Saturday, April 28, 2018

लेमन ग्रास,

लेमन ग्रास,
एक ऐसी फसल जिसकी खेती बंजर से बंजर भूमि, ऊसर, अनुपजाऊ, सूखाग्रस्त क्षेत्रों, पथरीली, कंकरीली जमीनों, पहाड़ों, जंगलों सड़कों, तालाबों, रेलवे पटरिओं के किनारे तथा उबड़ खाबड़ जमीनों पर बड़ी ही आसानी से कर सकते है I
फसल परिचय:
लेमन ग्रास को चाइना ग्रास, नींबू घास, मालाबार घास, और कोचीन घास भी कहते है ! यह सरपत, या कुश के पौधे की तरह झुण्ड में होता है एवं एक झुण्ड में लगभग 20-25 पौधे होते है जिन्हे स्लिप कहते है I
इस पौधे की पत्तियों से तेल निकाला जाता है, इसमें CITRAL नमक तत्व होने के कारण इसमें नीम्बू की खुशबू होती है, जिसका प्रयोग, उत्पादों में सुगंध डालने हेतु किया जाता है, खासतौर से हर्बल, कॉस्मेटिक, डिटर्जेंट, साबुन, चाय आदि उद्योगों में भारी मांग रहती है, व्यापारी को बस पता चलने की देर होती है की फलाना क्षेत्र में इसे उगाया जा रहा है, वह आकर आपके घर से खरीद ले जाता है I
फसल उत्पादन में लागत:
कोई भी किसान जो इसकी खेती करता है वहां से आपको एक स्लिप 1.20रूपये में मिल जाएगी और प्रति एकड़ तकरीबन 24000 स्लिप रोपी जाती है यानि प्रति एकड़ 24000 रूपये की लगत सिर्फ स्लिप की आती है, इस विधि में लागत काफी ज्यादा आती है परन्तु स्लिप तुरंत उपलब्ध हो जाती है !
वहीँ दूसरी तरफ एक स्लिप को नर्सरी में लगाने से उसमे से लगभग 15-20 स्लिप उत्पन्न हो जाती है, इस प्रकार सिर्फ 2000 स्लिप नर्सरी में लगाने से 30,000-40000 स्लिप पैदा की जा सकती है, इस प्रकार प्रति एकड़ स्लिप की लागत को 15-20 गुना कम किया जा सकता है ! हालाँकि इस विधि में कीमत काफी कम आती है परन्तु इसमें पौधों को नर्सरी में तैयार होने में 6 से 8 महीने का समय लगता है I
खेत की तैयारी:
वैसे तो आप खेत की तैयारी दूसरी फसलों की तरह कर सकते है जैसे खेत की जुताई आदि, परन्तु यदि आप चाहे तो सिर्फ छोटे छोटे गड्ढे खोद कर पौधों को लगा सकते है और इस प्रकार आप को सिर्फ पौधे का खर्च वहन करना पड़ेगा, एक बार पौधा जमीन पकड़ लेता है तो प्राकृतिक वर्षा से ही इसका काम चल जाता है, सिंचाई की भी कोई खास आवश्यकता नहीं पड़ती, परन्तु यदि आप के पास पानी का प्रबंध है तो आप आवश्यकता अनुसार पानी दे सकते है ! पानी का प्रबंध होने से उत्पादन में थोड़ा फर्क पड़ जाता है परन्तु ज्यादा नहीं बस 19-20 का ही I
उत्पादन एवं विक्रय:
प्रति एकड़ लगभग 100 किलो तेल की प्राप्ति होती है एवं प्रति किलो तेल की कीमत बाजार में आमतौर पर 1200 रुपये होती है, यह तेल आसवन विधि से निकाला जाता है, तेल की मात्रा बहुत हद तक उसके निकालने के तरीके पर निर्भर करती है परन्तु जहाँ कुछ नहीं होता था वहां प्रति एकड़ एक लाख रूपये मैं समझता हूँ एक चमत्कार ही है I
अन्य महत्वपूर्ण उपयोग:
महत्वपूर्ण यह भी है की इसकी नीम्बू की खुशबू के कारण मच्छर नहीं आते I
फसल को कोई भी जानवर या पशु नहीं खाता इस वजह से इसके रख रखाव एवं सुरक्षा का कोई खर्च नहीं होता I
थाई लोग इसकी कोपल जड़ों को अपने भोजन में प्रयोग करते है, और और वह इसका बढ़िया मूल्य देते है, जिन किसानो के आस पास थाई रेस्टोरेंट हो वे इस फसल से बहुत बढ़िया मुनाफा कमा सकते है I
इसकी खेती हेतु स्लिप्स आप किसी भी किसान से जो इसकी खेती करते हो ले सकते है, इसके आलावा आप लखनऊ के सीमैप औषधीय एवं सुगंध संस्थान से इसकी स्लिप्स प्राप्त कर सकते है I
इसकी खेती के लिए आपको बस गड्ढा खोदना है और इसे रोप कर पानी दे देना है किसानो को उनकी उपज एवं आमदनी बढ़ाने हेतु प्रेरित करते है एवं खेती एवं उससे सम्बंधित जानकारियां साझा करते है !
For more details contact at 9450617164 8423613893

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