29 मार्च से 1 अप्रैल तक हमारी हिमाचल में जंजेहली और शिकारी देवी की यात्रा आरंभ होने जा रही है... जिन मित्रों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है, उनसे अनुरोध है कि अपनी सुविधानुसार दिल्ली से या अपने गाँव-शहर से मंडी तक हिमाचल परिवहन की बसों में अग्रिम बुकिंग करा लें... कई बार हिमाचल परिवहन की बसों में सीटें पहले ही फुल हो जाती हैं... आपको 29 मार्च को किसी भी समय जंजेहली पहुँचना है... व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बाकी चर्चा करते रहेंगे...
और जिन मित्रों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करा लें... कुछ ही सीटें बाकी हैं...
और इस यात्रा के बारे में और ज्यादा जानने व रजिस्ट्रेशन कराने संबंधी सभी जिज्ञासाओं के लिये इस लिंक पर क्लिक करें...
मार्च के आख़िर में हम जा रहे हैं हिमाचल में जंजेहली और शिकारी देवी। शिकारी देवी मंदिर समुद्र तल से 3300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और इसलिए यहाँ से धौलाधार समेत पीर पंजाल और किन्नौर हिमालय की बर्फ़ीली चोटियाँ दिखती हैं। यह स्थान वृक्ष-रेखा से ऊपर है, इसलिए घास के मैदान भी यहाँ देखे जा सकते हैं। और मार्च-अप्रैल में बुरांश भी खिलता है। बुरांश का जंगल इस मौसम में बहुत खूबसूरत लगता है।
तो जंजेहली-शिकारी देवी यात्रा का कार्यक्रम इस प्रकार है:
29 मार्च: हिमाचल में जंजेहली पहुँचना। आपको स्वयं अपने खर्चे पर पहुँचना होगा... रास्ता इस प्रकार है - दिल्ली - चंडीगढ़ - सुंदरनगर/मंडी - जंजेहली... उत्तर भारत के प्रत्येक बड़े शहर से सीधे मंडी की बस मिल जाती है... मनाली जाने वाली बसें मंडी होकर ही जाती हैं... आज पहले दिन हम हिमाचल के एक अनजाने कोने में बसें इस सुंदर गाँव का भ्रमण करेंगे, खायेंगे, पीयेंगे और गपशप करेंगे...
30 मार्च: जंजेहली से एक गाड़ी में बैठेंगे, जो हमें शिकारी देवी से एक किलोमीटर दूर छोड़ देगी... यह एक किलोमीटर पैदल तय करेंगे... समुद्र तल से ऊँचाई 3300 मीटर... वृक्ष रेखा से ऊपर... साँस संबंधी कोई परेशानी नहीं आयेगी... यहाँ आप शिकारी देवी मंदिर तो देखोगे ही... दूर धौलाधार, पीर पंजाल और किन्नौर हिमालय के बर्फ़ीले पहाड़ भी देखोगे और ‘वृक्ष-रेखा’ भी देखोगे... पहाड़ों में ऊँचाई बढ़ने पर किस तरह पेड़ अचानक समाप्त हो जाते हैं और किस तरह अचानक घास के मैदान शुरू हो जाते हैं...
यहाँ मंदिर की धर्मशाला में रुकेंगे...
31 मार्च: शिकारी देवी से लगभग 12 किलोमीटर दूर जंजेहली है... सारा रास्ता उतराई का है... बूढ़ा केदार होते हुए जायेंगे... इसमें आपको जंगल का अनुभव मिलेगा... मार्च-अप्रैल में हिमालय में बुराँश फूलता है... जब यह फूलता है, तो इसके जंगल बड़े शानदार लगते हैं... इस अनुभव को आप कभी नहीं भूलेंगे...
1 अप्रैल: आज हम जंजेहली से वापस चल देंगे और मंडी तक रास्ते में पड़ने वाले कुछ दर्शनीय स्थानों को देखेंगे...
