डेयरी विकास हेतु नाबार्ड द्वारा दी जाने वाली सहायता
उद्देश्य
- दो से चार दुधारू पशुओं के साथ लघु डेयरी इकाई स्थापित करना ।
- नई मध्यम/वृहद् इकाई स्थापित करना ।
- दूध का संग्रह, प्रसंस्करण, वितरण तथा दुग्ध-उत्पादों का निर्माण करना ।
- उन्नत/संकर नस्ल के दुधारू पशुओं की खरीद ।
- पशुशाला का निर्माण ।
पात्रता
- किसान, व्यक्तिगत उद्यमी, गैर सरकारी संगठन , कंपनियां , असंगठित और संगठित क्षेत्र के समूह इत्यादि . संगठित क्षेत्र के समूह में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), डेयरी सहकारी समितियां , दूध संगठन , दूध महासंघ आदि शामिल हैं .
- एक व्यक्ति इस योजना के तहत सभी घटकों के लिए सहायता ले सकता है लेकिन प्रत्येक घटक के लिए केवल एक बार ही पात्र होगा
- योजना के तहत एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य को सहायता प्रदान की जा सकती है, बशर्ते कि इस योजना के अंतर्गत वे अलग-अलग स्थानों पर अलग बुनियादी सुविधाओं के साथ अलग इकाइयां स्थापित करें . इस तरह की दो परियोजनाओं की चहारदीवारी के बीच की दूरी कम से कम 500 मीटर होनी चाहिए.
(वाणिज्यिक डेयरी के लिए परियोजना रिपोर्ट आवश्यक है।)
रिपोर्ट:-
रिपोर्ट में आपको डेयरी में लगने वाली लागत, स्थान और होने वाली आय का ब्यौरा देना होगा I
वित्तपोषण की प्रमात्रा
नाबार्ड द्वारा अनुमोदित इकाई लागत/परियोजना लागत के अनुसार
प्रतिभूति
- रु.1 लाख तक की ऋण सीमा
- पशुधन आदि का दृष्टिबंधक
रु.1 लाख से अधिक की ऋण सीमा
1) पशुधन आदि का दृष्टिबंधक
2) भूमि का बंधक या कृषि ऋण अधिनियम के अनुसार घोषणा अथवा समुचित मूल्य कीसं पार्श्विकप्र तिभूति
3) समुचित मूल्य की थर्ड पार्टी गारंटी
1) पशुधन आदि का दृष्टिबंधक
2) भूमि का बंधक या कृषि ऋण अधिनियम के अनुसार घोषणा अथवा समुचित मूल्य कीसं पार्श्विकप्र तिभूति
3) समुचित मूल्य की थर्ड पार्टी गारंटी
अर्थात रू. 10 लाख तक के ऋणों के लिए बैंक वित्त से बनाई गई संपत्तियों का हाइपोथिकेशन ( गिरवी ) एवं रू 1 लाख से अधिक के ऋणों के लिए भू-संपत्ति को गिरवी रखना या ऋण राशि के बराबर की थर्ड पार्टी गारंटी या दो अन्य डेयरी किसानों की सामूहिक गारंटी |
मार्जिन
- रु.1 लाख तक के ऋण – शून्य
- रु.1 लाख से अधिक के ऋण – 15% से 25 %
ब्याज दर
बैंक द्वारा समय-समय पर यथा निर्धारित ब्याज दर
चुकौती
2 से 3 महीने की ऋणस्थगन अवधि के साथ 5से 6 वर्षों में चुकौती की जानी चाहिए।
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