम.एल.ए. बाबा गोरखनाथ, मिल्कीपुर, फैजाबाद-1 8303888880
एम.एल.ए. बाबा गोरखनाथ, मिल्कीपुर, फैजाबाद-2 8887151073
एम.एल.ए. शोभा सिंह चैहान, बीकापुर, फैजाबाद-1 8887151074
एम.एल.ए. शोभा सिंह चैहान, बीकापुर, फैजाबाद-2 9838519794
एम.एल.ए. वेद प्रकाश गुप्ता, अयोध्या, फैजाबाद-1 8887151075
एम.एल.ए. वेद प्रकाश गुप्ता, अयोध्या, फैजाबाद-2 9415048050
एम.एल.ए. इन्द्र प्रताप तिवारी गोसाईगंज, फैजाबाद-1 7310069999
एम.एल.ए. इन्द्र प्रताप तिवारीगोसाईगंज, फैजाबाद-2 8887151076
एम.एल.ए. रामचन्द्र यादव, रुदौली, फैजाबाद-1 9415220081
एम.एल.ए. रामचन्द्र यादव, रुदौली, फैजाबाद-2 8765954970
एम.एल.ए. कुशाग्र सागर, बिसौली, बदायूँ-1 8887150912
एम.एल.ए. कुशाग्र सागर, बिसौली, बदायूँ-2 706010567
एम.एल.ए. ओमकार सिंह, सहसवान, बदायूँ 8765954812
एम.एल.ए. पं. राधा कृष्ण शर्मा, बिल्सी, बदायूँ-1 8006160000
एम.एल.ए. पं. राधा कृष्ण शर्मा, बिल्सी, बदायूँ-2 8887150914
एम.एल.ए. महेश चन्द्र गुप्ता, बदायूँ-1 9415607320
एम.एल.ए. महेश चन्द्र गुप्ता, बदायूँ-2 8887150915
एम.एल.ए. धमेन्द्र सिंह शेखूपुर, बदायूँ-1 9719684515
एम.एल.ए. धमेन्द्र सिंह शाक्य शेखूपुर, बदायूँ-2 8887150916
एम.एल.ए. राजीव कुमार सिंह दातागंज, बदायूँ-1 9412295100
एम.एल.ए. राजीव कुमार सिंह दातागंज, बदायूँ-2 8887150917
एम.एल.ए. छत्रपाल सिंह गंगवार, बहेड़ी, बरेली-1 9012723465
एम.एल.ए. छत्रपाल सिंह गंगवार, बहेड़ी, बरेली-2 9415607327
एम.एल.ए. डाॅ. डी.सी. वर्मा, मीरगंज, बरेली-1 8887150919
एम.एल.ए. डाॅ. डी.सी. वर्मा, मीरगंज, बरेली-2 9412345044
एम.एल.ए. बहोरन लाल मौर्य, भोजीपुर, बरेली-1 8887150920
एम.एल.ए. बहोरन लाल मौर्य, भोजीपुर, बरेली-2 9412193339
एम.एल.ए. केसर सिंह, नवाबगंज, बरेली-1 9415903131
एम.एल.ए. केसर सिंह, नवाबगंज, बरेली-2 8887150921
एम.एल.ए. डाॅ. श्याम बिहारी लाल, फरीदपुर, बरेली-1 8887150922
एम.एल.ए. डाॅ. श्याम बिहारी लाल, फरीदपुर, बरेली-2 9412287816
एम.एल.ए. राजेश कुमार मिश्रा विथरी चैनपुर, बरेली-1 941229119
एम.एल.ए. राजेश कुमार मिश्रा विथरी चैनपुर, बरेली-2 887150923
एम.एल.ए. डाॅ. अरुण कुमार, बरेली-1 9837747102
एम.एल.ए. डाॅ. अरुण कुमार, बरेली-2 8765954823
एम.एल.ए. राजेश अग्रवाल, बरेली कैंट-1 8765954825
एम.एल.ए. राजेश अग्रवाल, बरेली कैंट-2 9412287576
एम.एल.ए. धर्मपाल सिंह, आंवला, बरेली-1 9412292355
एम.एल.ए. धर्मपाल सिंह, आंवला, बरेली-2 8765954825
एम.एल.ए. कैलाश नाथ शुक्ल, तुलसीपुर, बलरामपुर-1 9450513588
एम.एल.ए. कैलाश नाथ शुक्ल, तुलसीपुर, बलरामपुर-2 8887151091
एम.एल.ए. शैलेश कुमार सिंह शैलू, गैसडी, बलरामपुर-1 9454011111
एम.एल.ए. शैलेश कुमार सिंह शैलू, गैसडी, बलरामपुर-2 9792811111
एम.एल.ए. शैलेश कुमार सिंह शैलू, गैसडी, बलरामपुर-3 8887151092
एम.एल.ए. राम प्रताप उतरौला, बलरामपुर-1 9838281150
एम.एल.ए. राम प्रताप , उतरौला, बलरामपुर-2 9415664651
एम.एल.ए. राम प्रताप उतरौला, बलरामपुर-3 8887151093
एम.एल.ए. पल्टूराम, बलरामपुर-1 9792319000
