Thursday, December 28, 2017

यदि किसान भाई पुर्णतः जैविक खेती कर उसका पंजीयन करवाना चाहते हैं तो इन बातों का रखें ध्यान


यदि किसान भाई पुर्णतः जैविक खेती कर उसका पंजीयन करवाना चाहते हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

  • किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक पौध संरक्षण/नींदानाशक औषधियों का उपयोग नहीं कर सकते हैं।
  • जेनिटिक इंजीनियरिंग से उत्पादित बीज का उपयोग न करें l
  • फसल कटने के बाद फसल अवशेषों को न जलाएं I
  • प्रतिरोधक/सहनशील किस्मों के उपयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
  • सही फसल चक्र अपनाना चाहिए।
  • मिट्टी में तत्वों की आपूर्ति के लिए गोबर से तैयार किये गए जैविक खाद, बायोगैस स्लरी, नाडेप कम्पोस्ट, फास्फो कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, नीलहरित शैवाल, एजोला का प्रयोग करना चाहिए।
  • बीजोपचार में जैविक औषधियों का प्रयोग करना चाहिए।
  • व्यावसायिक स्तर पर तैयार नीम के उत्पाद का उपयोग कीड़ों के नियंत्रण के लिए करना चाहिए।
  • परजीवी, परभक्षी, सूक्ष्म जीवों का उपयोग कीटव्याधि नियंत्रण के लिए करना चाहिए।
  • नीम, करंज की पत्तियां, नीम के तेल, निबोंली आदि का उपयोग प्रक्रिया उपरांत पौध संरक्षण औषधियों के रूप में करना चाहिए।

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