Saturday, March 24, 2018

‘मुसाफ़िर टूर्स

तो दोस्तों... आज रविवार है... और रविवार को हम आपकी जेब खाली करने की ताक में रहते हैं... इस दिन हम बताया करते हैं कि हम कब-कब सामूहिक यात्राएँ आयोजित कर रहे हैं और कितना-कितना खर्चा आना है...
आगे बढ़ने से पहले लेटेस्ट बात यह है कि ‘मुसाफ़िर टूर्स’ नाम से हमने कुछ रजिस्टर कर लिया है... बल्कि हमने कुछ नहीं किया, सी.ए. साहब ने ही सब करके हमें दे दिया... वो कंपनी है, या खाली नाम है, या पता नहीं क्या है... लेकिन कुछ तो रजिस्टर हुआ है... जी.एस.टी. नंबर भी मिल गया है... और जल्दी ही करंट एकाउंट भी खुल जायेगा... फिर इस ‘मुसाफ़िर टूर्स’ का क्या करना है, वो अभी हमने नहीं सोचा...
दूसरी बात, यह जो फेसबुक पेज है ‘नीरज मुसाफ़िर’... इसका एक एडमिन है और एक मॉडरेटर... एडमिन कौन है, वो आप समझो या न समझो, लेकिन मैं यानी नीरज कुमार यानी नीरज जाट यानी जाटराम यानी जो यात्रा-वृत्तांत लिखता है यानी जिसकी किताबें प्रकाशित हुई हैं... वो इस पेज का एक ‘मॉडरेटर’ है... इसका कोई भी ‘मॉडरेटर’ या ‘एडमिन’ इस पेज पर कुछ भी लिखता है, चैट करता है या लाइक, कमेंट करता है, वो सब आपको इस पेज यानी ‘नीरज मुसाफ़िर’ के नाम से ही दिखेगा... ‘नीरज मुसाफ़िर’ पेज की तरफ से कोई भी एक्टिविटी होती है, तो आप कभी नहीं जान सकते कि वो एक्टिविटी किस ‘एडमिन’ ने की या किस ‘मॉडरेटर’ ने की... हालाँकि लगभग सौ प्रतिशत एक्टिविटी मैं यानी नीरज कुमार ही करता हूँ...
अब बात करते हैं सामूहिक यात्राओं की... तो जी, सौ बातों की एक बात ये है कि इन यात्राओं से हम भी कुछ आमदनी करते हैं... सारे खर्चे जोड़ने के बाद थोड़ा-सा अपना मार्जिन... और फिर घोषणा कर देते हैं कि फलां यात्रा में दस हज़ार रुपये लगेंगे या बारह हज़ार लगेंगे... हालाँकि इतना खर्चा सुनते ही मेरा भी सिर चकराने लगता है... तो एडमिन साहिबा ने कहा कि अगर सस्ती यात्राएँ आयोजित करेंगे, तो ज्यादा लोग आयेंगे और उन्हें हैंडल करना भी मुश्किल होगा... इसलिए महंगाई कुछ बढ़ा देनी चाहिए...”
इस बात से मुझे आपत्ति थी... “लेकिन मेरे तो दोस्त वे ही हैं, जिन्होंने हमेशा सस्ती यात्राओं के वृत्तांत पढ़े हैं और सस्ती ही यात्राएँ करना चाहते हैं... फिर भला क्यों वे इन महंगी यात्राओं में दिलचस्पी लेंगे?”
तो सोलूशन ये निकला कि जो दोस्त सस्ती यात्राएँ करने वाले हैं, उन्हें मेरा फुल सपोर्ट रहेगा... और मैं बताऊंगा कि किस तरह फूलों की घाटी की यात्रा ढाई तीन हज़ार में हो सकती है...
और जो दोस्त एडमिन साहिबा के सपोर्टर हैं... उन्हें तो ज्यादा कुछ सोचना ही नहीं है... उनकी सारी सिरदर्दी एडमिना अपने ऊपर ले लेगी...
अब आते हैं असली मुद्दे पर... अभी फिलहाल इन यात्राओं की योजना बनी है... आप अपनी इच्छानुसार किसी भी यात्रा में शामिल हो सकते हैं... सभी यात्राओं की ज्यादा जानकारी के लिए उनके नीचे लिंक भी लगा है...
1. जंजेहली, शिकारी देवी यात्रा, हिमाचल... 29 मार्च से 1 अप्रैल 2018... जंजेहली से जंजेहली... 5000 रुपये... इस यात्रा में मैं भी साथ रहूंगा... और हम स्वयं इस यात्रा को बाइक से करेंगे... सभी लोग जंजेहली मिलेंगे...
https://www.facebook.com/events/146464296041673/
2. जंजेहली, शिकारी देवी, जलोडी जोत, हिमाचल... 12 मई से 16 मई... 9000 रुपये...
https://www.facebook.com/events/156158288390442/
3. चकराता, लाखामंडल, देवबन, उत्तराखंड... 2 जून से 6 जून... देहरादून से देहरादून... 11000 रुपये...
https://www.facebook.com/events/1784885118208615/
4. हरसिल, धराली, गंगोत्री, उत्तराखंड... 23 जून से 27 जून... हरसिल से हरसिल... 11000 रुपये...
https://www.facebook.com/events/721056738283200/
5. फूलों की घाटी, हेमकुंड साहिब, उत्तराखंड... 28 जुलाई से 1 अगस्त... गोविंदघाट से गोविंदघाट... 9000 रुपये...
https://www.facebook.com/events/1700360650071035/

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