Sunday, April 1, 2018

ऐसी बात शिमला-मनाली में कहाँ...

ऐसी बात शिमला-मनाली में कहाँ...
सेब के बगीचों में यूँ ही टहलने निकल पड़े... एक बाबाजी मिले... अपने घर ले गये... चाय पिलायी... हम तो खुश हुए ही, वे हमसे भी ज्यादा खुश... रुकने का आग्रह करने लगे... हम उनके यहाँ आज तो नहीं रुक सके, लेकिन सेब पकने पर फिर से आने का वादा किया...
चलते-चलते उन्होंने हिमाचली टोपी दी... और आपको बता दूँ कि ऐसी टोपियाँ यूँ ही किसी को भी नहीं दी जाती... आप शिमला, मनाली में इन्हें खरीद तो सकते हैं... लेकिन ये उपहार में सिर्फ़ तभी मिलती हैं, जब सामने वाला आपसे बेवजह खुश हो...
फिलहाल उन बाबाजी का फोटो मोबाइल में नहीं है, बाद में दिखाऊंगा...
प्रचलित पर्यटक स्थलों से दूर ये स्थान 'पर्यटक स्थल' नहीं हैं... लेकिन हमारा दिल यहीं बसता है...
@कटारू गाँव, जंजैहली, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश... फोटोग्राफर दीप्ति... 31 मार्च 2018, शाम छह बजे...

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