पढ़ो! देखो! आंखें खोलो! सोचो!
सरपंच संघ पंचायत समिति बालोतरा, जिला बाड़मेर का मेरे विरुद्ध किया गया प्रदर्शन तथा मेरे खिलाफ उपखंड अधिकारी बालोतरा जिला बाड़मेर को दिया गया ज्ञापन।
इस ज्ञापन में भी घपला है अभी मैं इसे सिद्ध कर देता हूं कि इस ज्ञापन में कैसे घपला है। मेरे खिलाफ दिये गये ज्ञापन की प्रतियां में संलग्न कर रहा हूं आप उस ज्ञापन को पढ़िए और नीचे जो हस्ताक्षर किए गए हैं उनको भी देखिये! कई हस्ताक्षर कई महिला सरपंचों द्वारा भी किए गए हैं जबकि इन अखबार की फोटो मे और मेरे द्वारा अपलोड किए गए फोटो में कहीं पर भी एक भी महिला नहीं दिख रही है। इसका मतलब महिला सरपंचों के नाम पर उनके रिश्तेदारों ने या उनके पतियों ने फर्जी साइन किए हैं तथा फर्जी तरीके से ज्ञापन सुपुर्द कर विरोध किया है। मैं इन कमजोर और करप्ट लोगों से कहना चाहता हूं कि कम से कम इतनी तो हिम्मत रखिए कि जब एक महिला को सरपंच बनाते हो तो उसे उसका काम करने की आजादी भी दो। यहां पर भी घपला कर रहे हो, ठीक ऐसे ही हर ग्राम पंचायत में हो रहा है। जहां पर भी महिला सरपंच है वहां पर महिला सरपंच अपने चूल्हे चौके का काम करती हैं और उनके रिश्तेदार पंचायतों का काम संपादन करते हैं। जब कोई करप्शन की बात आती है तो उस महिला के खिलाफ कार्रवाई होती हैं और फिर यह लोग घूम-घूम कर कहते हैं कि फला-फला व्यक्ति ने महिला पर कार्यवाही कर दी यह कर दिया वह कर दिया। जबकि सबसे कमजोर वह लोग हैं जो महिलाओं की आड़ में उनकी पीठ पीछे छुप कर भ्रष्टाचार करते हैं। मर्द के बच्चे हो तो सामने आकर हमसे लड़ कर देखो। क्या महिलाओं की आड़ लेते हो।
सरपंच संघ पंचायत समिति बालोतरा, जिला बाड़मेर का मेरे विरुद्ध किया गया प्रदर्शन तथा मेरे खिलाफ उपखंड अधिकारी बालोतरा जिला बाड़मेर को दिया गया ज्ञापन।
इस ज्ञापन में भी घपला है अभी मैं इसे सिद्ध कर देता हूं कि इस ज्ञापन में कैसे घपला है। मेरे खिलाफ दिये गये ज्ञापन की प्रतियां में संलग्न कर रहा हूं आप उस ज्ञापन को पढ़िए और नीचे जो हस्ताक्षर किए गए हैं उनको भी देखिये! कई हस्ताक्षर कई महिला सरपंचों द्वारा भी किए गए हैं जबकि इन अखबार की फोटो मे और मेरे द्वारा अपलोड किए गए फोटो में कहीं पर भी एक भी महिला नहीं दिख रही है। इसका मतलब महिला सरपंचों के नाम पर उनके रिश्तेदारों ने या उनके पतियों ने फर्जी साइन किए हैं तथा फर्जी तरीके से ज्ञापन सुपुर्द कर विरोध किया है। मैं इन कमजोर और करप्ट लोगों से कहना चाहता हूं कि कम से कम इतनी तो हिम्मत रखिए कि जब एक महिला को सरपंच बनाते हो तो उसे उसका काम करने की आजादी भी दो। यहां पर भी घपला कर रहे हो, ठीक ऐसे ही हर ग्राम पंचायत में हो रहा है। जहां पर भी महिला सरपंच है वहां पर महिला सरपंच अपने चूल्हे चौके का काम करती हैं और उनके रिश्तेदार पंचायतों का काम संपादन करते हैं। जब कोई करप्शन की बात आती है तो उस महिला के खिलाफ कार्रवाई होती हैं और फिर यह लोग घूम-घूम कर कहते हैं कि फला-फला व्यक्ति ने महिला पर कार्यवाही कर दी यह कर दिया वह कर दिया। जबकि सबसे कमजोर वह लोग हैं जो महिलाओं की आड़ में उनकी पीठ पीछे छुप कर भ्रष्टाचार करते हैं। मर्द के बच्चे हो तो सामने आकर हमसे लड़ कर देखो। क्या महिलाओं की आड़ लेते हो।
