मोदी के विकास के कुछ मुद्दे जी जेरे बहस से खारिज रहते हैं। यह भी "हिंदुत्व" की ही चिंता है। और जिम्मेदारी भी है।
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नेशनल फॅमिली हेल्थ के एक सर्वे के अनुसार हर साल भारत में सर्वाइकल कैंसर के 1, 30,000 मामले सामने आते है और हर 8 मिनिट में एक महिला की मौत होती है जिसका सबसे बड़ा कारण महिलाओं को महावारी या मासिक धर्म के समय होने वाली इन्फेक्शनस है। जिसके बारे में महिलाए जागरूक नही है ! या फिर अभाव है। महावारी या मासिक धर्म महिलाओं की लाइफ का एक बड़ा पार्ट है जो १२ साल की आयु से शुरू होकर ४५ से ५० साल तक रहता है !
मासिक धर्म या महावरी के बारे में ज्यादातर महिलाए आज भी खुल कर बात नही कर पाती है और पिछड़े वर्ग या ग्रामीण इलाको में तो महिलाए इसे बहुत ही ज़्यादा निजी मानती है और इसी कारण इसमें होने वाली बिमारिओ के बारे में अनजान रहती है और किसी को बता नही पाती !
आज भी बहुतेरे ग्रामीण इलाको में महावारी के दौरान कपडे का इस्तेमाल किया जाता है जो कि सेहत के लिए बहुत हानिकारक है और भारत के गाँव वर्ग में गरीबी ज़्यादा होने के कारण वहां की महिलाए महंगे ब्रांड के सेनेटरी पैड्स नही खरीद सकती और सस्ते की लालच में वो जो पैड्स खरीद लेती है उससे लिकोरिया , कैंसर , यूरिन इन्फेक्शन , बाँझपन जैसी बीमारिया उन्हें धीरे धीरे अपनी चपेट में ले लेती है !
इन्ही सब चीजों को देखते हुए मोदी सरकार ने
"स्त्री स्वाभिमान" के तहत रवि शंकर परसाद के नेतृत्व में CSC (कॉमन सर्विस सेण्टर) में काम करने वाली महिलाओं को सनेट्री पैड्स बनाने का काम दिया है जिससे एक सेण्टर में कम से कम 6 महिलाओं को रोज़गार मिलेगा वो स्वतंत्र होकर अपनी पहचान बना पाने में कामयाब हो पायेगी और दुसरा महिलाओं को कम कीमत में अच्छे और स्वच्छ सेनेटरी पैड्स मिलेगे जो कि ख़ासकर महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बनेगे !
इसके लिए मोदी सरकार पिछड़े वर्ग और ग्रामीण इलाको कि महिलाओं को निशुल्क ये पैड्स उपलब्ध करवाएगी ! इसके लिए इस्तेमाल होने वाला सारा कच्चा माल मोदी सरकार ही महिला VLE तक पहुंचाएगी।जिसमे ऐसी कोई चीज इस्तेमाल नही होगी जो महिलाओं की सेहत के हानिकारक हो !
नेशनल फॅमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार शेहरी इलाको में 75.5 % महिलाए और ग्रामीण इलाको में 48.4% महिलाए ही सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करती है !
महिला यौन स्वास्थ्य और स्वछता की इस हालत में बदलाव के लिए देश की 3500 महिला vles ने इस क्षेत्र में कार्य करने का प्रण लिया है ! CSC SPV का स्वाभिमान अभियान महिलाओं के लिए सस्ते अच्छे और गुणवत्ता परख सेनेटरी पैड्स उपलब्ध करवाने का अभियान है !
“स्त्री स्वाभिमान मेरी अपनी पहचान “
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नेशनल फॅमिली हेल्थ के एक सर्वे के अनुसार हर साल भारत में सर्वाइकल कैंसर के 1, 30,000 मामले सामने आते है और हर 8 मिनिट में एक महिला की मौत होती है जिसका सबसे बड़ा कारण महिलाओं को महावारी या मासिक धर्म के समय होने वाली इन्फेक्शनस है। जिसके बारे में महिलाए जागरूक नही है ! या फिर अभाव है। महावारी या मासिक धर्म महिलाओं की लाइफ का एक बड़ा पार्ट है जो १२ साल की आयु से शुरू होकर ४५ से ५० साल तक रहता है !
मासिक धर्म या महावरी के बारे में ज्यादातर महिलाए आज भी खुल कर बात नही कर पाती है और पिछड़े वर्ग या ग्रामीण इलाको में तो महिलाए इसे बहुत ही ज़्यादा निजी मानती है और इसी कारण इसमें होने वाली बिमारिओ के बारे में अनजान रहती है और किसी को बता नही पाती !
आज भी बहुतेरे ग्रामीण इलाको में महावारी के दौरान कपडे का इस्तेमाल किया जाता है जो कि सेहत के लिए बहुत हानिकारक है और भारत के गाँव वर्ग में गरीबी ज़्यादा होने के कारण वहां की महिलाए महंगे ब्रांड के सेनेटरी पैड्स नही खरीद सकती और सस्ते की लालच में वो जो पैड्स खरीद लेती है उससे लिकोरिया , कैंसर , यूरिन इन्फेक्शन , बाँझपन जैसी बीमारिया उन्हें धीरे धीरे अपनी चपेट में ले लेती है !
इन्ही सब चीजों को देखते हुए मोदी सरकार ने
"स्त्री स्वाभिमान" के तहत रवि शंकर परसाद के नेतृत्व में CSC (कॉमन सर्विस सेण्टर) में काम करने वाली महिलाओं को सनेट्री पैड्स बनाने का काम दिया है जिससे एक सेण्टर में कम से कम 6 महिलाओं को रोज़गार मिलेगा वो स्वतंत्र होकर अपनी पहचान बना पाने में कामयाब हो पायेगी और दुसरा महिलाओं को कम कीमत में अच्छे और स्वच्छ सेनेटरी पैड्स मिलेगे जो कि ख़ासकर महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बनेगे !
इसके लिए मोदी सरकार पिछड़े वर्ग और ग्रामीण इलाको कि महिलाओं को निशुल्क ये पैड्स उपलब्ध करवाएगी ! इसके लिए इस्तेमाल होने वाला सारा कच्चा माल मोदी सरकार ही महिला VLE तक पहुंचाएगी।जिसमे ऐसी कोई चीज इस्तेमाल नही होगी जो महिलाओं की सेहत के हानिकारक हो !
नेशनल फॅमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार शेहरी इलाको में 75.5 % महिलाए और ग्रामीण इलाको में 48.4% महिलाए ही सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करती है !
महिला यौन स्वास्थ्य और स्वछता की इस हालत में बदलाव के लिए देश की 3500 महिला vles ने इस क्षेत्र में कार्य करने का प्रण लिया है ! CSC SPV का स्वाभिमान अभियान महिलाओं के लिए सस्ते अच्छे और गुणवत्ता परख सेनेटरी पैड्स उपलब्ध करवाने का अभियान है !
“स्त्री स्वाभिमान मेरी अपनी पहचान “
कपूरथला से Salonika Gupta जी ने अपनी यह पाती मुझे इनबॉक्स की है। वो खुद इस अभियान का हिस्सा है।
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