एम.एल.ए. पल्टूराम, बलरामपुर-2 8887151094
एम.एल.ए. धनन्जय कनौजिया, बेल्थरा रोड, बलिया-1 8887151157
एम.एल.ए. धनन्जय कनौजिया, बेल्थरा रोड, बलिया-2 9454255501
एम.एल.ए. उमाशंकर सिंह, रसड़ा-1 9839866666
एम.एल.ए. उमाशंकर सिंह, रसड़ा-2 8765955057
एम.एल.ए. संजय यादव, सिकन्दरपुर, बलिया-1 9811845999
एम.एल.ए. संजय यादव, सिकन्दरपुर, बलिया-2 8887151159
एम.एल.ए. उपेन्द्र तिवारी, फेफना, बलिया-1 9415681415
एम.एल.ए. उपेन्द्र तिवारी, फेफना, बलिया-2 8765955059
एम.एल.ए. आनन्द स्वरूप शुक्ल, बलिया नगर-1 9451223865
एम.एल.ए. आनन्द स्वरूप शुक्ल, बलिया नगर-2 8887151161
एम.एल.ए. राम गोविन्द, बांसडीह, बलिया-1 9415275579
एम.एल.ए. राम गोविन्द, बांसडीह, बलिया-2 8887151162
एम.एल.ए. सुरेन्द्र, बैरिया, बलिया-1 9450778819
एम.एल.ए. सुरेन्द्र, बैरिया, बलिया-2 8887151163
एम.एल.ए. अजय कुमार सिंह अजय सिंह, हरैया, बस्ती-1 9919033333
एम.एल.ए. अजय कुमार सिंह अजय सिंह, हरैया, बस्ती-2 8887151107
एम.एल.ए. चन्द्र प्रकाश कप्तानगंज, बस्ती-1 9670055999
एम.एल.ए. चन्द्र प्रकाश कप्तानगंज, बस्ती-2 8009900009
एम.एल.ए. चन्द्र प्रकाश कप्तानगंज, बस्ती-3 8887151108
एम.एल.ए. संजय प्रताप जयसवाल, रुधौली, बस्ती-1 8765955008
एम.एल.ए. संजय प्रताप जयसवाल, रुधौली, बस्ती-2 9838365389
एम.एल.ए. दया राम चैधरी, बस्ती सदर-1 9415069432
एम.एल.ए. दया राम चैधरी, बस्ती सदर-2 8887151110
एम.एल.ए. रवि कुमार सोनकर, महादेवा, बस्ती-1 9415122332
एम.एल.ए. रवि कुमार सोनकर, महादेवा, बस्ती-2 8887151111
एम.एल.ए. अक्षयवर लाल, बलहा, बहराइच-1 8887151082
एम.एल.ए. अक्षयवर लाल, बलहा, बहराइच-2 9415054009
एम.एल.ए. माधुरी वर्मा, नानपारा, बहराइच-1 9415546806
एम.एल.ए. माधुरी वर्मा, नानपारा, बहराइच-2 8765954982
एम.एल.ए. यासर शाह, मटेरा, बहराइच 9838111786
एम.एल.ए. सुरेश्वर सिंह, महसी, बहराइच-1 8887151085
एम.एल.ए. सुरेश्वर सिंह, महसी, बहराइच-2 9415036649
एम.एल.ए. अनुपमा जायसवाल, बहराइच 9839906175
एम.एल.ए. सुभाष त्रिपाठी, प्रयागपुर, बहराइच 8887151087
एम.एल.ए. मुकुट बिहारी वर्मा, कैसरगंज, बहराइच-1 9415036618
एम.एल.ए. मुकुट बिहारी वर्मा, कैसरगंज, बहराइच-2 8765954987
एम.एल.ए. सहेन्द्र सिंह रमाला, छपरौ, बागपत
एम.एल.ए. कृष्णपाल मलिक, बड़ौत, बागपत-1 8888333334
एम.एल.ए. कृष्णपाल मलिक, बड़ौत, बागपत-2 9756201121
एम.एल.ए. योगेश धामा, बागपत-1 8887150852
एम.एल.ए. योगेश धामा, बागपत-2 9810741835
एम.एल.ए. बृहेश कुमार प्रजापति, तिन्दवारी, बांदा-1 8887151032
एम.एल.ए. बृहेश कुमार प्रजापति, तिन्दवारी, बांदा-2 8960210207
एम.एल.ए. चन्द्रपाल कुशवाहा, बबेरू, बांदा-1 8887151033
एम.एल.ए. चन्द्रपाल कुशवाहा, बबेरू, बांदा-2 9450228228
एम.एल.ए. राजकरन कबीर, नरैनी, बांदा 9695154633
एम.एल.ए. प्रकाश चन्द्र द्विवेदी, बंादा-1 9005277777
एम.एल.ए. प्रकाश चन्द्र द्विवेदी, बंादा-2 9415144025
एम.एल.ए. साकेन्द्र प्रताप वर्मा, कुर्सी, बाराबंकी-1 8887151066