मेरे हिसाब से इसे सरपंच संघ कहना गलत होगा बल्कि इसे गिरोह कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि संगठन अच्छे कार्य के लिए होता है जबकि मैं इनको इसलिए गिरोह कह रहा हूं क्योकि इनमें से कई लोगों के खिलाफ वारंट जारी हो चुके हैं कुछ सरपंच फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुने गए सरपंच हैं। इनमें से ज्यादातर सरपंचों ने अपनी ग्राम पंचायतों में घोटाले किए हैं ग्रामीणों के पैसे खा गए गांव को बर्बाद कर दिया और इन्हीं की ग्राम पंचायतों में लगे ग्राम सेवकों ने तथा इन सरपंच लोगों के रिश्तेदारों में अपने-अपने नाम फर्जी कंपनियां बनाकर विकास अधिकारी से लगाकर उच्चाधिकारियों तक मिलावट कर फर्जी तरीके से विकास के नाम पर पैसे उठा कर हड़प कर गये है। ग्रामीण बेचारे देखते ही रह गए। सरकारों को लगता होगा कि वह जो बजट जारी करती है वह आम व्यक्ति तक पहुंचता होगा लेकिन यह भ्रष्टाचारी लोग आम जनता की खून पसीने की कमाई को दीमक की तरह चट कर लेते हैं और ग्रामीणों को पता ही नहीं चलता।
मेरे विरुद्ध ज्ञापन देने वाले सरपंचों तथा ग्राम पंचायतों के नाम क्रमशः निम्न प्रकार हैं :-
1 जालमसिंह राजपूत-सरपंच, ग्राम पंचायत जसोल तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
2 गंगाराम जाट- सरपंच, ग्राम पंचायत दुदवा तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
3 लूंगा देवी चौधरी- सरपंच, ग्राम पंचायत आसोतरा तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
4 टीना देवी मेघवाल-सरपंच, ग्राम पंचायत खेड़ तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
5 जबानाराम भील-सरपंच, ग्राम पंचायत टापरा, तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
6 कंचन कंवर चारण-सरपंच, ग्राम पंचायत आकड़ली, तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
7 मंजूदेवी चौधरी- सरपंच, ग्राम पंचायत जागसा तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
8 बबरीदेवी भील-सरपंच, ग्राम पंचायत जानियाना, तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
9 कैलाश कंवर पत्नी श्यामसिंह मेवानागर, महेचा- सरपंच ग्राम पंचायत मेवानगर तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
10 सरोज चौधरी-सरपंच, ग्राम पंचायत किटनोद तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
11 कल्याण सिंह राजपूत-सरपंच, ग्राम पंचायत गोपड़ी तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
12 जितेंद्र सिंह पुत्र भूरसिंह राजपूत-सरपंच ग्राम पंचायत मुंगड़ा तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
13 राजश्री कंवर पत्नी भगवतसिंह राठोड़ -सरपंच ग्राम पंचायत माजीवाला तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
14 शोभसिंह राजपूत-सरपंच ग्राम पंचायत तिलवाड़ा तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
15 संजय प्रताप सिंह राजपूत-सरपंच ग्राम पंचायत चांदेसरा तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
16 कमलेश कुमार चौधरी-सरपंच ग्राम पंचायत असाडा तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
17 जीताराम मेघवाल-सरपंच ग्राम पंचायत कितपाला तहसील पचपदरा जिला बाड़मेर।
व अन्य।
अब आप सोचिए कि यह लोग ज्ञापन, प्रदर्शन मे व हड़ताल में भी ईमानदारी नहीं रख रहे हैं व धांधली कर रहे है तो यह लोग पंचायतों में कैसा काम कर रहे होंगे ?
