Wednesday, December 27, 2017

गडकरी जी आप वक़्त से आगे का सोंचते है

अटल जी आपके ही मॉडल पर डीजल पर अट्टन्नी (50 पैसा) अधिवार (सरचार्ज)लेकर ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर की फंडिंग करके एक्सप्रेस वे शुरू किया किया था रिजल्ट क्या मिला केंद्र की सरकार गई आपकी महाराष्ट्र सरकार की जिसमें आप PWD मिनिस्टर थे कहा जाता था 5 करोड़ की पूंजी थी उस विभाग की जिसको आपने 7 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट आपने पूरे किए जिसमे पुणे एक्सप्रेस वे भी शामिल था सुनने को मिला था कि आपने उस जमाने मे ऑप्टिकल फाइबर बिछा दिया था जब इंडिया में इस शब्द का लोग नाम भी नही जानते थे आज पुणे एक्सप्रेस वे पर ऑप्टिकल फाइबर सालाना 30 करोड़ की इनकम दे रहा है।
गडकरी जी आप वक़्त से आगे का सोंचते है लेकिन भारत देश के कुएं में भांग पड़ा हुआ है जहां सबको राम मंदिर ही चाहिए अगर आप नही बनाएंगे तो हम बीजेपी को उखाड़ देंगे और उसी कांग्रेस को लाएंगे जिसने इस महान देश को भिखमंगे योजना (बीपीएल) में लिए रेंगने पर मजबूर किया । जिस देश मे 100 शहर दंगे के बुनियाद पर वर्तमान में खड़ा है वहां हिन्दू जो दंगो के डर से पलायन कर रहा है वहां सरकार बहुमत की खुशफ़हमी में दंगे फसाद में पड़े। लोग समझते ही नही की सरकार बहुमत से नही कंट्रोल से चलती है बीजेपी का ऐसा कट्रोल सिर्फ गुजरात मे है और ऐसा इसलिए कि वहा के लोगो ने लगातार जीताया है।
मुझे याद है सरकारी राशन दुकान (कन्ट्रोल)से घर का समान लाना मेरा ड्यूटी होता था क्योंकि चीनी सस्ती (14 रुपये 60 पैसे) मिलती थी गैस कैंनलेक्शन टेलीफोन ये सब उस जमाने मे हासिल करना रसूख की बात होती है बुरा हो अटल जी का जो राशन दुकान उसके बराबर रेट का अनाज बाजार में कर दिया टेलीफोन गैस कंनेक्शन सब बैकलॉग खत्म लेकिन नतीजा क्या हुआ इस देश के जाति गिरोह ने चुनाव में अटल जी की सरकार को हरा दिया।
क्योंकि बीजेपी स्वर्ण की पार्टी है बाकी दलित ओबीसी और मोमिन तो इन सबचीजो का इस्तेमाल करते ही नही है ,नही... नही ....करते है तो क्या हुआ सरकार तो काम ही विकास करना ।आखिर वो लफाड़िया हार्दिक पटेल यही तो बोला था।
गडकरी जी आपकी सरकार और मंत्रालय जो सड़क शिपिंग में जो झंडे गाड़ रही है उससे ये अफीमची जनता को नही चाहिए।आपकी सरकार अवसर बढा रही है वे भयाक्रांत है बढ़ती टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से मतलब डिजिटल इंडिया से जब क्लर्क की नौकरी नही मिलेगी तो दहेज और रसूख कैसे मिलेगा?? ये आज के पढ़े लिखे स्नातक का सोंच है।
गडकरी जी यथास्थिति वादी स्थिति पर लौटिए जो पब्लिक मांगता है वही दीजिये ये क्या मोदी जी धोलेरा प्रोजेक्ट (दिल्ली से दुगना बड़ा शहर) के चक्कर मे पड़े है। चाहिए ही नही,कल आपका संसद में भाषण देखा मन फुल्लित हो गया।लेकिन भारत को जाति का टॉनिक दीजिये इसी के लायक है ये यहां के लोग। निजी नुकशान तो सरकार खराब बाकी राष्ट्रवाद चूल्हे में।
नोट:-पोस्ट कुंठित हिन्दू ,वर्तमान कौआ मंडली यानी मूलनिवासी गैंग और सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले नकारात्मक युवा को समर्पित है।

No comments:

Post a Comment