मार्च के आख़िर में एक और यात्रा का आयोजन हो रहा है... रैथल यात्रा की तरह ही यह भी एक शानदार यात्रा रहेगी... यात्रा चार दिनों की होगी और इसके लिए आपको देने होंगे केवल 5000 रुपये...
कार्यक्रम इस प्रकार है:
29 मार्च: हिमाचल में जंजेहली पहुँचना। आपको स्वयं ही पहुँचना होगा... रास्ता इस प्रकार है - दिल्ली - चंडीगढ़ - सुंदरनगर/मंडी - जंजेहली... उत्तर भारत के प्रत्येक बड़े शहर से सीधे मंडी की बस मिल जाती है... मनाली जाने वाली बसें मंडी होकर ही जाती हैं... आज पहले दिन हम हिमाचल के एक अनजाने कोने में बसें इस सुंदर गाँव का भ्रमण करेंगे, खायेंगे, पीयेंगे और गपशप करेंगे...
29 मार्च: हिमाचल में जंजेहली पहुँचना। आपको स्वयं ही पहुँचना होगा... रास्ता इस प्रकार है - दिल्ली - चंडीगढ़ - सुंदरनगर/मंडी - जंजेहली... उत्तर भारत के प्रत्येक बड़े शहर से सीधे मंडी की बस मिल जाती है... मनाली जाने वाली बसें मंडी होकर ही जाती हैं... आज पहले दिन हम हिमाचल के एक अनजाने कोने में बसें इस सुंदर गाँव का भ्रमण करेंगे, खायेंगे, पीयेंगे और गपशप करेंगे...
30 मार्च: जंजेहली से एक गाड़ी में बैठेंगे, जो हमें शिकारी देवी से एक किलोमीटर दूर छोड़ देगी... यह एक किलोमीटर पैदल तय करेंगे... समुद्र तल से ऊँचाई 3300 मीटर... वृक्ष रेखा से ऊपर... साँस संबंधी कोई परेशानी नहीं आयेगी... यहाँ आप शिकारी देवी मंदिर तो देखोगे ही... दूर धौलाधार, पीर पंजाल और किन्नौर हिमालय के बर्फ़ीले पहाड़ भी देखोगे और ‘वृक्ष-रेखा’ भी देखोगे... पहाड़ों में ऊँचाई बढ़ने पर किस तरह पेड़ अचानक समाप्त हो जाते हैं और किस तरह अचानक घास के मैदान शुरू हो जाते हैं...
यहाँ मंदिर की धर्मशाला में रुकेंगे...
यहाँ मंदिर की धर्मशाला में रुकेंगे...
31 मार्च: शिकारी देवी से लगभग 12 किलोमीटर दूर जंजेहली है... सारा रास्ता उतराई का है... बूढ़ा केदार होते हुए जायेंगे... इसमें आपको जंगल का अनुभव मिलेगा... मार्च-अप्रैल में हिमालय में बुराँश फूलता है... जब यह फूलता है, तो इसके जंगल बड़े शानदार लगते हैं... इस अनुभव को आप कभी नहीं भूलेंगे...
1 अप्रैल: आज हम जंजेहली से वापस चल देंगे और मंडी तक रास्ते में पड़ने वाले कुछ दर्शनीय स्थानों को देखेंगे...
इस यात्रा की और ज्यादा जानकारी के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें...
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