कुछ ही दिन पहले मैंने कुल 13 से ज्यादा भ्रष्टाचारी लोक सेवकों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी जिससे इनकी नींद उड़ गई है तथा यह लोग मुझ पर प्रेशर बनाने का नाटक कर रहे हैं तथा इसलिए फर्जी FIR करवा रहे है। इन लोगों की गलतफहमी यह है कि सुमेर लाल शर्मा इस FIR से डर जाएगा और राजीनामा कर लेगा और या फिर मुकदमा वापस ले लेगा, लेकिन इन मूर्खों के सरदारों को यह नहीं पता कि सुमेर लाल शर्मा अलग मिट्टी से बना हुआ व्यक्ति हैं जो ना तो हारना जानता है, ना टूटना जानता है और ना ही पीछे हटना जानता है, सिर्फ और सिर्फ लड़ना जानता है और जीतना जानता है।
यह लोग कह रहे हैं कि सुमेर लाल शर्मा ने ब्लैकमेल किया। तो मैं कहता हूं कि अगर मैंने ब्लैकमेल किया हो तो आप एसीबी के पास क्यों नहीं गए, जो रंगे हाथों गिरफ्तार करती हैं और सीधे जेल में डाल देती हैं क्या आप स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को नहीं जानते जो राजस्थान में अच्छे से अच्छे भ्रष्टाचारियों को सीधे जेल में भेजता है। क्या आपने इन विभागों के बारे में सुना ही नहीं है? लेकिन इन लोगों के पैरों तले जमीन ही नही है। और मैं दावे के साथ कहता हूं कि मेरी FIR में यह सारे के सारे लोग जेल जाएंगे और अगर किसी पुलिस अधिकारी ने या किसी अन्य लोक सेवक में इन लोगों को बचाने का प्रयास किया तो उस स्थिति में भी मैं विधिवत कार्यवाही करूंगा।
सरपंचों और ग्राम सेवकों को राज्य और केंद्रीय सरकार है पैसे देती हैं पंचायतों का विकास करने के लिए, ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधारने के लिए, ग्रामीणों को एस्टेब्लिश करने के लिए। लेकिन यह लोग फर्जी तरीके से भुगतान प्राप्त कर लेते हैं विकास कार्य जहां पर बताते हैं मौके पर विकास कार्य अस्तित्वविहीन होता है एक एक कार्य का दो दो, तीन तीन बार भुगतान प्राप्त कर लेते हैं।
सरकार कहती हैं कि सारे काम ऑनलाइन होने ही चाहिए अगर ऑनलाइन नहीं होते हैं तो भुगतान नहीं किया जाना चाहिए उन सभी आदेशों को ताक पर रखकर यह लोग उच्च स्तर तक सेटिंग करके मिलावट करके भुगतान प्राप्त कर लेते हैं और कार्यों को ऑनलाइन जानबूझकर नहीं करते ताकि किसी भी ग्रामीण को किए गए कार्यों और सरकार द्वारा आवंटित कार्य की भनक तक नहीं लगे और यह लोग बंदरबांट करते रहें।
पंचायत के अधिकारियों से लेकर विकास अधिकारी, अभियंताओं, जिला कलक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अधिकारियों तक सबकी सरकार ने एक गाइडलाइन बना रखी है कि हर माह को इनको इतनी ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करना ही करना है। लेकिन सब भ्रष्टाचारी आपस में मिले हुए हैं विधिवत रूप से निरीक्षण नहीं करते और गाइडलाइन में यह भी लिखा है कि निरीक्षण में गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत FIR दर्ज करवाई जाए लेकिन न तो निरीक्षण करता है और ना ही कोई कानूनी कार्रवाई करता है।
आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि हर काम में इनका एक फिक्स कमीशन तय होता है उतना कमीशन देना ही देना होता है और उस कमीशन के बदले यह लोग क्या करते हैं कि अस्तित्व विहीन कार्य को भी पूर्णता प्रमाण पत्र दे देते हैं घटिया क्वालिटी वाले काम को अच्छा काम बता देते हैं और सरपंच व ग्रामसेवक के खिलाफ आई शिकायतों को दबाने का काम करते हैं उन शिकायतों को झूठी ठहराने का काम करते हैं और इस तरीके से लामबंद होने में उनका सहयोग देते हैं।