एम.एल.ए. साकेन्द्र प्रताप वर्मा, कुर्सी, बाराबंकी-2 9415437029
एम.एल.ए. शरद कुमार अवस्थी, रामनगर, बाराबंकी-1 8887151069
एम.एल.ए. शरद कुमार अवस्थी, रामनगर, बाराबंकी-2 9415141951
एम.एल.ए. धर्मराज सिंह उर्फ सुरेश यादव, बाराबंकी-1 8765954967
एम.एल.ए. धर्मराज सिंह उर्फ सुरेश यादव, बाराबंकी-2 9415142514
एम.एल.ए. उपेन्द्र सिंह, जैदपुर, बाराबंकी-1 8887151069
एम.एल.ए. उपेन्द्र सिंह, जैदपुर, बाराबंकी-2 9415152609
एम.एल.ए. सतीश चन्द्र शर्मा, दरियाबाद, बाराबंकी-1 8887151070
एम.एल.ए. सतीश चन्द्र शर्मा, दरियाबाद, बाराबंकी-2 9898362626
एम.एल.ए. बैजनाथ रावत, हैदरगढ़, बाराबंकी-1 9415059645
एम.एल.ए. बैजनाथ रावत, हैदरगढ़, बाराबंकी-2 8887151072
एम.एल.ए. तसलीम अहम, नजीबाबाद, बिजनौर-1 9837007861
एम.एल.ए. तसलीम अहम, नजीबाबाद, बिजनौर-2 8765954716
एम.एल.ए. मनोज कुमार पारस, नगीना, बिजनौर-1 9412146840
एम.एल.ए. मनोज कुमार पारस, नगीना, बिजनौर-2 8765954717
एम.एल.ए. सुशांत कुमार, बढ़ापुर, बिजनौर 7899977777
एम.एल.ए. अशोक कुमार राण, धामपुर, बिजनौर 8887150820
एम.एल.ए. ओम कुमार, नहटौर, बिजनौर 8765954720
एम.एल.ए. सुचि, बिजनौर-1 9897666841
एम.एल.ए. सुचि, बिजनौर-2 8887150882
एम.एल.ए. कमलेश सैनी, चाँदपुर, बिजनौर-1 9410297635
एम.एल.ए. कमलेश सैनी, चाँदपुर, बिजनौर-2 9412856829
एम.एल.ए. लोकेन्द्र सिंह चैहान, नूरपुर, बिजनौर-1 8765954723
एम.एल.ए. लोकेन्द्र सिंह चैहान, नूरपुर, बिजनौर-2 9917012222
एम.एल.ए. बिमला सिंह सोलंकी, सिकन्दराबाद, बुलन्दशहर 8765954763
एम.एल.ए. वीरेन्द्र सिंह सिरोह, बुलन्दशहर-1 8887150865
एम.एल.ए. वीरेन्द्र सिंह सिरोह, बुलन्दशहर-2 9415000410
एम.एल.ए. देवेन्द्र सिंह लोधी एडवोकेटे, बुलन्दशहर-1 8887150866
एम.एल.ए. देवेन्द्र सिंह लोधी एडवोकेटे, बुलन्दशहर-2 9634220444
एम.एल.ए. संजय, अनूपशहर, बुलन्दशहर-1 9818326000
एम.एल.ए. संजय, अनूपशहर, बुलन्दशहर-2 8887150867
एम.एल.ए. अनीता लोधी राजपूत, डिबाई, बुलन्दशहर-1 9457978099
एम.एल.ए. अनीता लोधी राजपूत, डिबाई, बुलन्दशहर-2 8887150868
एम.एल.ए. अनिल कुमार, शिकारपुर, बुलन्दशहर 9415905818
एम.एल.ए. विजेन्द्र सिंह, खुर्जा, बुलन्दशहर-1 8887150870
एम.एल.ए. विजेन्द्र सिंह, खुर्जा, बुलन्दशहर-2 9456028186
एम.एल.ए. रविन्द्र नाथ त्रिपाठी, भदोही-1 9415607453
एम.एल.ए. रविन्द्र नाथ त्रिपाठी, भदोही-2 8887151192
एम.एल.ए. विजय मिश्र, ज्ञानपुर, भदोही-1 9198111999
एम.एल.ए. विजय मिश्र, ज्ञानपुर, भदोही-2 9415905696
एम.एल.ए. दीनानाथ भाष्कर, औराई, भदोही-1 8887151194
एम.एल.ए. दीनानाथ भाष्कर, औराई, भदोही-2 9415223895
एम.एल.ए. दारा सिंह चैहान, मधुबन, मऊ 9560961877
एम.एल.ए. फागू चैहान, घोसी, मऊ-1 9415240909
एम.एल.ए. फागू चैहान, घोसी, मऊ-2 8887151154
एम.एल.ए. श्रीराम सोनकर, मुहम्दाबाद गोहना, मऊ-1 9415260338
एम.एल.ए. श्रीराम सोनकर, मुहम्दाबाद गोहना, मऊ-2 8887151155
एम.एल.ए. मुख्तार अंसारी, मऊ 8768955055
एम.एल.ए. लक्ष्मी नारायण, छता, मथुरा 9760000031
