मिट्टी में तांबे की कमी के लक्षण, इसकी कमी को कैसे दूर करें
तांबा (Cu)
नई पत्तियां एक साथ गहरी पीले रंग की हो जाती है तथा सूख कर गिरने लगती है | खाद्यान्न वाली फसलों में गुच्छों में वृधि होती है तथा शीर्ष में दाने नहीं होते है |
तांबे की कमी के लक्षण
धान- धान की फसल में नई पत्तियों का कुम्हलाना।
गेहूं- गेहूं के पौधों पर नई पत्तियों का कुम्हला कर स्प्रिंग जैसा मुड़ जाना. बालियों में दाना न बनना।
फलदार वृक्ष- पेड़ों के तने की छाल फटना,गोंद का जमा होना, नींबू वर्गीय फसलों में मध्य में गोंद का जमा होना तथा पेड़ों की नई शाखाओं का टूटना।
अमरूद -फलोंपर भूरे कत्थई धब्बे पड़ना।
सेब – नई पत्तियों केशीर्ष का मृत होना, पत्तियों के किनारे जलना और ऊपर की ओर मुड़ना।
उपचार
तांबे की कमी को दूर करने हेतु मृदा परीक्षण के आधार पर 4-5किलोग्राम कॉपर सल्फेट( 25% कॉपर) प्रति हेक्टेयर प्रयोग किया जा सकता है। खड़ी फसल मेंकॉपर की कमी का निदान 2.5ग्राम कॉपर सल्फेट और 1.25 ग्राम चूना प्रतिलीटर के मिश्रण का का छिड़काव करके भी दूर किया जा सकता है।
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