Monday, August 7, 2017

हरियाणा के बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे

हरियाणा के बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला ने चंडीगढ़ में जो हरकत आईएएस की बेटी के साथ की, उससे बचाने की कोशिश की जा रही है. जिस पुलिस ने लड़की की मदद के लिए वक़्त पर पहुंचकर वाहवाही बटोरी, अब वही सवालों के घेरे में हैं. सवाल है कि रात में वर्णिका कुंडू को हैरेस करने वाले विकास को ज़मानत पर छोड़ने के लिए उसपर लगी धाराएं क्यों बदल दी गईं? साथ ही एक नया और खुलासा हुआ है वो ये कि जहां पर लड़की के साथ ये वारदात हुई वहां के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज गायब हो गई है.
आरोप है कि विकास बराला और उसके दोस्त आशीष कुमार ने 29 साल की वर्णिका कुंडू का आधी रात को कई किलोमीटर तक पीछा किया और उसे हैरेस किया. वर्णिका का कहना है, ‘अगर पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो पता नहीं उसके साथ क्या हो गया होता. उसका किडनैप हो ही चुका था. मैं खुशकिस्मत हूं जो मेरा रेप नहीं हुआ. इसलिए भी नसीब वाली हूं कि मैं मरी नहीं पाई गई और न मैं आम आदमी की बेटी थी.’ ये बातें उसने फेसबुक पर लिखी थीं.

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पुलिस ने दबाव में केस क हल्का कर दिया. पुलिस भले ही प्रेशर न होने की बात कह रही है, लेकिन सवाल उठता है कि पुलिस ने एफआईआर में पहले जोड़ी गईं धारा 365 और 511 को किसके दबाव में हटाया. दोनों धाराएं ग़ैर ज़मानती हैं, जिनमें सात साल तक की सजा हो सकती है. सवाल है कि आरोपियों को थाने से ही ज़मानत क्यों दे दी गई.
चंडीगढ़ पुलिस ने विकास और उसके दोस्त के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 D (गलत इरादे से पीछा करना) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत शिकायत दर्ज की है. यह दोनों धाराएं जमानती हैं, जिसके चलते दोनों आरोपियों को उसी दिन जमानत दे दी गई.
आरोप है कि पुलिस वालों ने पहले आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया, लेकिन जैसे ही विकास बराला के सत्ताधारी पार्टी के रसूखदार नेता का बेटा होने का पता चला जानबूझकर विकास पर से संगीन आरोपों की फेहरिस्त हटा दी और मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर थाने से ही जमानत दे दी.

इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज हो गई गायब

चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का दावा करने वाली चंडीगढ़ पुलिस का अब कहना है कि उन्हें इस मामले में कहीं कोई सीसीटीवी फुटेज बरामद नहीं हुई है. जबकि 9 जगह ऐसे पॉइंट हैं, जहां सीसीटीवी फुटेज मिलनी चाहिए. इसमें ही सामने आएगा कि बराला के बेटे विकास और उसके साथी आशीष ने अपनी कार से लड़की का रास्ता रोका था या नहीं.
बताया जा रहा है कि 9 में से 4 कैमरे बंद थे, जबकि पांच जगह ऐसी थीं, जहां सीसीटीवी फुटेज मिलनी तय थी. जो नहीं मिली. ये कैमरे 9 जगह लगे थे. पहला सेक्टर-9 इंटरनल मार्केट की वाइन शॉप. जहां से आरोपी विकास बराला और आशीष ने शराब खरीदी. दूसरा सेक्टर-7 के पेट्रोल पंप और सेक्टर 7 की मार्केट से, जहां आरोपी खुलेआम सड़क पर शराब पी रहे थे. उन्होंने यहीं से लड़की के पीछे अपनी कार लगाई. तीसरा सेक्टर-26 खालसा कॉलेज की लाइट पॉइंट पर, जहां आरोपियों ने लड़की की कार के आगे अपनी कार लगाकर उसे रोकना चाहा. चौथा सेक्टर-26/7 की लाइट पॉइंट पर. पांचवां मध्यमार्ग पर सेक्टर-26 ग्रेन मार्केट चौक पर. छठा ट्रांसपोर्ट लाइट पॉइंट पर, आठवां कलाग्राम लाइट पॉइंट पर और नौवां हाउसिंग बोर्ड लाइट पॉइंट पर.

किरकिरी होने के बाद अब पुलिस किडनैपिंग की धारा जोड़ने ले रही है कानूनी सलाह

लगातार सोशल मीडिया पर पक्षपात के आरोप लगने के बाद अब पुलिस ने लड़की की शिकायत और कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए गए बयानों को डीडीए मुनीष दुआ के पास कानूनी राय के लिए भेज दिए हैं. सोमवार को उनकी कानूनी राय आने के बाद पुलिस तय करेगी कि क्या आरोपी गौरव बराला और आशीष के खिलाफ किडनैपिंग के प्रयास की धारा 365/511 के तहत केस दर्ज किया जाए या नहीं. अगर डीडीए अपनी रिपोर्ट में केस दर्ज करने की इजाज़त देते हैं तो विकास बराला और आशीष को दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है.

किडनैपिंग की धारा हटाने पर पहले ये वजह बताई थी पुलिस ने

पुलिस का कहना है कि अपहरण का आरोप इसलिए नहीं लगाया गया, क्योंकि लड़की ने अपने बयान में ये आरोप नहीं लगाया है. जबकि लड़की का कहना है कि उसका किडनैप लगभग हो ही चुका था. एक प्रभावशाली परिवार से आने के कारण आरोपियों को लगता है कि वो किसी के साथ कुछ भी कर सकते हैं. इस तरह के लोग मनमानी नहीं कर सकते. ऐसा करने वालों को सजा मिलनी चाहिए.

‘मैं क्यों चेहरा छिपाऊं’

वर्णिका कुंडू शनिवार तक अपना चेहरा छिपाकर मीडिया से बात कर रही थीं. अब उन्होंने अपने चेहरे से नकाब हटा दिया है उनका कहना है कि मैं क्यों चेहरा छिपाऊं, शर्म तो उनको आनी चाहिए जिन्होंने ‘बेटी बचाओ’ का नारा देकर ही एक बेटी की इज्जत से खिलवाड़ करने की कोशिश की है. वर्णिका कुंडू ने मीडिया से बातचीत में विकास बराला और उसके दोस्त आशीष को चुनौती देते हुए कहा कि वह इंसाफ के लिए हर दरवाजे पर जाएंगी.

बीजेपी सांसद ने ही कर दी इस्तीफे की मांग

कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद राज कुमार सैनी का कहना है, ‘किसी का पीछा करना, हाथ मारकर गाड़ी रोकना और अपहरण की कोशिश करना बड़ा गम्भीर मामला है. इस पर सख़्त क़ानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. लड़की ने बड़ी हिम्मत दिखाई है. नहीं तो 90 फीसदी लड़कियां प्रताड़ित होने के बाद भी सामने नहीं आती हैं. विपक्ष के मुंह खोलने से पहले ही सुभाष बराला को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.’

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