एम.एल.ए. श्याम सुन्दर शर्मा, मांट, मथुरा-1 9415905804
एम.एल.ए. श्याम सुन्दर शर्मा, मांट, मथुरा-2 8765954781
एम.एल.ए. कारिंदा सिंह, गोवर्धन, मथुरा
एम.एल.ए. श्रीकांत शर्मा, मथुरा-1 9455073832
एम.एल.ए. श्रीकांत शर्मा, मथुरा-2 9999476555
एम.एल.ए. पूरन प्रकाश, बलदेव 9412281250
एम.एल.ए. बजरंग बहादुर सिंह, फरेन्दा, महराजगंज-1 7607563830
एम.एल.ए. बजरंग बहादुर सिंह, फरेन्दा, महराजगंज-2 8887151115
एम.एल.ए. अमनमणि त्रिपाठी, नौतनवा, महराजगंज-1 8181932194
एम.एल.ए. अमनमणि त्रिपाठी, नौतनवा, महराजगंज-2 8887151116
एम.एल.ए. प्रेम सागर पटेल, सिसवां, महराजगंज-1 9911885916
एम.एल.ए. प्रेम सागर पटेल, सिसवां, महराजगंज-2 9450531056
एम.एल.ए. जय मंगल, महाराजगंज-1 9918498559
एम.एल.ए. जय मंगल, महाराजगंज-2 8887151118
एम.एल.ए. ज्ञानेन्द्र, पनियारा 9936811570
एम.एल.ए. राकेश कुमार गोस्वामी, महोबा 9935911532
एम.एल.ए. ब्रजभूषण राजपूत चरखारी, महोबा-1 8887151031
एम.एल.ए. ब्रजभूषण राजपूत चरखारी, महोबा-2 8004644444
एम.एल.ए. राहुल प्रकाश, छानबे, मिर्जापुर-1 9415912000
एम.एल.ए. राहुल प्रकाश, छानबे, मिर्जापुर-2 8887151195
एम.एल.ए. रत्नाकर मिश्र, मिर्जापुर-1 9415208916
एम.एल.ए. रत्नाकर मिश्र, मिर्जापुर-2 9559559000
एम.एल.ए. शुचिस्मिता मौर्या, मझवां, मिर्जापुर-1 9839001364
एम.एल.ए. शुचिस्मिता मौर्या, मझवां, मिर्जापुर-2 8887151197
एम.एल.ए. अनुराग सिंह, चुनार, मिर्जापुर 8887151198
एम.एल.ए. रमाशंकर सिंह, मड़िहान, मिर्जापुर-1 9839739139
एम.एल.ए. रमाशंकर सिंह, मड़िहान, मिर्जापुर-2 8887151199
एम.एल.ए. उमेश मलिक, बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर-1 9412211911
एम.एल.ए. उमेश मलिक, बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर-2 8887150811
एम.एल.ए. विजय कुमार कश्यप, चरवावल, मुजफ्फरनगर 8887150812
एम.एल.ए. प्रमोद उटवाल, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर 837432111
एम.एल.ए. कपिलदेव अग्रवाल, मुजफ्फरनगर-1 9837067089
एम.एल.ए. कपिलदेव अग्रवाल, मुजफ्फरनगर-2 8887150814
एम.एल.ए. विक्रम सिंह, खतौली-1 9897776870
एम.एल.ए. विक्रम सिंह, खतौली-2 8887150815
एम.एल.ए. अवतार सिंह बडाना, मीरापुर, मुजफ्फरनगर-1 8887150816
एम.एल.ए. अवतार सिंह बडाना, मीरापुर, मुजफ्फरनगर-2 9891406007
एम.एल.ए. राजेश कुमार सिंह (चुन्नू), कांठ, मुरादाबाद-1 8887150825
एम.एल.ए. राजेश कुमार सिंह (चुन्नू), कांठ, मुरादाबाद-2 9412243141
एम.एल.ए. नवाब जान, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद 8765954725
एम.एल.ए. हाजी इकराम कुरैशी, मुरादाबाद, मुरादाबाद-1 9412244665
एम.एल.ए. हाजी इकराम कुरैशी, मुरादाबाद, मुरादाबाद-2 9058482444
एम.एल.ए. रीतेश कुमार गुप्ता, मुरादाबाद नगर
एम.एल.ए. मोहम्मद रिजवान, कुन्दरकी, मुरादाबाद 9759672095
एम.एल.ए. मोहम्मद फईम, बिलारी 8765954729
एम.एल.ए. जितेन्द्र पाल सिंह शिवालखास, मेरठ-1 8887150843
एम.एल.ए. जितेन्द्र पाल सिंह शिवालखास, मेरठ-2 7351011011
