Sunday, September 15, 2019

बाड़मेर जिले की मीडिया के संबंध में खुलासा।

बाड़मेर जिले की मीडिया के संबंध में खुलासा।
काफी लंबे समय से कई लोग मीडिया वाले, सम्पादक, पत्रकार, News reporter वगेरह वगेरह... बन कर घूम रहे हैं। वह जनता को भी परेशान करते हैं जो चिंता का विषय हैं और कई बार यह लोग सरकारी कार्यालय में अधिकारियों को धमकाते हैं व परेशान करते हैं जो ठीक है क्योंकि भ्रष्टाचारियों को तंग करना कोई बुरी बात नहीं।
मुझे पहले से जानकारी थी कि यह सब ऐसे ही डराने धमकाने के लिए हो रहा है लेकिन मैंने इसका खुलासा करना तय किया और मैने आरटीआई फाइल की।
मेरी आरटीआई का जवाब देने में पहले तो सम्बंधित अधिकारी ने आनाकानी और नाटक किये लेकिन जब उसे स्पेशल तरीके से समझाया गया तो उसने निम्न प्रकार से बाड़मेर जिले के अधिस्वीकृत पत्रकारों की सूची और बाड़मेर जिले में डीपीआईआर से विज्ञापनों के लिए स्वीकृत समाचार पत्रों की सूची उप्लब्ध कराई जो निम्न प्रकार हैं :-
1. बाड़मेर जिले में डीपीआईआर से विज्ञापनों के लिए स्वीकृत समाचार पत्रों की संख्या कुल 14 हैं जो संलग्न है।
2. बाड़मेर जिले के अधिस्वीकृत पत्रकारों की संख्या कुल 9 है जो संलग्न है।
अब देखा जाए तो यह भी बड़ी विडंबना है कि 14 समाचार पत्र है और 9 पत्रकार है। कैसे चल रहे है बाकी के 5 अखबार।
गजब की मीडिया है हमारी।
दूसरों का भंडाफोड़ करते है, भंडाफोड़ करने की धमकी देते है, खुलासा करते है, पोल खोलने की बात करते हैं और खुद की पोल में ढोल बज रहा है।
कुछ लोग तो यूं ही यूट्यूब पर ही चैनल चलाते हैं कुछ व्हाट्सएप, फेसबुक तथा ब्लॉगर ब्राण्ड पत्रकार बने हुए हैं।
मुझे समझ में नहीं आता कि गले में कैमरा लटका कर घूमने से हाथ में एक मीडिया का नाम लिखा हुआ डंडा पकड़े हुए इधर-उधर घुमने से क्या होता है ?
यह पब्लिसिटी वगैरह कुछ नहीं होती है सब भ्रम जाल है, फालतू चीजें हैं।
इससे बेहतर है कि आप कोई अच्छा सा काम करें और पत्रकारिता के नाम पर चल रही अवैध दुकानें बंद होनी चाहिए, क्योकि यह ठीक नहीं है।

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