
नीला तूतिया का छिडकाव करे।तथा जड़ से लगभग डेढ़ से दो फिट दूर नाली सी बना कर उस में भी तूतिया डालकर दबा दें।

प्रभावित शाखाओं को तोड़कर दूर मिट्टी में दबा देना चाहिए। नीम गिरी के-4 प्रतिशत के घोल का छिड़काव अथवा फलों की तुड़ाई उपरांत मैलाथियान 1.5 मिली लीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर आवश्यकतानुसार छिड़काव करें।
यह रोग सूक्ष्म तत्वों की कमी के कारण होता है। गोंद निकलने वाले स्थान को साफ़ कर लें, रोगी वृक्षों में जिंक सल्फेट 250 ग्राम, कॉपर सल्फेट 250 ग्राम, बोरेक्स 125 ग्राम एवं बुझा चूना 100 ग्राम प्रति थाले की दर से मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर सिंचाई कर लें।

सोडियम नाइट्रोप्रशाइड के उपयोग से आम के फल 9 दिन तक बिलकुल ताज़ा रखे जा सकते हैं। अब किसान भाई आम के फल को उचित परिपक्वता पर तोड़ कर अपनी मर्ज़ी से तैयार करवा सकते हैं और बाजार में बेहतर भाव पा सकते हैं।
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