एम.एल.ए. संगीत सिंह सोम, सरघना, मेरठ 8765954743
एम.एल.ए. दिनेश खटीक, हस्तिनापुर, मेरठ-1 887150845
एम.एल.ए. दिनेश खटीक, हस्तिनापुर, मेरठ-2 9759794191
एम.एल.ए. सत्यवीर त्यागी, किठौर, मेरठ-1 8887150846
एम.एल.ए. सत्यवीर त्यागी, किठौर, मेरठ-2 9412663224
एम.एल.ए. सत्य प्रकाश अग्रवाल, मेरठ कैन्ट 9412515005
एम.एल.ए. रफीक अंसारी, मेरठ 8887150848
एम.एल.ए. डाॅ. सोमेन्द्र तोमर, मेरठ दक्षिण 8887150849
एम.एल.ए. राजकुमार उर्फ राजू यादव, मैनपुरी 8765954806
एम.एल.ए. राम नरेश अग्निहोत्री, भोगांव, मैनपुरी-1 9412286531
एम.एल.ए. राम नरेश अग्निहोत्री, भोगांव, मैनपुरी-2 8887150908
एम.एल.ए. इंजी. बृजेश कठेरिया, किशनी, मैनपुरी-1 7500228000
एम.एल.ए. इंजी. बृजेश कठेरिया, किशनी, मैनपुरी-2 8765954808
एम.एल.ए. सोवरन सिंह यादव, करहल, मैनपुरी 8765954809
एम.एल.ए. मो0 अब्दुल्ला आजम खाँ, स्वार, रामपुर 8887150834
एम.एल.ए. नसीर अहमद खाँ, रमव्वा, रामपुर-1 9897385306
एम.एल.ए. नसीर अहमद खाँ, रमव्वा, रामपुर-2 9837300808
एम.एल.ए. बलदेव सिंह औलख, विलासपुर, रामपुर 9412251006
एम.एल.ए. मो0 आजम खाँ, रामपुर 9415607314
एम.एल.ए. राजबाला, मिलक, रामपुर-1 8887150838
एम.एल.ए. राजबाला, मिलक, रामपुर-2 7617606443
एम.एल.ए. राम नरेश रावत, बछरांवा, रायबरेली-1 8887150977
एम.एल.ए. राम नरेश रावत, बछरांवा, रायबरेली-2 8874336000
एम.एल.ए. राकेश सिंह, हरचन्द्रपुर, रायबरेली-1 9415034200
एम.एल.ए. राकेश सिंह, हरचन्द्रपुर, रायबरेली-2 8887150979
एम.एल.ए. अदिति सिंह, रायबरेली-1 9984177772
एम.एल.ए. अदिति सिंह, रायबरेली-2 8887150980
एम.एल.ए. दल बहादुर, सलोन, रायबरेली-1 9936887033
एम.एल.ए. दल बहादुर, सलोन, रायबरेली-2 8887150981
एम.एल.ए. धीरेन्द्र बहादुर सिंह, सरेनी, रायबरेली-1 8887150982
एम.एल.ए. धीरेन्द्र बहादुर सिंह, सरेनी, रायबरेली-2 84002227777
एम.एल.ए. मनोज कुमार पाण्डेय, ऊंचाहार, रायबरेली 80054890066
एम.एल.ए. जय देवी, मलिहाबाद, लखनऊ-1 9483833158
एम.एल.ए. जय देवी, मलिहाबाद, लखनऊ-2 8887150968
एम.एल.ए. अविनाश द्विवेदी, बख्शी का तालाब, लखनऊ 9415192522
एम.एल.ए. स्वाती सिंह, सरोजनी नगर, लखनऊ 9519977111
एम.एल.ए. सुरेश कुमार श्रीवास्तव, लखनऊ (प) 9415028736
एम.एल.ए. डाॅ. नीरज बोरा, लखनऊ (उ)-1 8887150972

डाइंग डिक्लेरेशन (मृत्यु-पूर्व बयान) में फ़्राडियरी

फ़्राडियर- (भाग 14)
14- डाइंग डिक्लेरेशन (मृत्यु-पूर्व बयान) में फ़्राडियरी
हमारी न्यायिक-प्रक्रिया फ़्राडियरी का एक बेमिसाल नमूना है. कम ही क्षेत्रों में असत्य का इतने धड़ल्ले से उपयोग किया जाता है. यह प्रक्रिया ऐसे सागर मंथन के समान है जिसमें देव और असुर दोनो एक दूसरे पर विजय पाने हेतु असत्य की मथानी का जमकर प्रयोग करते हैं. वादी एफ़. आई. आर. में अनेक असत्य अभियुक्त एवं असत्य गवाह के नाम लिखवाता है, विवेचक अनेक निर्दोष नामज़द अभियुक्तों का चालान करता है, अभियोजन एवं बचाव के वकील गवाहों से असत्य बयान दिलवाते हैं और अनेक निर्णय असत्य साक्ष्य एवं कुतर्क पर आधारित होते हैं.
