दैनिक भास्कर समाचार पत्र के 08/01/2018 ऑल इंडिया एडिशन में हमारा सुमित फाउंडेशन "जीवनदीप" ---
आप सभी के प्यार,सहयोग, मार्गदर्शन का ही नतीजा है की आज जीवनदीप की मुहीम को दैनिक भास्कर समूह ने अपने ऑल इंडिया संस्करण के फ्रंट पेज पर जगह दी है| सभी के लिए गर्व का पल है यह| यहाँ तक पहुचने के लिए बहुत कुछ खोना पडा है.. कुछ दर्द ऐसे हैं जो शायद कभी नहीं भर पाएंगे, पर उस दर्द को ताकत मानकर जिंदगियां बचाने की इस मुहीम को जारी रखना है|
इस तरह अपना आशीर्वाद देते रहिये, जहाँ भी जिंदगी की सम्भावना होगी, हम जीवनदीप का दिया वहां वहां जलाते चलेंगे, जिसकी लौ कभी नहीं बुझेगी| अच्छा लगता है जब किसी के धडकते दिल का कारन आप बनते हैं| एक अलग सा सुकून मिल जाता है, जब किसी की खुशियों की वजह आप होते हैं| दोस्तों जिंदगी में निजी जीवन के अलावा भी बहुत कुछ है| थोडा बाहर निकल कर देखिये.. लोगो को आपकी बहुत जरुरत है.. सिर्फ एक प्रयास ही तो करना है|
आप सभी के प्यार,सहयोग, मार्गदर्शन का ही नतीजा है की आज जीवनदीप की मुहीम को दैनिक भास्कर समूह ने अपने ऑल इंडिया संस्करण के फ्रंट पेज पर जगह दी है| सभी के लिए गर्व का पल है यह| यहाँ तक पहुचने के लिए बहुत कुछ खोना पडा है.. कुछ दर्द ऐसे हैं जो शायद कभी नहीं भर पाएंगे, पर उस दर्द को ताकत मानकर जिंदगियां बचाने की इस मुहीम को जारी रखना है|
इस तरह अपना आशीर्वाद देते रहिये, जहाँ भी जिंदगी की सम्भावना होगी, हम जीवनदीप का दिया वहां वहां जलाते चलेंगे, जिसकी लौ कभी नहीं बुझेगी| अच्छा लगता है जब किसी के धडकते दिल का कारन आप बनते हैं| एक अलग सा सुकून मिल जाता है, जब किसी की खुशियों की वजह आप होते हैं| दोस्तों जिंदगी में निजी जीवन के अलावा भी बहुत कुछ है| थोडा बाहर निकल कर देखिये.. लोगो को आपकी बहुत जरुरत है.. सिर्फ एक प्रयास ही तो करना है|
मेरे प्यार भाई सुमित तुम ये सब देख रहे हूँ मैं जानता हु और आज भी हम सब इन्तजार कर रहे है तुम्हारे आने का| मैं जानता हु तुम एक दिन जरुर लौटोगे और मैं उस दिन तुमसे बहुत लड़ाई करूँगा..कुछ नहीं बदला है सुमित..मैं आज भी उतना ही लापरवाह हु और आज भी मम्मी पापा और सभी तुम्हे ही जादा प्यार करते हैं| मेरा नम्बर हमेशा तुम्हारे बाद ही आता है|
तुम्हारी सारी चीजे वैसे ही सम्भाल कर रखी है| हा मैं पहले से और जादा जिद्दी हो चूका हु. जिसकी वजह तुम हो|| जल्दी आ जाओ सुमित|| हम सब बहुत प्यार करते हैं सुमित तुमसे..
तुम्हारी सारी चीजे वैसे ही सम्भाल कर रखी है| हा मैं पहले से और जादा जिद्दी हो चूका हु. जिसकी वजह तुम हो|| जल्दी आ जाओ सुमित|| हम सब बहुत प्यार करते हैं सुमित तुमसे..
(दैनिक भास्कर एडिटोरियल टीम के संजय मिश्रा भैया जी को आभार जो हम सबको इस लायक समझा)-- 08/01/2018
-रविन्द्र सिंह क्षत्री, सुमित फाउंडेशन "जीवनदीप"
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Sumit Foundation (सुमित फाउंडेशन),
Federal Bank a/c no. (फेडरल बैंक)- 16660100056756
IFSC कोड - FDRL0001666
-रविन्द्र सिंह क्षत्री, सुमित फाउंडेशन "जीवनदीप"
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