यदि एक करोड़ हिन्दू, मांसाहार छोड़ कर शाकाहारी बन जाएं तो....
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प्रत्येक मांसाहारी परिवार, कम से कम महीने में औसतन 5 बार तो मांस/ मछली/ मुर्गा तो खाता ही है।
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प्रत्येक मांसाहारी परिवार, कम से कम महीने में औसतन 5 बार तो मांस/ मछली/ मुर्गा तो खाता ही है।
मैंने आज सुबह अपने यहाँ काम करने वाले एक मजदूर से, बाजार में इनका रेट पूछा ?
उसके अनुसार मछली, मुर्गा 120 ₹ प्रति किलो,
बकरे का मांस 300 ₹ प्रति किलो के लगभग बताया।
उसके अनुसार मछली, मुर्गा 120 ₹ प्रति किलो,
बकरे का मांस 300 ₹ प्रति किलो के लगभग बताया।
अब मछली/मुर्गा 120×5= 600 ₹
बकरे का मांस 300× 5= 1500 ₹
यदि औसत निकालें प्रति परिवार 1000 ₹ प्रति माह का खर्च आ ही जायेगा।
बकरे का मांस 300× 5= 1500 ₹
यदि औसत निकालें प्रति परिवार 1000 ₹ प्रति माह का खर्च आ ही जायेगा।
1 करोड़ हिन्दू यदि मांसाहार पर औसतन प्रति माह 1000 ₹ खर्च करते हैं तो--
1,00,00,000 × 1000 = 10,00,00,00,000 ₹
अर्थात 10 अरब रुपये प्रति माह ,
10 ×12 = 120 अर्थात एक खरब, 20 अरब रुपये प्रति वर्ष , हम उन मांस बेचने वाले कसाइयों को देते हैं।
1,00,00,000 × 1000 = 10,00,00,00,000 ₹
अर्थात 10 अरब रुपये प्रति माह ,
10 ×12 = 120 अर्थात एक खरब, 20 अरब रुपये प्रति वर्ष , हम उन मांस बेचने वाले कसाइयों को देते हैं।
99 % कसाई मुस्लिम हैं जो दिन रात बकरे, मुर्गों की गर्दन रेतने की प्रैक्टिस करते रहते हैं ????
यदि हमारे एक करोड़ हिन्दू भाई मांसाहार छोड़ कर शाकाहारी बन जाएं तो ये एक खरब, 20 अरब रुपये उन बकरे , मुर्गों का गला रेतने वालों के हाथों में जाने से बच जाएंगे।
इस गर्म जलवायु के प्रदेश भारत में, हम अनेक गंभीर बीमारियों, रोगों से मुक्त हो स्वस्थ निरोग और मस्त जीवन तो जिएंगे ही, डॉक्टरों, दवाइयों पर खर्च होने वाले अरबों खरबों की भी बचत कर लेंगे।
मांसाहार में प्रतिवर्ष खर्च होने वाले एक खरब, 20 अरब रुपये हमारे सब्जी वाले, दूध, फल बेचने वाले एक लाख किसानों को रोजगार देकर, खुश हाल बनायेंगे।
और हम भविष्य के खतरों से भी बचेंगे।
तो भाइयों शाकाहारी बनो- बनाओ,
बनो स्वस्थ और देश बचाओ।
तो भाइयों शाकाहारी बनो- बनाओ,
बनो स्वस्थ और देश बचाओ।
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