कुछ और बातें:
1. अपने घर से जंजेहली तक आना-जाना आपको स्वयं अपने खर्च और अपनी सुविधा के अनुसार करना होगा। रास्ता इस प्रकार है:
A. दिल्ली से मंडी 430 किमी: कश्मीरी गेट से हिमाचल परिवहन की साधारण बसों से लेकर सेमी डीलक्स, डीलक्स और वोल्वो बसें चलती हैं। अन्य राज्यों की बसें भी नियमित चलती हैं। हिमाचल की बसों में ऑनलाइन बुकिंग होती है, इसलिए आपको समय से पहले बुकिंग करानी होगी। ज्यादातर बसें रात्रिकालीन हैं, जो शाम को दिल्ली से चलती हैं और सुबह तक मंडी पहुँच जाती हैं।
B. मंडी से जंजेहली 75 किमी: नियमित रूप से सरकारी और प्राइवेट बसें चलती हैं।
2. शिकारी देवी 3300 मीटर से ऊपर स्थित है, इसलिये ठंड काफ़ी होगी। रात में तापमान शून्य के आसपास भी जा सकता है। इसलिये 4 साल से छोटे बच्चों के लिये परेशानी हो सकती है।
3. शिकारी देवी पर मंदिर की धर्मशाला में रुकना होगा। उपलब्धता के अनुसार कैंपिंग भी की जा सकती है अर्थात टैंट भी लगाये जा सकते हैं।
4. यह यात्रा फैमिली या अकेली महिला के लिये भी पूर्ण रूप से सुरक्षित है।
5. किसी भी तरह की शराब और मांसाहार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि आप यात्रा के दौरान किसी भी समय ऐसा करते हुए पाये गये, तो 2000 रुपये का जुर्माना भी लगेगा और फेसबुक पर आपका नाम भी सार्वजनिक किया जायेगा।
6. इस यात्रा के लिये 5000 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क तय किया गया है। इसमें जंजेहली में 29 मार्च को डिनर से लेकर 1 अप्रैल को ब्रेकफास्ट तक का सारा खर्च (भोजन, कमरा, टैंट, गाड़ी) शामिल है।
7. अपनी सीट बुक करने के लिये आपको 7042064959 (Deepti Singh) पर पेटीएम से 1000 रुपये प्रति व्यक्ति जमा करने होंगे। ये 1000 रुपये नॉन-रिफंडेबल होंगे और यदि आप यात्रा रद्द करते हैं तो आपको ये वापस नहीं लौटाये जायेंगे। बाकी बचे 4000 रुपये आपको यात्रा के दौरान देने होंगे। पेटीएम पर 1000 रुपये जमा करने के बाद आपको बताना होगा कि फलां नंबर से आपने रजिस्ट्रेशन कर दिया है।
8. 10 साल से ऊपर के बच्चों के भी 5000 रुपये ही लगेंगे। 10 साल या उससे छोटे बच्चों के 3000 रुपये निर्धारित किये गये हैं।
9. अधिकतम 20 सदस्य ही यात्रा पर जायेंगे। जो भी मित्र अपनी सीट बुक कर लेंगे, उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जायेगा, जहाँ इस यात्रा के बारे में सभी तरह की चर्चाएँ होंगी।
और जिन मित्रों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करा लें... कुछ ही सीटें बाकी हैं...
और इस यात्रा के बारे में और ज्यादा जानने व रजिस्ट्रेशन कराने संबंधी सभी जिज्ञासाओं के लिये इस लिंक पर क्लिक करें...
मार्च के आख़िर में हम जा रहे हैं हिमाचल में जंजेहली और शिकारी देवी। शिकारी देवी मंदिर समुद्र तल से 3300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और इसलिए यहाँ से धौलाधार समेत पीर पंजाल और किन्नौर हिमालय की बर्फ़ीली चोटियाँ दिखती हैं। यह स्थान वृक्ष-रेखा से ऊपर है, इसलिए घास के मैदान भी यहाँ देखे जा सकते हैं। और मार्च-अप्रैल में बुरांश भी खिलता है। बुरांश का जंगल इस मौसम में बहुत खूबसूरत लगता है।
तो जंजेहली-शिकारी देवी यात्रा का कार्यक्रम इस प्रकार है:
29 मार्च: हिमाचल में जंजेहली पहुँचना। आपको स्वयं अपने खर्चे पर पहुँचना होगा... रास्ता इस प्रकार है - दिल्ली - चंडीगढ़ - सुंदरनगर/मंडी - जंजेहली... उत्तर भारत के प्रत्येक बड़े शहर से सीधे मंडी की बस मिल जाती है... मनाली जाने वाली बसें मंडी होकर ही जाती हैं... आज पहले दिन हम हिमाचल के एक अनजाने कोने में बसें इस सुंदर गाँव का भ्रमण करेंगे, खायेंगे, पीयेंगे और गपशप करेंगे...