एक रोचक तथ्य यह भी है कि न्यायिक प्रक्रिया में फ़्राडियरी करने वाले वादी, पुलिसजन, अभियोजक, वकील एवं अन्य सम्बंधित कर्मियों के पास फ़्राडियरी करने के बड़े ‘ठोस एवं अकाट्य’ कारण होते हैं. पुलिस अधिकारी के रूप में थानों के निरीक्षण के दौरान मैं पाता था कि वहां लगभग सभी एफ़. आई. आर. वादी की लिखित तहरीर के आधार पर लिखी जाती हैं, जब कि मेरा विचार था कि किसी के यहां डकैती, मारपीट, हत्या जैसी घटना घटित हो जाने पर वह व्यक्ति तहरीर लिखाकर थाना पर जाने के बजाय पहले थाने को मौखिक सूचना देता होगा. कानून के अनुसार थानेदार को एफ़ आई. आर. उसी मौखिक सूचना के आधार पर लिखनी चाहिये. उस मौखिक सूचना के सत्य पर आधारित होने की सम्भावना अधिक होती है. अतः मैं थानेदारों को बार-बार प्रथमतः प्राप्त मौखिक सूचना के अनुसार एफ़. आई. आर. लिखने को निर्देशित करता रहता था, परंतु थानेदार प्रायः उस आदेश की अनदेखी कर लिखित तहरीर लेकर ही एफ़. आई. आर. लिखते थे. पेशकार से पूछने पर उसने इसका एक बड़ा ‘ठोस’ कारण बताया कि यदि थानेदार मौखिक सूचना पर एफ़. आई. आर. लिखने लगें, तो अनेक वादी किसी नेता, वकील या घरवाले के पढ़ाने पर अगले दिन शिकायत कर देंगे कि वे तो एफ़. आई. आर. में अमुक–अमुक व्यक्ति को अभियुक्त नामज़द कर रहे थे, परंतु थानेदार ने ले-दे कर उनका नाम नहीं लिखा है. पेशकार की यह बात यथार्थ पर आधारित थी, परंतु यह भी सत्य था कि मौखिक सूचना पर एफ. आई. आर. न लिखकर वादी को तहरीर लिखाकर लाने को कहने से फ़्राडियरी की एक लम्बी श्रंखला जन्म ले लेती है.
सामान्य ग्रामीण व्यक्ति में एफ़. आई. आर. की तहरीर लिखने की योग्यता नहीं होती है और वह उसे लिखाने हेतु किसी नेता, वकील, पुलिसजन, प्रधान आदि के पास जाता है. इस बीच वादी के सलाहकार अथवा तहरीर के लेखक उसे मुकदमेबाज़ी की ऊंच-नीच समझाकर आरोपितों की सूची में वास्तविक अपराधियों के अतिरिक्त संदिग्ध अपराधियों एवं विरोधियों के नाम भी जुड़वा देते हैं. इससे वादी और नेता किस्म के व्यक्तियों को पुरानी दुश्मनी निकालने अथवा नामज़द व्यक्तियों से धन कमाने का ‘सुअवसर’ प्राप्त हो जाता है और विवेचक को सत्य का पता लगाने का श्रमसाध्य कष्ट उठाये बिना नामज़द व्यक्तियों को गिरफ़्तार कर चार्जशीट लगा देने और मुकदमे को ‘वर्क-आउट’ कर लेने की वाह-वाही लूटने का मौका मिल जाता है. एफ. आई. आर. में नामज़द निर्दोष व्यक्तियों का चालान करने हेतु विवेचक के पास दो अन्य ‘ठोस’ कारण भी होते हैं- 1.वादी अथवा सम्बंधित नेता विवेचक की शिकायत नहीं करता है, 2. अभियोजक एवं न्यायालय यह शिकायत नहीं करते हैं कि जब गवाह सभी नामज़द अभियुक्तों के विरुद्ध गवाही दे रहे थे, तब विवेचक ने कुछ का स्वार्थवश चालान न करके मुकदमा कमज़ोर कर दिया है. निर्दोष अभियुक्तों को ज़मानत देने और बरी कर देने में होने वाली आसानी बचाव के वकील और न्यायाधीश (यदि लक्ष्मी-भक्त हो) दोनो के लिये यश एवं लक्ष्मीकृपा के वर्धक सिद्ध होते है,
उपर्लिखित ‘ठोस’ कारणों के होते हुए भी मैं थानेदारों को प्रथम-प्राप्त मौखिक सूचना के अनुसार ही एफ. आई. आर. लिखने को प्रेरित करता रहा था. इसके फलस्वरूप वर्ष 1978 में डाइंग-डिक्लेरेशन में की गई फ़्राडियरी का एक बड़ा ज्ञानवर्धक प्रकरण उत्पन्न हुआ था. मैं उन दिनों एस. एस. पी., बरेली नियुक्त था. रात देर से सोया था और सुबह गहरी नींद में था. मुझे जगाने के लिये बंगले के बराम्दे में बैठा टेलीफोन अर्दली बार बार घंटी बजा रहा था. मेरे द्वारा टेलीफोन उठाने पर “जयहिंद सर” कहने के पश्चात वह बोला, “सर! थाना फ़तेहगंज पश्चिमी के एस. ओ. कुछ ज़रूरी बात करना चाहते हैं.” मेरे द्वारा हां कहते ही उस पर एस. ओ. की आवाज़ सुनाई दी,