यह भ्रष्ट लोगों का काला चेहरा है। मैं तो कहता हूं कि इन लोगों का चेहरा तक नहीं देखना चाहिए सुबह उठते ही अगर किसी सरपंच के दर्शन होते हैं तो उस व्यक्ति को अपशकुन मानना चाहिए क्योंकि यह लोग गरीबों का खून चूसते हैं। मैं दावे के साथ कहता हूं व चुनौती देता हूं गवर्नमेंट मेरे द्वारा उठाये गये बिन्दुओं की जांच करें और भ्रष्टाचार को पकड़वाने की गारंटी मेरी। सभी भ्रष्ट सरपंचों से मैं कहना चाहता हूं कि वह मुझसे मुकाबला करे। जितने भी ज्ञापन देने हैं प्रदर्शन करने हैं सब कर लो, लेकिन मै डरने वाला नही हूं और ना ही चुप रहने वाला हूं। मैं सब की एक एक कर खोल खोल दूंगा।
मैंने ग्राम पंचायत कलूड़ी में किए गए करोड़ों रुपए के घोटालों को पकड़ लिया है तो अब यह लोग जानते हैं कि मेरे द्वारा करवाई गई FIR में निष्पक्ष जांच होने पर कोई नहीं बचेगा। 13 लोगों के अलावा और भी कई लोग हैं जो चपेट मे आयेंगे। अभियंताओं ने भौतिक सत्यापन किए बिना ही कई कार्यों को पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जबकि वह मौके पर अस्तीत्व मे नहीं है। कई अभियंताओं ने बहुत ही घटिया क्वालिटी के कार्यों को सही करार दे दिया हैं।
सुप्रिम कोर्ट द्वारा 2017 में बजरी खनन पर रोक लगा दी थी उसके बावजूद इन्होंने बजरी के नाम पर पैसा उठा लिया, जीएसटी टैक्स भरने के नाम पर लाखों का घोटाला किया है जबकि इनके द्वारा बनाई गई कंपनियां ही फर्जी है। कुछ मटेरियल सप्लाई फर्म ग्राम सेवक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के बूढ़े बाप के नाम से बनी हुई है तथा कई ग्राम पंचायतों में सरपंच सोने एवं ग्राम सेवकों ने अपने रिश्तेदारों के नाम फर्जी फर्मे खोलकर फर्जीवाड़े के जरिए करोड़ों रुपए का भुगतान उठा लिया है। यह पैसा आम जनता का है, इनकी बपौती नहीं है।
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत ग्राम पंचायत कालूडी में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय सरपंच और उनके खास-खास लोगों के घरों में बना दिए गए हैं। ग्रेवल सड़कों के नाम पर डबल डबल भुगतान उठा लिया है तथा ग्रेवल, रोड रोलर, ग्रेवल ट्रांसपोर्टेशन के नाम पर लाखों रुपए का भुगतान प्राप्त कर लिया है जबकि मौके पर सड़क ही नही है।
इन लोगों को मेरी आरटीआई लगाने से आपत्ति है, मेरी शिकायतों से आपत्ति है, मेरे मुकदमों से आपत्ति है तो यह लोग इस्तीफे देकर घर बैठ जाए या फिर घोटाले करे ही नही तो इन सब चीजों का उन पर कोई असर नहीं होगा। लेकिन यह सोचते हैं कि वह नौकरी भी करेंगे, तनखा भी लेंगे, लोक सेवक के नाम पर लोगों को बेवकूफ भी बनाएंगे, सरकारी धन का दुरुपयोग करेंगे, अपने पदों का दुरुपयोग करेंगे, गावों को बर्बाद करेंगे, लोगों के हिस्से का पास पैसा खाएंगे और मैं चुप बैठा रहूंगा! तो यह असंभव है, ये मैं नहीं होने दूंगा, यह मुझे यह मंजूर नहीं है, क्योंकि मैं एक जागरूक नागरिक हूं।
और भी ऐसे कई घोटाले हैं जो काफी मेहनत के बाद पकड़ में आए हैं मैं एक-दो दिन में सारा डाटा मेरी फेसबुक आईडी पर अपलोड कर दूंगा तथा व्हाट्सएप के जरिए वायरल कर दूंगा।
सुमेर लाल शर्मा...✍
आरटीआई कार्यकर्ता।
आरटीआई कार्यकर्ता।