30 मार्च: जंजेहली से एक गाड़ी में बैठेंगे, जो हमें शिकारी देवी से एक किलोमीटर दूर छोड़ देगी... यह एक किलोमीटर पैदल तय करेंगे... समुद्र तल से ऊँचाई 3300 मीटर... वृक्ष रेखा से ऊपर... साँस संबंधी कोई परेशानी नहीं आयेगी... यहाँ आप शिकारी देवी मंदिर तो देखोगे ही... दूर धौलाधार, पीर पंजाल और किन्नौर हिमालय के बर्फ़ीले पहाड़ भी देखोगे और ‘वृक्ष-रेखा’ भी देखोगे... पहाड़ों में ऊँचाई बढ़ने पर किस तरह पेड़ अचानक समाप्त हो जाते हैं और किस तरह अचानक घास के मैदान शुरू हो जाते हैं...
यहाँ मंदिर की धर्मशाला में रुकेंगे...
31 मार्च: शिकारी देवी से लगभग 12 किलोमीटर दूर जंजेहली है... सारा रास्ता उतराई का है... बूढ़ा केदार होते हुए जायेंगे... इसमें आपको जंगल का अनुभव मिलेगा... मार्च-अप्रैल में हिमालय में बुराँश फूलता है... जब यह फूलता है, तो इसके जंगल बड़े शानदार लगते हैं... इस अनुभव को आप कभी नहीं भूलेंगे...
1 अप्रैल: आज हम जंजेहली से वापस चल देंगे और मंडी तक रास्ते में पड़ने वाले कुछ दर्शनीय स्थानों को देखेंगे...
कुछ और बातें:
1. अपने घर से जंजेहली तक आना-जाना आपको स्वयं अपने खर्च और अपनी सुविधा के अनुसार करना होगा। रास्ता इस प्रकार है:
A. दिल्ली से मंडी 430 किमी: कश्मीरी गेट से हिमाचल परिवहन की साधारण बसों से लेकर सेमी डीलक्स, डीलक्स और वोल्वो बसें चलती हैं। अन्य राज्यों की बसें भी नियमित चलती हैं। हिमाचल की बसों में ऑनलाइन बुकिंग होती है, इसलिए आपको समय से पहले बुकिंग करानी होगी। ज्यादातर बसें रात्रिकालीन हैं, जो शाम को दिल्ली से चलती हैं और सुबह तक मंडी पहुँच जाती हैं।
B. मंडी से जंजेहली 75 किमी: नियमित रूप से सरकारी और प्राइवेट बसें चलती हैं।
2. शिकारी देवी 3300 मीटर से ऊपर स्थित है, इसलिये ठंड काफ़ी होगी। रात में तापमान शून्य के आसपास भी जा सकता है। इसलिये 4 साल से छोटे बच्चों के लिये परेशानी हो सकती है।
3. शिकारी देवी पर मंदिर की धर्मशाला में रुकना होगा। उपलब्धता के अनुसार कैंपिंग भी की जा सकती है अर्थात टैंट भी लगाये जा सकते हैं।
4. यह यात्रा फैमिली या अकेली महिला के लिये भी पूर्ण रूप से सुरक्षित है।
5. किसी भी तरह की शराब और मांसाहार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि आप यात्रा के दौरान किसी भी समय ऐसा करते हुए पाये गये, तो 2000 रुपये का जुर्माना भी लगेगा और फेसबुक पर आपका नाम भी सार्वजनिक किया जायेगा।
6. इस यात्रा के लिये 5000 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क तय किया गया है। इसमें जंजेहली में 29 मार्च को डिनर से लेकर 1 अप्रैल को ब्रेकफास्ट तक का सारा खर्च (भोजन, कमरा, टैंट, गाड़ी) शामिल है।
7. अपनी सीट बुक करने के लिये आपको 7042064959 (Deepti Singh) पर पेटीएम से 1000 रुपये प्रति व्यक्ति जमा करने होंगे। ये 1000 रुपये नॉन-रिफंडेबल होंगे और यदि आप यात्रा रद्द करते हैं तो आपको ये वापस नहीं लौटाये जायेंगे। बाकी बचे 4000 रुपये आपको यात्रा के दौरान देने होंगे। पेटीएम पर 1000 रुपये जमा करने के बाद आपको बताना होगा कि फलां नंबर से आपने रजिस्ट्रेशन कर दिया है।
8. 10 साल से ऊपर के बच्चों के भी 5000 रुपये ही लगेंगे। 10 साल या उससे छोटे बच्चों के 3000 रुपये निर्धारित किये गये हैं।
9. अधिकतम 20 सदस्य ही यात्रा पर जायेंगे। जो भी मित्र अपनी सीट बुक कर लेंगे, उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जायेगा, जहाँ इस यात्रा के बारे में सभी तरह की चर्चाएँ होंगी।
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