“सर! आज रात मेरे इलाके में एक नवयुवक पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ है. उसके पिता एफ़. आई. आर. की तहरीर दे रहे हैं जिसमें दो नवयुवकों को नामज़द किया गया है. प्रारम्भिक पूछताछ से लगता है कि उनमें एक निर्दोष है. एक भूतपूर्व मंत्री भी एफ़. आई. आर. में दोनो का नाम लिखने का ज़ोर डाल रहे हैं. मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करूं.”
इस पर मैने पूछा कि घटना की प्रथम सूचना आप को कैसे मिली थी. उत्तर मिला, “स्थानीय अस्पताल से थाने पर टेलीफोन आया था कि चाकू से घायल एक लड़के को अस्पताल लाया गया है, जिसकी हालत अच्छी नहीं है.”
मैने थानेदार से कहा कि अस्पताल से टेलीफोन पर मिली सूचना की बात ही एफ. आई. आर. में लिख दो और विवेचना प्रारम्भ कर दो. इस वार्तालाप को हुए लगभग पच्चीस दिन बीत चुके थे कि एक दिन बरेली निवासी राज्यमंत्री श्री अग्रवाल ने सर्किट हाउस में मुझे बुलाकर कहा कि अमुक पूर्व-मंत्री का कहना है कि थानाध्यक्ष, फ़तेहगंज पश्चिमी हत्या के केस में एक अभियुक्त को बचाने में लगे हैं. मृतक द्वारा डाइंग डिक्लेरेशन में दो अभियुकतों को नामज़द किये जाने के बावजूद वह एक को गिरफ़्तार नहीं कर रहे हैं. मैने राज्यमंत्री जी को आश्वस्त किया कि मैं स्वयं प्रकरण की जांच कर न्यायोचित कार्यवाही सुनिश्चित करूंगा.
यह वही प्रकरण था, जिसमें थानाध्यक्ष ने मुझे जगाकर मेरे निर्देश मांगे थे. इसमें घायल नवयुवक को फ़तेहगंज पश्चिमी स्थित अस्पताल के डाक्टर ने उसी दिन ज़िला अस्पताल, बरेली भेज दिया था, जहां 15 दिन बाद उसकी मृत्यु हो गई थी. मृत्यु से एक दिन पहले ज़िला अस्पताल में उस लड़के का मृत्यु-पूर्व बयान एक मजिस्ट्रेट द्वारा लिखा गया था. इस बयान में उसने उन्हीं दो लड़कों द्वारा चाकू मारने की बात लिखाई थी, जिनको उसके पिता अपनी तहरीर में लिखकर एफ़. आई. आर. लिखाने आये थे, परंतु थानाध्यक्ष ने वह एफ़. आई. आर. न लिखकर मेरे निर्देशानुसार अस्पताल से फ़ोन पर प्राप्त सूचना के आधार पर रिपोर्ट लिखी थी. जब मैने जांच की तो पता चला कि मजिस्ट्रेट द्वारा लिखे गये डाइंग-डिक्लेरेशन में नामज़द दो लड़कों में एक तो वास्तव में अपराध में संलिप्त था, परंतु दूसरा नवयुवक निर्दोष था. वह उस रात्रि अपने गांव, जो घटनास्थल से 10 किलोमीटर दूर था, में ही मौजूद रहा था. असलियत में दूसरा अपराधी यह लड़का न होकर पूर्वमंत्री का एक बिग़ड़ा हुआ पुत्र था और मृतक के पिता ने एफ़. आई. आर. हेतु लाई तहरीर में पूर्व-मंत्री के पुत्र के स्थान पर इस दूसरे लड़के का नाम लिख दिया था, क्योंकि उसके पिता से उसकी दुश्मनी थी. संयोगवश मृतक के पिता, बिगड़े पुत्र के पिता (पूर्वमंत्री) और फ़तेहगंज पश्चिमी अस्पताल के डाक्टर तीनो एक ही जाति के थे और तीनो ही पूर्व-मंत्री के पुत्र को बचाने के षड़यंत्र में सम्मिलित हो गये थे. चाकू से घायल होने की घटना के 14 दिन बाद बरेली में घायल लड़के की दशा खराब होने पर मजिस्ट्रेट के द्वारा डाइंग-डिक्लेरेशन लिखा गया. उसमें भी उसने पिता के प्रभाव में पूर्व-मंत्री के पुत्र के बजाय निर्दोष लड़के का नाम ही लिखवाया था. उसके दूसरे दिन उसकी मृत्यु हो गई थी.
