CBI ने अभी इस मामले में IT ऐक्ट के सेक्शन 67-B और पॉक्सो ऐक्ट के तहत दर्ज किया है. कानून के मुताबिक चाइल्ड पॉर्न देखने, प्रड्यूस करने या रिकॉर्ड करने पर सात साल तक की जेल और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है. CBI इस केस में और भी आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है.
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