Tuesday, September 19, 2017

स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं में मिली तमाम खामियों के बाद डीआईजी से एक बार फिर एडवाइजरी जारी की है

भोपाल । तमाम आदेशों-निर्देशों के बाद भी शहर के नामी स्कूल बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेपरवाह बने हुए हैं। यही वजह है कि ज्यादातर स्कूलों के न तो स्टाफ का पुलिस वेरीफिकेशन कराया गया है और न ही स्कूल परिसर में व्यवस्थित ढंग से सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत समझी गई है। जहां कैमरे लगे हैं. वहां प्रॉपर मॉनिटरिंग नहीं हो रही। यह खुलासा पुलिस अधिकारियों द्वारा निजी स्कूलों में जायजा लेने के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में सामने आया है। गौरतलब है कि रेयान स्कूल में मासूम प्रद्युम्न की हत्या और ब्लू व्हेल गेम के चलते बच्चों द्वारा की जा रही खुदकुशी की घटनाओं को देखते हुए डीआईजी संतोष कुमार सिंह ने न सिर्फ स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की थी, बल्कि पुलिस अधिकारियों के अपने इलाके के स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं में मिली तमाम खामियों के बाद डीआईजी से एक बार फिर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने इस एडवाइजरी का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए हैं।
डीआईजी खुद करेंगे निरीक्षण
स्कूलों की निरीक्षण रिपोर्ट सामने आने के बाद डीआईजी ने एडवायजरी जारी करते हुए, सभी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद डीआईजी स्वयं भी स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे।
फिर जारी की स्कूलों के लिए एडवाइजरी
* स्टाफ का पुलिस वेरीफिकेशन जल्द कराएं।
* स्कूल बसों के ड्रायवर एवं कंडक्टरों का वेरीफिकेशन
* बसों में महिला टीचर की तैनाती की जाए।
* माली, स्वीपर,गार्ड्स का चरित्र सत्यापन कराएं।
* बसों में कैमरे लगाए जाएं।

खराब होने पर तुरंत ठीक कराएं।
* स्कूल परिसर में कैमरे लगाएं उनमें 15 दिन का बैकअप रखें।
* खाली क्लास रूम में ताला लगाया जाए।
* छतों के दरवाजे लॉक रखें।
* स्वीमिंग पूल है तो स्वीमिंग क्लासेस के अलावा विद्यार्थियों को वहां जाने से रोका जाए।
* गर्ल्स-ब्वॉयज के टॉयलेट अलग हों। महिला टॉयलेट की सफाई महिला कर्मी से कराएं।
* किशोर उम्र के विद्यार्थियों को गुड टच, बैड टच पहचानने के लिए कार्यशाला आयोजित करें।
* बच्चों के असामान्य व्यवहार एवं शरीर पर चोट के निशान पाये जाने पर अभिभावक से चर्चा करें एवं बच्चों की काउंसलिंग करें।
* छात्रछात्राओं को ब्लू-व्हेल गेम के बारे में जरूरी जानकारी दें।
* परिसर के बाहर ठेले एवं दुकानों में काम करने वालों का वेरीफिकेशन कराया जाए।

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