टाट में मखमल तुम्हें मंज़ूर नहीं,
तो फिर मखमल ही में टाट रखलो।
चाटते थूक हो तुम क्यों बार बार,
सौ बार के थूके पे तुम चाट रखलो।
सभी बन्दरों को दिख रही रोटी,
लड़ो मत बाद में बन्दर बांट रखलो।
एक कुर्सी पे कितने बैठेंगे?
कुर्सी की जगह तुम खाट रखलो।
तो फिर मखमल ही में टाट रखलो।
चाटते थूक हो तुम क्यों बार बार,
सौ बार के थूके पे तुम चाट रखलो।
सभी बन्दरों को दिख रही रोटी,
लड़ो मत बाद में बन्दर बांट रखलो।
एक कुर्सी पे कितने बैठेंगे?
कुर्सी की जगह तुम खाट रखलो।
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