जब मैने फ़तेहगंज पश्चिमी अस्पताल के डाक्टर से पूछा तो उसने मुझसे कह दिया कि लड़के की हालत ज़्यादा खराब होने के कारण उसे अविलम्ब बरेली ज़िला अस्पताल भेज दिया था. यद्यपि डाक्टर ने कहा था कि उसने कोई डाइंग डिक्लेरेशन नहीं लिखा था, परंतु बाद में थानाध्यक्ष फ़तेहगंज पश्चिमी ने मुझे बताया कि उसकी सूचना के अनुसार जब घायल लड़का रात में फ़तेहगंज पश्चिमी स्थित अस्पताल लाया गया था, तो उसका प्राथमिक इलाज करने के अलावा उसकी दशा देखते हुए इस डाक्टर ने स्वयं उसका डाइंग-डिक्लेरेशन भी लिखा था. अब वह पूर्व-मंत्री के दबाव एवं पैसे के प्रभाव में इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर रहा है.
अतः मैने दूसरे दिन फिर थानाध्यक्ष को डाक्टर के पास भेजा. थानाध्यक्ष ने डाक्टर को एकांत में ले जाकर सहानुभूति जताते हुए कहा,
“एस. एस. पी. साहब को इस बात का सबूत मिला है कि आप ने घायल लड़के का डाइंग-डिक्लेरेशन लिखा था और उसे अब आप छुपाये हुए हैं. उन्होने आप के विरुद्ध हत्या के केस में गवाही छिपाने का जुर्म रजिस्टर करके आप को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया है.”
यह सुनते ही डाक्टर की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई, और उसने छिपाकर रखा हुआ डाइंग-डिक्लेरेशन लाकर थानाध्यक्ष को दे दिया. इस डाइंग डिक्लेरेशन में भी दो अभियुक्त नामज़द थे, परंतु उस निर्दोष युवक के स्थान पर पूर्व-मंत्री के पुत्र का नाम लिखा था. मैने डाक्टर से डाइंग-डिक्लेरेशन निकलवा लेने हेतु थानाध्यक्ष को शाबाशी दी. अपनी सुपरविज़न-रिपोर्ट में जांच के सारे तथ्य लिखते हुए थानाध्यक्ष को आदेश दिया कि वह मजिस्ट्रेट द्वारा लिखे गये बाद के डाइंग-डिक्लेरेशन को ग़लत मानते हुए डाक्टर के सामने दिये गये प्रथम डाइंग-डिक्लेरेशन के अनुसार पूर्व-मंत्री पुत्र को गिरफ़्तार करे और दोनो वास्तविक अपराधियों के विरुद्ध चार्ज-शीट दाखिल करे. थानाध्यक्ष ने तदनुसार चार्ज-शीट दाखिल की.
कुछ वर्ष बाद मुकदमा का फ़ैसला हुआ और पूर्व-मंत्री के पुत्र सहित दोनो युवकों को सज़ा हुई. तब मैं बरेली से स्थानांतरित हो चुका था, परंतु यह जानकर मुझे विशेष प्रसन्नता हुई कि विद्वान जज ने निर्णय पर पहुंचने से पहले मेरे द्वारा लिखी गई सुपरविज़न रिपोर्ट मंगाकर पढ़ी थी. अन्यथा मजिस्ट्रेट द्वारा लिखे गये डाइंग-डिक्लेरेशन को झुठलाना आसान काम नहीं था- एक तो डाइंग-डिक्लेरेशन के प्रकरणों में कानून डाक्टर की अपेक्षा मजिस्ट्रेट को अधिक विश्वसनीय मानता है और दूसरे मजिस्ट्रेट के द्वारा लिखा हुआ डाइंग-डिक्लेरेशन ही सही मायने में मृत्यु-पूर्व बयान था क्योंकि उसी के तुरंत पश्चात घायल नवयुवक मरा था.
इस घटना से मुझे एक बात स्पष्ट हो गई कि कानून की यह मान्यता कि मरते समय मनुष्य केवल सत्य बोलता है, स्वयं में एक बड़ा फ़्राड है. उस कमज़ोर मानसिक स्थिति में तो उससे कुछ भी कहलवाया जा सकता है.
-क्रमशः