Friday, January 5, 2018

मधुमक्खी पालन हेतु सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान

मधुमक्खी पालन हेतु सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान

क्या करें ˀ

  • मधुमक्खी पालन गरीब / भूमिहीन श्रमिकों / किसानों / ग्रामीण युवकों/ महिलाओं आदि द्वारा किया गया कृषि आधारित ग्रामीण कार्यकलाप है |
  • भारत की विविधिकृत कृषि जलवायु स्थितियां मधुमक्खी पालन के लिए बेहतर क्षमता एवं अवसर प्रदान करती है |
  • मधुमक्खी पालन से प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ के बिना आय एवं रोजगार सृजन होता है |
  • मधुमक्खी पालन / मधुमक्खी या मधु उत्पादन और अन्य छत्ते के उत्पादों द्वारा नेक्टर एवं पोलन (अन्यथा बेकार जाते) को भोजन में बदलते हैं |
  • मधुमक्खी पालन से उच्च मूल्य मधुमक्खी छते उत्पाद अर्थात रायल जेली, प्रोपोलिस, बी पोलन, बी वेनोम, बी ब्रेड आदि का भी उत्पादन होता है |
  • मधुमक्खी परागण सहायता प्रदान करते हुए विभिन्न बागवानी फसलों (फलों एवं सब्जियों) और कृषि फसलों (तिलहनों, दलहनों आदि) की उपज बढ़ाने में सहायता करती हैं |
  • फसलों के मधुमक्खी परागण के माध्यम से उपज में कई गुना वृद्धि दर्ज की गयी है |

क्या पायें ˀ

क्र.संघटकएमआईडीएचके तहत अनुमोदित सहायता दर (एनएचएम / एचएमएनईएन)
1.मधुमक्खी स्टाक का विकास और गुणन
न्यूकिलयस (पेडिग्री) स्टाक का उत्पादनअनुसंधान संस्थानों / सार्वजनिक क्षेत्र के लिए 20.00 लाख रुपया / परियोजना |
मधुमक्खी प्रजनकों द्वारा मधुमक्खी कालोनियों का उत्पादनलागत का 40% अथवा 4.00 लाख रुपया परियोजना (जो भी कम हो)
2.8 फ्रेम बी कालोनियां (50 मधुमक्खी कालोनियां प्रति लाभार्थी) का वितरणलागत का 40% अथवा प्रत्येक मधुमक्खी कालोनी के लिए 800 रुपया (जो भी कम हो)
3.मधुमक्खी छतों, सुपर्स आदि का वितरण (50 मधुमक्खी छतों, सूपर्स आदि प्रति लाभार्थी)लागत का 40% अथवा प्रत्येक मधुमक्खी छते, सुपर्स आदि के लिए 800 रुपया  (जो भी कम हो)
4.मधुमक्खी उपकरणों का वितरण [(एसएस (4 फ्रेम) शहद एक्स्ट्राटर का एक सेट और एफजीपी / एसएस के 10 कंटेनर (30 कि.ग्रा. प्रति), 1 नेट और एक सेट अन्य टूल),] 50 मधुमक्खी कालोनियां / लाभार्थी इकाईलागत का 40% और 8000 रुपया प्रति सेट / प्रति लाभार्थी  (जो भी कम हो)
5.मानव संसाधन विकास (एचआरडी) कार्यकलापों
सम्मेलन / संगोष्टी / कार्यशाला
अंतर्राष्ट्रीय स्तर:10.00 लाख रुपया / इवेंट
राष्ट्रीय स्तर:5.00 लाख रुपया / इवेंट
राज्य स्तर:3.80 लाख रुपया / इवेंट
जिला स्तर:2.00 लाख रुपया / इवेंट
6.प्रशिक्षण
राज्य के भीतर (डब्लयूएसटी)1000 रुपया की दर पर प्रतिभागी / दिवस
राज्य से बाहर (ओएसटी)परियोजना आधारित (ओएसटी)
7.राज्य एवं भारत से बाहर दौरेपरियोजना आधारित

  • मधुमक्खी पलकों / किसानों से अन्यों के बीच वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन करने का अनुरोध किया जाता है | जिसमें केवल शहद / सुपर चेम्बर से शहद निकालना, रानी एक्सकूलडर का उपयोग, फ़ूड ग्रेड प्लास्टिक शहद कंटेनरों का उपयोग, एसएस से बने शहद एक्स्ट्राक्लटर आदि शामिल हैं जिनके लिए एमआईडीएच के तहत उपलब्ध सहायता ली जा सकती है |
  • मधुमक्खी कालोनियों में कभी भी एंटीबायोटिक्स का उपयोग नहीं करना चाहिए |
  • केवल सील्ड शहद को निकालना चाहिए |
  • वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन के लिए एनबीबी द्वारा जरी की गई परामर्शिकाओं को अपनाया जा सकता है |

किससे संपर्क करें ˀ

  • जिला बागवानी अधिकारी
  • राज्य सरकार के निदेशक, बागवानी
  • प्रबंधक निदेशक, राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड, बी विंग, दूसरी मंजिल, जनपथ भवन, जनपथ रोड, नई दिल्ली, फोन न: 011 – 23325265

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