Sunday, February 11, 2018

book promotion

नमस्कार दोस्तों... 
जैसा कि आपको पता है कि विज्ञान विषय पर हिंदी में लिखित मेरी पुस्तक "बेचैन बंदर" की एडवांस बुकिंग 10 फरवरी, 2018 की प्रातः 10 बजे से शुरू होगी। मार्केटिंग स्ट्रेटेजी के लिये आज की स्पेशल बुकिंग सिर्फ़ 10 लोगों के लिये है।
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Condition:
बुकिंग आर्डर 10 या अधिक पुस्तकों का होगा।
Incentives:
1: 600 रूपए मूल्य प्रति कॉपी की जगह बेचैन बंदर का मूल्य आपको प्रति पुस्तक 500 देय होगा।
2: आपको पुस्तक के साथ व्यक्तिगत हस्तलिखित प्रेम सन्देश भेजा जाएगा।
3: पुस्तकों के साथ आपको बेचैन बन्दर से जुड़ा एक गिफ्ट हैंपर कूरियर किया जाएगा।
4: भविष्य में बेचैन बंदर से जुड़ा कोई भी सार्वजानिक समारोह (विमोचन अथवा प्रमोशनल) होने पर आपको व्यक्तिगत बुलावा देकर स्पेशल गेस्ट के रूप में आमंत्रित किया जाएगा तथा आपका रात्रि निवास तथा रात्रि भोज (With Tuborg) मेरी तरफ से स्पॉन्सर होगा।
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अगर कोई मित्र इस स्पेशल बुकिंग को कराना चाहें तो पेमेंट ट्रान्सफर डिटेल्स तथा अन्य फॉर्मेलिटीज के लिये कृपया मुझसे इनबॉक्स में संपर्क करें।
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धन्यवाद...
With Love...
झकझकिया

1 comment:

  1. ये लेखक विजयराज शर्मा (जो फेसबुक पर विजय सिंह ठकुराय के नाम से सक्रिय हैं,.. असली नाम क्या है, भगवान जाने) फिजिक्स को मात्र T.V. Serials जैसे कि Through the wormhole, Cosmic Collision,Ancient Aliens से ही पढ़े हुये हैं और इन्ही का सस्ता हिंदी अनुवाद कर पाठकों को प्रस्तुत कर देते हैं।

    ...अनुवाद करना कोई बुरी बात नहीं,...मगर 1000 रूपए किसी सस्ती अनुवादी- कृत किताब के??...इतना तो ओरिजिनल थॉट्स वाली विज्ञान-पुस्तकों का भी नहीं है।

    फिजिक्स आधारभूत- रूप से Higher Mathematics है। क्वांटम फिजिक्स के सिलसिले में तो यह पूर्णरूपेण Higher Maths ही है।...और इन महान अहंवादी,घमंड की पराकाष्ठा पार किये हुये लेखक श्री विजयराज शर्मा की गणित में हालत ये है कि 12th Class की कैलकुलस का आसान प्रश्न भी दे दो तो इन्हें दिन-भर लगता है, google की सहायता से सॉल्व करने में।
    ...Clerical level के कम्पटीशन ये कभी पास नहीं कर पाये, IIT या बड़े Scientific Institution की बात तो बहुत दूर की है।

    इस लेखक और इस पुस्तक ने विज्ञान और विज्ञान की शिक्षा को हास्यास्पद रूप से फंतासी और गूगलीकरण तक ही सीमित समझ लिया है, ऐसा लगता है।

    ...और विज्ञान की इस अत्यंत सीमित समझ के साथ ये सनातन धर्म के विभिन्न गूढ़ आयामों को, अपने घमण्ड-भरे अनर्गल तर्कों से, बकवास सिद्ध करने का प्रयास करते रहते हैं।

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